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स्वाईन फ्लू - सर्वाधिक प्रभावित 5 जिलों में मुख्यालय से भेजे जायेंगे प्रभारी अधिकारी

Swine flu most affected 5 districts in rajasthan - Jaipur News in Hindi

जयपुर । प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेश के सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों में स्वाइन फ्लू के उपचार के प्रति विशेष गंभीरता बरतने एवं स्वाइन फ्लू के लक्षण प्रतीत होने पर तत्काल संबंधित मरीज को टेमीफ्लू दवा प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वाइन फ्लू का डोर टू डोर स्क्रीनिंग कार्य निरन्तर जारी रखने के निर्देश दिये है। स्वाईन फ्लू से सर्वाधिक प्रभावित 5 जिलों में मुख्यालय से प्रभारी अधिकारी भेजकर स्वाईन फ्लू की रोकथाम गतिविधियों, उपचार सुविधाओं व घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कार्यों की सघन मोनिटरिंग करने के निर्देश दिये हैं।

डॉ. शर्मा ने शनिवार को शासन सचिवालय में अपने कार्यालय में आयोजित बैठक में स्वाइन फ्लू की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में स्वाइन फ्लू की स्थिति, पॉजिटिव पाए गए मामलों एवं अस्पताल में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए आने वाले मरीजों की संख्या इत्यादि के बारे में विस्तार से समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। प्रदेश में अब तक स्वाईन फ्लू पाजिटिव 2793 मामलों में जयपुर के 1140, जोधपुर के 385, उदयपुर के 167, बाडमेर के 177 एवं बीकानेर के 141 मामले शामिल है।

एक सप्ताह तक स्वाईन फ्लू रोकथाम गतिविधियों में करेंगे समन्वय

चिकित्सा मंत्री ने सर्वाधिक प्रभावित जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बाडमेर एवं बीकानेर जिलों में स्वाईन फ्लू की रोक-थाम व उपचार की गतिविधियों में प्रभावी समन्वय व सघन मोनिटरिंग के लिये एक-एक प्रभारी अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिये। उनके निर्देश पर इन पांचों जिलों के लिये प्रभारी अधिकारी तैनात कर दिये गये हैं। जयपुर जिले के लिये डा. रवि माथुर, जोधपुर के लिये डा. सुनील सिंह, उदयपुर जिले के लिये डा. गिरीश त्रिवेदी, बाड़मेर के लिये डा. सुआलाल एवं बीकानेर जिले के लिये डा. राजेन्द्र मित्तल को प्रभारी अधिकारी तैनात किया गया है। इन अधिकारियों को रविवार तक सम्बन्धित जिला मुख्यालय में पहूंचकर एक सप्ताह तक स्वाईन फ्लू की रोकथाम की गतिविधियों में समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिये गये हैं।

बाड़मेर में भी होगी जांच की सुविधा

सर्वाधिक प्रभावित 5 स्थानों में से 4 स्थानों पर स्थित मेडिकल कालेज में स्वाईन फ्लू जांच की सुविधा उपलब्ध है। शेष बाडमेर में आगामी एक सप्ताह में स्वाईन फ्लू की जांच की सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये गये हैं। बाड़मेर में अधिकृत कृष्णा लैब द्वारा यह सुविधा 6 दिन में उपलब्ध करवा दी जायेगी।

स्कूलों में प्रार्थना के समय स्वाईन फ्लू के बारे में जानकारी

प्रभारी अधिकारी सम्बन्धित जिलो में संचालित होने वाले डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग अभियान की मोनिटरिंग करेंगे। इन अधिकारियों को सम्बन्धित जिलों की सभी स्कूलों में प्रार्थना के समय स्वाईन फ्लू के बारे में जानकारी देने के साथ ही विद्यार्थियों से उनके परिवार में इस तरह के लक्षण होने की जानकारी मंगवाकर उनके घरों में विशेष स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिये गये है। हाईरिस्क ग्रुप के तथा अन्य गंभीर मरीजों को तत्काल समुचित चिकित्सा केन्द्र तक रैफर करने के निर्देश दिये गये हैं। स्वाईन फ्लू की रोकथाम के लिये आंगनवाड़ी कार्यकताओं एवं आशा कार्यकर्ताओं का भी सक्रिय सहयोग लेेने के साथ ही उनके द्वारा चिन्हित व्यक्तियों को एएनएम के माध्यम से टेमी फ्लू दिलवाने के लिये कहा गया है।

सैम्पल की शीघ्र जांच के लिये अतिरिक्त वाहन

चिकित्सा मंत्री ने स्वाईन फ्लू की जांच की व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा कर स्वाईन फ्लू की जांच के सैम्पल की जांच कर यथाशीघ्र रिपोर्ट हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिये। उन्होंने स्वाईन फ्लू के सैम्पल कलेक्शन सेन्टर से जांच केन्द्र तक यथाशीघ्र भिजवाने के लिये प्रभावित सभी 24 जिला मुख्यालयों पर एक-एक अतिरिक्त वाहन उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिये हैं।

स्वाइन फ्लू के लक्षण प्रतीत होते ही चिकित्सक से संपर्क करें

चिकित्सा मंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वाइन फ्लू के संबंध में विशेष सावधानी बरतने एवं स्वाइन फ्लू के लक्षण सर्दी जुकाम और खांसी, नाक बहने इत्यादि होने पर तत्काल निकटवर्ती चिकित्सा संस्थान में जाकर चिकित्सक से परामर्श लेने एवं चिकित्सक की सलाह पर जांच कराने तथा तत्काल टेमीफ्लू दवा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू का प्रारंभिक अवस्था में पूर्ण उपचार आसानी से संभव है, लेकिन लापरवाही बरतने पर एवं देरी होने पर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए अलग से आउटडोर

चिकित्सा मंत्री डा. रघु शर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए अलग से आउटडोर, अलग से आइसोलेशन वार्ड इत्यादि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। स्वाइन फ्लू की जांच प्रदेश के 7 राजकीय मेडिकल कॉलेजों एवं डीएमआरसी जोधपुर सहित चार निजी लैब में अधिकृत रूप से की जा रही है। जांच सुविधाओं में विस्तार के लिए भी आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। समीक्षा बैठक में निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ वी. के. माथुर सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।

पांच दिन में 45 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग

डॉ. शर्मा के निर्देश पर स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए 4 फरवरी से 9 फरवरी तक जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और अजमेर जिलों में संचालित सघन स्क्रीनिंग अभियान के तहत शुक्रवार तक 11 लाख 1 हजार 981 घरों में जाकर 45 लाख 32 हजार 938 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गयी। स्क्रीनिंग के दौरान इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस पाए जाने पर अब तक 1 लाख 27 हजार 267 व्यक्तियों को आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया। इनमें से 1 लाख 20 हजार 597 में व्यक्ति सामान्य सर्दी, जुकाम से पीड़ित पाए गए। अब तक की गयी स्क्रीनिंग के दौरान मामूली सर्दी, जुकाम से पीड़ित पाए गए व्यक्तियों में 389 गर्भवती महिलाओं, 470 हाई रिस्क गु्रप के व्यक्तियों तथा स्वाइन फ्लू बी कैटेगरी में चिन्हित 1494 व्यक्तियों को जांच कराने के परामर्श के साथ ही उनका उपचार प्रारंभ किया गया।

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