• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

सक्ति में भक्ति ज्ञान गंगा नानी बाई रो मायरो का भव्य समापन, भक्ति रस में डूबा पूरा नगर

Grand Conclusion Of Nani Bai Ro Mayro Katha Immerses Sakti In Devotion And Spiritual Bliss - Sakti News in Hindi

सक्ति (छत्तीसगढ़)। सक्ति नगर में पिछले तीन दिनों से बह रही भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा की अविरल धारा का गुरुवार को भावपूर्ण वातावरण में भव्य समापन हो गया। अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास एवं अध्यात्म प्रवक्ता परम पूज्य दीदी श्री राधा किशोरी जी, श्री धाम वृंदावन के सानिध्य में आयोजित तीन दिवसीय “नानी बाई रो मायरो” कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा पंडाल भगवान श्रीकृष्ण और सांवरा सेठ के जयकारों से गूंज उठा तथा पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्री श्याम परिवार, राधा सखी मंडल, अखिल भारतीय महिला मंडल तथा सक्ति नगर के प्रबुद्ध नागरिकों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशाल धार्मिक आयोजन के समापन दिवस पर श्रद्धालुओं में अद्भुत उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही कथा स्थल पर भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था और शाम तक पूरा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा नजर आया। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हर आयु वर्ग के लोगों ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।
अंतिम दिवस पर भावुक हुए श्रद्धालु

कथा के अंतिम दिन दीदी राधा किशोरी जी ने “नानी बाई रो मायरो” के अत्यंत मार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने भगवान के प्रति सच्ची भक्ति, समर्पण और अटूट विश्वास का संदेश देते हुए कहा कि जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा से प्रभु का स्मरण करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट स्वतः दूर हो जाते हैं। उनके मुखारविंद से निकले भावपूर्ण प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को गहरे आध्यात्मिक भाव में डुबो दिया।
कथा के दौरान कई श्रद्धालु भावुक होकर रो पड़े। पूरा कथा स्थल “राधे-राधे”, “श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम” और “सांवरिया है सेठ म्हारी” जैसे भजनों से गुंजायमान हो उठा। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते दिखाई दिए। कई भक्त हाथों में मंजीरे और झांझ लेकर संकीर्तन में लीन नजर आए।
नरसी जी के प्रसंग ने बांधा समां

समापन दिवस पर नरसी जी के जीवन से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया गया। दीदी राधा किशोरी जी ने बताया कि कैसे भगवान की कृपा और सच्ची भक्ति ने नरसी जी के जीवन को बदल दिया। उन्होंने कहा कि भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि वह असंभव को भी संभव बना सकती है। कथा के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियां आएं, लेकिन भगवान के प्रति विश्वास कभी कमजोर नहीं होना चाहिए।
कथा के दौरान श्रद्धालु बार-बार भगवान श्रीकृष्ण और सांवरा सेठ के जयकारे लगाते रहे। पूरा पंडाल भक्ति रस में ऐसा डूबा कि हर ओर केवल आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा का वातावरण दिखाई दिया।
भजन संध्या ने बांधा समां
समापन अवसर पर आयोजित भजन संध्या ने पूरे आयोजन को और भी विशेष बना दिया। जैसे ही “कीर्तन की है रात, प्रभु आज थाने आना है” और “राधा नाम बड़ी सुखदायी” जैसे भजनों का गायन हुआ, श्रद्धालु भक्ति में सराबोर हो उठे। महिलाओं ने भक्ति गीतों पर पारंपरिक अंदाज में नृत्य किया जबकि युवाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ संकीर्तन में भाग लिया।
दीदी राधा किशोरी जी की मधुर वाणी और भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कई भक्तों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बताया।

महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन

कथा के अंतिम चरण में भगवान श्रीकृष्ण और सांवरा सेठ की भव्य महाआरती की गई। आरती के दौरान पूरा पंडाल दीपों की रोशनी और भक्ति के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना करते हुए आरती में भाग लिया।
इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सक्ति नगर में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि लोगों में धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों के प्रति गहरी आस्था है।

आयोजन समिति ने जताया आभार

आयोजन समिति ने कथा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और नगरवासियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। समिति के सदस्यों ने कहा कि तीन दिनों तक चली यह भक्ति ज्ञान गंगा सक्ति नगरवासियों के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक उत्सव बन गई है।
समिति ने यह भी कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज में भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार किया जाता रहेगा।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Grand Conclusion Of Nani Bai Ro Mayro Katha Immerses Sakti In Devotion And Spiritual Bliss
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: sakti news, nani bai ro mayro, radha kishori ji, bhakti katha, spiritual event, krishna bhakti, shyam parivar, sakti chhattisgarh, religious news, bhajan sandhya, sanatan dharma, katha samaroh, spiritual program, devotional event, astrology in hindi, sakti news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:

जीवन मंत्र

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved