• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

जिन इलाकों में लगे होते हैं खूब सारे पेड़, वहां बुजुर्ग आबादी रहती है डिप्रेशन से कोसों दूर: स्टडी में खुलासा

Study Reveals: Elderly Living in Tree-Rich Areas Stay Far Removed from Depression - Health Tips in Hindi

सिडनी । संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, डिप्रेशन एक आम मानसिक विकार है। इससे दुनिया के लगभग 28.0 करोड़ लोग जूझ रहे हैं। आंकड़ों की मानें तो दुनिया के 5.7 फीसदी बुजुर्ग डिप्रेशन से पीड़ित हैं। डिप्रेशन की वजह अनगिनत हैं, लेकिन हाल की एक स्टडी कैसे इससे बचा जा सकता है इस ओर ध्यान दिलाती है। ऑस्ट्रेलिया में हुए एक लंबे समय तक चले अध्ययन में पाया गया है कि अधिक वृक्षों वाले इलाकों में रहने से बुजुर्गों में बढ़ती उम्र के दौरान अवसाद (डिप्रेशन) से बचाव में मदद मिल सकती है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने ऑस्ट्रेलिया की 'न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के सिडनी सेंटर फॉर हेल्दी ब्रेन एजिंग' (सीएचईबीए) की ओर से सोमवार को जारी रिपोर्ट के हवाले से बताया कि 'जर्नल ऑफ अफेक्टिव डिसऑर्डर्स' में प्रकाशित यह शोध स्वस्थ उम्र बढ़ने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अर्बन प्लानिंग की संभावित भूमिका को रेखांकित करता है। सीएचईबीए ने ऑस्ट्रेलियन कैथोलिक यूनिवर्सिटी के सहयोग से यह अध्ययन किया। इसमें 70 से 90 वर्ष की आयु के 1,000 से अधिक बुजुर्ग ऑस्ट्रेलियाई लोगों को शामिल किया गया और 12 वर्षों तक उनका अध्ययन किया गया। शोध में पाया गया कि जिन लोगों ने ऐसे इलाकों में जीवन बिताया जहां पेड़ों की छाया और हरियाली अधिक थी, उनमें समय के साथ अवसाद के लक्षण कम देखने को मिले।
शोधकर्ताओं ने यह जांच की कि आसपास के पर्यावरण से जुड़ी कौन-कौन सी चीजें जैसे पेड़ों की छतरी (ट्री कैनोपी), पार्क, समुद्र, नदियों और झीलों तक पहुंच, जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता और वायु प्रदूषण अवसाद के लक्षणों में बदलाव से जुड़ी हैं।
अध्ययन में कहा गया कि लंबे समय तक अधिक पेड़ों वाले वातावरण में रहने का संबंध लगातार कम अवसाद स्तर से पाया गया। शोधकर्ताओं ने बताया कि दुनिया भर में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग हर पांच वयस्कों में से एक व्यक्ति अवसाद से प्रभावित होता है।
हालांकि, अध्ययन में यह पाया गया कि अन्य पर्यावरणीय कारकों, जैसे पार्कों की उपलब्धता, समुद्र या जल क्षेत्रों (ब्लू स्पेस) तक पहुंच, सेवाओं की उपलब्धता या लंबे समय तक कम स्तर के वायु प्रदूषण के संपर्क का अवसाद के लक्षणों पर कोई स्पष्ट और लगातार प्रभाव नहीं दिखा।
शोधकर्ताओं के अनुसार, शहरों में अधिक पेड़ लगाने और हरित क्षेत्रों को बढ़ावा देने जैसी योजनाएं बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Study Reveals: Elderly Living in Tree-Rich Areas Stay Far Removed from Depression
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: elderly living, tree
Khaskhabar.com Facebook Page:

लाइफस्टाइल

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री एवं सभी तरह के विवादों का न्याय क्षेत्र जयपुर ही रहेगा।
Copyright © 2026 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved