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ब्रिक्स ने परमाणु अप्रसार को बताया जरूरी, बहुपक्षीय व्यवस्था मजबूत करने पर भी दिया जोर

BRICS terms nuclear non-proliferation essential; also emphasizes strengthening the multilateral system. - Delhi News in Hindi

नई दिल्ली,। भारत की अध्यक्षता में हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों की सहमति से साझा बयान जारी किया गया। दुनिया में बढ़ते परमाणु खतरे और संघर्ष के जोखिम पर चिंता जताते हुए निरस्त्रीकरण, हथियार नियंत्रण और परमाणु अप्रसार की व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है। 140 प्वाइंट के प्रस्ताव में से 40 वां भारत के लिहाज से काफी अहम है। इसमें पहलगाम हमले की निंदा की गई है और टेरर फंडिंग पर सख्ती से निपटने की बात है। दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन सत्र के समापन पर इसे जारी किया गया। सदस्य देशों ने वैश्विक शांति, सुरक्षा, स्थिरता और अधिक न्यायसंगत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। शिखर सम्मेलन की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण” है।
ब्रिक्स नेताओं ने संगठन के दो दशकों के अनुभव के आधार पर विस्तारित ब्रिक्स में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए राजनीतिक एवं सुरक्षा, आर्थिक एवं वित्तीय तथा सांस्कृतिक और जन-से-जन सहयोग के तीन प्रमुख स्तंभों के तहत काम आगे बढ़ाया जाएगा।
नेताओं ने आपसी सम्मान और समझ, संप्रभु समानता, एकजुटता, लोकतंत्र, खुलेपन, समावेशिता, सहयोग और सर्वसम्मति की भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का उद्देश्य सदस्य देशों के लोगों के हित में शांति, अधिक प्रतिनिधित्व वाली और न्यायसंगत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, मजबूत एवं सुधारित बहुपक्षीय प्रणाली, सतत विकास और समावेशी आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देना है।
परमाणु सुरक्षा के मुद्दे पर ब्रिक्स ने कहा कि दुनिया में परमाणु खतरे और संघर्ष के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए निरस्त्रीकरण, हथियार नियंत्रण और परमाणु अप्रसार की व्यवस्था को फिर से प्रभावी बनाने की जरूरत है। नेताओं ने कहा कि वैश्विक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए इन व्यवस्थाओं की अखंडता और प्रभावशीलता को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
ब्रिक्स ने परमाणु हथियार मुक्त क्षेत्रों के महत्व को भी रेखांकित किया। नेताओं ने कहा कि ऐसे क्षेत्र वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। समूह ने मौजूदा सभी परमाणु हथियार मुक्त क्षेत्रों के प्रति अपना समर्थन और सम्मान दोहराया तथा उनसे जुड़े परमाणु हथियारों के इस्तेमाल या इस्तेमाल की धमकी के खिलाफ सुरक्षा आश्वासनों का भी समर्थन किया।
नेताओं ने मध्य पूर्व को परमाणु हथियारों और अन्य सामूहिक विनाश के हथियारों से मुक्त क्षेत्र बनाने की दिशा में प्रयासों को तेज करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र महासभा के निर्णय 73/546 के तहत बुलाई गई सम्मेलन प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए सभी आमंत्रित पक्षों से सद्भावना के साथ इसमें भाग लेने और रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ने का आह्वान किया।
ब्रिक्स नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 79/241, “परमाणु हथियार मुक्त क्षेत्रों के सभी पहलुओं से संबंधित व्यापक अध्ययन," को अपनाए जाने और अध्ययन के सफल निष्कर्ष का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस अध्ययन को समूह ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया है।
वहीं, 40वां और 41वां प्वाइंट आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की बात करता है। इसमें कहा गया कि समूह आतंकवाद के किसी भी कृत्य को आपराधिक और अनुचित बताते हुए इसकी कड़ी निंदा करता है भले ही उनकी प्रेरणा कुछ भी हो, जब भी, कहीं भी और किसी ने भी किया हो। फिर पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा, "हम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, जिसमें 26 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। हम आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, टेरर फंडिंग और सुरक्षित पनाहगाहों सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद से लड़ने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।"
आगे कहा गया, "हम दोहराते हैं कि आतंकवाद को किसी भी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और आतंकवादी गतिविधियों और उनके समर्थन में शामिल सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। हम आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता सुनिश्चित करने और आतंकवाद का मुकाबला करने में दोहरे मानकों को अस्वीकार करने का आग्रह करते हैं।"
ब्रिक्स काउंटर-टेररिज्म वर्किंग ग्रुप (सीटीडब्ल्यूजी) का भी इसमें उल्लेख है। आगे कहा, "सीटीडब्ल्यूजी और उसके पांच उपसमूहों की गतिविधियों का स्वागत करते हैं जो ब्रिक्स काउंटर-टेररिज्म रणनीति, ब्रिक्स काउंटर-टेररिज्म एक्शन प्लान और सीटीडब्ल्यूजी पोजिशन पेपर पर आधारित हैं। हम आतंकवाद विरोधी सहयोग को और गहरा करने के लिए तत्पर हैं। हम अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन को शीघ्र अंतिम रूप देने और अपनाने का आह्वान करते हैं।"
41वें प्वाइंट में अंतरराष्ट्रीय नियमों के हवाले से आगे कहा, "हम संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित सभी आतंकवादियों और आतंकवादी संस्थाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान करते हैं। हम विशेष रूप से युवा पीढ़ी के बीच उग्रवाद और कट्टरपंथ का मुकाबला करने के महत्व पर भी जोर देते हैं और ब्रिक्स देशों और उनके सक्षम अधिकारियों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने सहित सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर देते हैं।"
इसके अलावा, ब्रिक्स नेताओं ने संगठन के सहयोग में साझेदार देशों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उभरते बाजारों और विकासशील देशों के साथ ब्रिक्स साझेदारी को आगे बढ़ाने से एकजुटता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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