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अधिक मास में गूंजा श्रीमद्भागवत का अमृत, धुंधकारी उपाख्यान सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

Shrimad Bhagwat Katha Begusarai: Devotees Immersed in Divine Bhakti During Adhik Maas Event - Begusarai News in Hindi

बिहार के बेगूसराय जिले के मझोल गांव में अधिक मास के पावन अवसर पर आयोजित विशाल श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ अत्यंत भक्ति और श्रद्धा के वातावरण में हुआ। 22 मई 2026 को कथा के प्रथम दिवस पर पूरे क्षेत्र में भक्ति रस की अनूठी धारा बहती दिखाई दी। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए, जहां “जय श्रीकृष्ण” और “राधे-राधे” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बन गया। गांव के लोगों में कथा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला और श्रद्धालु कथा प्रारंभ होने से पहले ही कथा पंडाल में पहुंचने लगे। इस भव्य धार्मिक आयोजन में वृंदावन से पधारे भागवत प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय संत बाल व्यास श्री बाल प्रभु जी महाराज ने अपने श्रीमुख से कथा अमृत की वर्षा की। कथा प्रारंभ होने से पूर्व मुख्य यजमान एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर संत श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद बाल प्रभु जी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं संस्कृत श्लोकों के माध्यम से मंगलाचरण करते हुए भगवान श्रीहरि का वंदन किया। जैसे ही भगवान के नाम संकीर्तन के साथ कथा का शुभारंभ हुआ, पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। श्रद्धालु भजनों पर झूमते और तालियों की गूंज के साथ हरिनाम संकीर्तन में लीन दिखाई दिए। कथा के प्रथम दिवस पर संत श्री ने श्रीमद्भागवत महात्म्य के अंतर्गत धुंधकारी उपाख्यान का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने धुंधकारी के जीवन प्रसंग के माध्यम से मानव जीवन में पाप, मोह और अधर्म के परिणामों को सरल एवं प्रभावशाली शैली में समझाया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि किस प्रकार परम संत गुरु गोकर्ण जी ने अपने भाई धुंधकारी का उद्धार श्रीमद्भागवत कथा के अमृतमय श्रवण से कराया। महाराज श्री ने कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा के शुद्धिकरण और समाज के कल्याण का दिव्य माध्यम है।
बाल प्रभु जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा श्रवण की विधि और उसके आध्यात्मिक महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि अधिक मास में भागवत कथा का श्रवण करने से पितरों की शांति प्राप्त होती है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। कथा के माध्यम से उन्होंने गांववासियों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पर पहुंचकर इस अमृतमयी कथा का लाभ प्राप्त करें।
कथा के दौरान कई ऐसे भावुक क्षण भी आए जब श्रद्धालु संत श्री के भजनों और भावपूर्ण प्रसंगों को सुनकर भावविभोर हो उठे। महिलाएं, पुरुष और युवा भक्तजन भक्ति में लीन होकर नृत्य करते दिखाई दिए। पूरा वातावरण मानो वृंदावन धाम की अनुभूति करा रहा था। श्रद्धालुओं का कहना था कि अधिक मास में इस प्रकार की कथा का आयोजन गांव के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का संदेश लेकर आया है।
आयोजकों ने जानकारी दी कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन सात दिनों तक निरंतर चलेगा। प्रतिदिन सायंकाल 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा को लेकर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भी विशेष उत्साह बना हुआ है। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर कथा श्रवण करने और धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं मीडिया सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विशेष रूप से “खास खबर डॉट कॉम परिवार जयपुर” का धन्यवाद ज्ञापित किया गया, जिन्होंने इस धार्मिक आयोजन को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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Web Title-Shrimad Bhagwat Katha Begusarai: Devotees Immersed in Divine Bhakti During Adhik Maas Event
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