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खेती-किसानीः अस्तावन के नारायण सिंह ने बिना डीएपी और यूरिया के खेत में लहलहाई फसल

Agriculture: Narayan Singh of Astavan has grown a flourishing crop in his field without using DAP or urea - Deeg News in Hindi

डीग। राज्य सरकार के निर्देशन में आयोजित किए जा रहे एक दिवसीय ग्राम उत्थान शिविर जिले के ग्रामीणों के लिए खुशहाली का नया मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। जिले की प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर आयोजित इन शिविरों की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक कुल 49 शिविरों के माध्यम से 30,590 नागरिकों ने प्रशासनिक सेवाओं और विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त किया है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के लाभ को गाँव की चौपाल तक पहुँचाना और किसानों को आधुनिक एवं उन्नत तकनीकों से जोड़ना है। इसी कड़ी में कुम्हेर तहसील के ग्राम अस्तावन के एक प्रगतिशील किसान नारायण सिंह पुत्र भगवान सिंह की सफलता कहानी अन्य काश्तकारों के लिए प्रेरणा बन रही है। नारायण सिंह ने इन शिविरों से प्राप्त जानकारी और प्रोत्साहन के बाद अपने खेत में रसायनों का त्याग कर पूरी तरह से प्राकृतिक खेती को अपनाया है। उन्होंने बिना डीएपी और यूरिया के उपयोग के, देशी पद्धति से तैयार जैविक काढ़े का छिड़काव कर अपनी फसल को लहलहाया है। नारायण सिंह ने स्वयं के स्तर पर 50 लीटर का ड्रम, जार और स्प्रे मशीन जैसे संसाधन जुटाकर गाय के गोबर, गोमूत्र, बेसन, आटा, गुड़ और विभिन्न पेड़ों के पत्तों के मिश्रण से एक प्रभावशाली खाद तैयार की है। उनके अनुसार, इस पद्धति से न केवल फसल निरोग और स्वस्थ होती है, बल्कि कृषि लागत में भी भारी कमी आती है। साथ ही, उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु किसानों को 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का भी प्रावधान है।
शिविरों के सांख्यिकीय आंकड़ों पर नजर डालें तो इनमें जनभागीदारी का उत्साह अभूतपूर्व रहा है। अब तक शिविरों में 618 जन प्रतिनिधियों सहित 1,287 विभागीय अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है और ये अकड़ा निरन्तर बढ़ रहा है। विभागीय उपलब्धियों के तहत अब तक 10,478 पशुओं का प्राथमिक उपचार और कृमिनाशक दवा पिलाई गई है, जबकि 2,500 पशुपालकों का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकरण किया जा चुका है।
राजस्व और ऊर्जा क्षेत्र में भी शिविरों ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पंचायती राज विभाग द्वारा 544 ग्रामीणों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए हैं और 342 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण पूरा किया गया है। वहीं, पर्यावरण संरक्षण और बिजली बचत की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 1,187 नागरिकों ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत पंजीकरण कराया है।
इसके अतिरिक्त, किसानों की वित्तीय सहायता के लिए 678 किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन प्राप्त किए गए हैं और 5,379 लोगों को सहकारी ऋण योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की गई हैं। राज्य सरकार का यह प्रयास न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहा है, बल्कि अस्तावन के नारायण सिंह जैसे किसानों के माध्यम से जिले में टिकाऊ और रसायन मुक्त कृषि की एक नई संस्कृति को भी जन्म दे रहा है।

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Web Title-Agriculture: Narayan Singh of Astavan has grown a flourishing crop in his field without using DAP or urea
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