• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद तैनाती स्थल पर रात नहीं गुजारते अफसर!

Despite the order of Chief Minister, the officer not working at night at the deployment site! - Lucknow News in Hindi

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तमाम हिदायतों के बाद भी बांदा जिले की विभिन्न तहसीलों में तैनात उपजिलाधिकारी अपना ठिकाना नहीं बदल रहे हैं। तहसील मुख्यालयों में सरकारी आवास होने के बावजूद सभी उपजिलाधिकारी जिला मुख्यालय को ही अपना ठिकाना बनाए हुए हैं। अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि सभी उपजिलाधिकरियों को शासनादेश के मुताबिक जिला मुख्यालय में आवास आवंटित किए गए हैं। जिला मुख्यालय में रात गुजारना शासनादेश का उल्लंघन नहीं है।"

जब उनसे पूछा गया कि सभी उपजिलाधिकारी शाम पांच बजे के बाद तहसील मुख्यालय छोड़ कर जिले में हाजिर हो जाते हैं, ऐसे में अन्य प्रशासनिक कामों और आम आदमी के कामों का निपटारा कैसे होता है? तो उन्होंने कहा कि शाम पांच बजे के बाद ज्यादातर काम पुलिस विभाग से जुड़े होते हैं, तो क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष उपजिलाधिकारी से आपसी सामंजस्य बनाकर निपटारा कर लेते हैं।" जब उन्हें ध्यान दिलाया गया कि एक नवंबर को मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सूबे के सभी तहसील स्तरीय राजस्व और पुलिस अधिकारियों को अपने तैनाती स्थल पर 24 घंटे मौजूद रहने की हिदायत दी थी, तो अपर जिलाधिकारी ने कहा कि हिदायतें तो मिलती ही रहती हैं।" उल्लेखनीय है कि उपजिलाधिकारियों के हाजिर न रहने पर सबसे ज्यादा परेशानी पुलिस अधिकारियों को झेलनी पड़ रही है।

पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) नरैनी ओमप्रकाश ने कहा, "खनिज विभाग ने 17 अप्रैल, 2017 को जारी शासनादेश संख्या-355 (2)/86-2017-371/2005 के द्वारा राजस्व और पुलिस अधिकारियों का एक संयुक्त विशेष कार्यबल का गठित किया है, जिसमें अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी उपजिलाधिरी (एसडीएम) और पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) को सौंपी गई है। लेकिन, उपजिलाधिकारी (नरैनी) कार्य दिवस में सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक तो तहसील मुख्यालय पर मौजूद रहते हैं, लेकिन इसके बाद वह जिला मुख्यालय रवाना हो जाते हैं। ऐसे में अवैध बालू खनन की सूचना पर या कोई सड़क दुर्घटना होने पर सड़क जाम की स्थिति से निपटने में अकेले पुलिस को जूझना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि 16 मार्च, 2018 को प्रमुख सचिव ने जारी एक पत्र में कहा है कि अवैध बालू खनन पर कोई भी पुलिस अधिकारी सीधे कार्रवाई नहीं करेगा और अवैध खनन की सूचना विशेष कार्यबल को देगा। ऐसा न करने पर उनकी संलिप्तता मानी जाएगी।" सीओ ने कहा, "प्रमुख सचिव के पत्र से पुलिस अधिकारियों की स्थिति सांप और छछूंदर जैसी बनी हुई है। रात में ही ज्यादातर अवैध खनन की सूचनाएं मिलती हैं। उस समय उपजिलाधिकारी 35 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय में होते हैं। पुलिस को सीधे कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है और कार्रवाई न करने पर 'संलिप्तता' का डर सता रहा है।" पुलिस क्षेत्राधिकारी (अतर्रा) कुलदीप सिंह भी यही बात कहते हैं।

उन्होंने कहा कि उपजिलाधिकारी अपने कार्य दिवस के सात घंटे तक तो तहसील में रहते हैं। इसके बाद वह जिला मुख्यालय चले जाते हैं। बालू का अवैध खनन हो या आम आदमी की अन्य समस्याएं, अकेले झेलना पड़ता है। बालू का अवैध खनन रोकने में पुलिस के लिए सबसे बड़ा रोड़ा प्रमुख सचिव का पत्र है, जिस पर हम अकेले कोई कदम नहीं उठा सकते हैं। इसका फायदा बालू माफिया उठा रहे हैं। यहां बता दें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक नवंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सूबे के सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और पुलिस क्षेत्राधिकारियों को अपनी तैनाती स्थल के ही सरकारी आवास में रात गुजारने और क्षेत्र में उपलब्ध रहने की कड़ी हिदायत दी थी।

-आईएएनएस

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Despite the order of Chief Minister, the officer not working at night at the deployment site!
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: despite, order of chief minister, the officer, not working, night, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, lucknow news, lucknow news in hindi, real time lucknow city news, real time news, lucknow news khas khabar, lucknow news in hindi
Khaskhabar UP Facebook Page:
स्थानीय ख़बरें

उत्तर प्रदेश से

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

Copyright © 2018 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved