• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
1 of 1

जयललिता की संपत्ति अधिग्रहण के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट पहुंची भतीजी दीपा

Niece Deepa reached Madras High Court against Jayalalithaa property acquisition - Chennai News in Hindi

चेन्नई। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे. जयललिता की संपत्ति का अधिग्रहण करने के खिलाफ उनकी भतीजी जे. दीपा ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की संपत्ति को अधिग्रहित करने के लिए तमिलनाडु सरकार ने अध्यादेश जारी किया है। इसके अलावा जयललिता की सभी चल-अचल संपत्तियों को सूचीबद्ध किया गया है।

राज्य सरकार जयललिता के निवास स्थान वेदा निलयम को स्मारक बनाने जा रही है। इसी कारण से सरकार ने सभी संपत्ति को अधिग्रहित किया है, जिसमें जयललिता के कपड़े, किताबों के अलावा निजी उपयोग की कई बहुमूल्य वस्तुएं भी शामिल हैं। अब उनकी भतीजी दीपा ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

उन्होंने तमिलनाडु सरकार द्वारा जयललिता के पोएस गार्डन निवास वेदा निलयम के अधिग्रहण के कदम के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है।

हाईकोर्ट ने हाल ही में दीपा और उनके भाई जे. दीपक को जयललिता की पैतृक और स्व-अर्जित संपत्ति का उत्तराधिकारी घोषित किया था। उन्हें जयललिता के कानूनी उत्तराधिकारी के तौर पर माना गया है।

दीपा ने कहा कि पोएस गार्डन निवास को उनकी दादी एन. आर. संध्या उर्फ वेधा जयरामन ने वर्ष 1967 में खरीदा था।

निवास का वेदा निलयम नाम उनकी दादी के नाम पर ही रखा गया था।

दीपा ने यह भी कहा कि वेदा निलयम के अधिग्रहण से जयललिता की संदिग्ध मौत की जांच करने वाले जस्टिस अरुमुगास्वामी आयोग की कार्यवाही बाधित होगी।

दीपा ने अपनी याचिका में कहा, अधिग्रहण को तुरंत रोकना होगा, नहीं तो माननीय न्यायमूर्ति अरुमुगास्वामी आयोग के लिए जरूरी सबूत खत्म हो सकते हैं। राज्य सरकार दो रुख नहीं ले सकती। एक तरफ एक आयोग नियुक्त किया गया है और दूसरी तरफ अधिग्रहण की कार्यवाही हो रही है।

दीपा ने अपनी दलील में कहा कि राज्य सरकार का रवैया निश्चित रूप से इस तरह की किसी भी जांच को प्रभावित करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि मरीना में स्मारक का निर्माण पूरा करने के बजाय तमिलनाडु सरकार उनकी पैतृक संपत्ति हासिल करने और इसे स्मारक के रूप में परिवर्तित करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने दलील पेश करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान वेदा निलयम को स्मारक के रूप में परिवर्तित करने के लिए कोई अध्यादेश लाने की कोई आवश्यकता नहीं है। दीपा ने कहा कि महामारी ने हमारे कानूनी विकल्पों और संपत्ति के मामलों और अदालती मामलों से संबंधित सभी कार्यों में बाधा डाली है।

दीपा ने अपनी याचिका में कहा, कपड़ों और गहनों सहित एक महिला के निजी सामानों को लेकर राज्य सरकार की ओर से यह एक बहुत ही शर्म की बात है। यह अनुचित और अश्लील है और एक महिला की गरिमा को नुकसान पहुंचाता है। मैं अपनी चाची के लिए इस तरह के कृत्यों के लिए किसी भी प्रकार के अपमान की अनुमति नहीं दे सकती, वह मेरी मेरे लिए एक मां की तरह थीं।

गौरतलब है कि दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता की चल संपत्तियों में 4.37 किलो सोना, 60.1.42 किलो चांदी, 162 चांदी की वस्तुएं, 11 टीवी सेट्स, 10 फ्रिज, 38 एयर कंडीशनर, 556 फर्नीचर के सामान, 6514 रसोई के बर्तन, 8,376 किताबें, 10,438 कपड़ें, मोबाइल फोन सहित 29 टेलीफोन आदि शामिल हैं।

इसके अलावा अचल संपत्तियों में दो आम के, एक कटलह, पांच नारियल और पांच केले के पेड़ शामिल हैं। (आईएएनएस)

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Niece Deepa reached Madras High Court against Jayalalithaa property acquisition
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Tags: j jayalalithaa, j deepa, madras high court j jayalalithaa property acquisition, jayalalithaa property acquisition, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, chennai news, chennai news in hindi, real time chennai city news, real time news, chennai news khas khabar, chennai news in hindi
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

Copyright © 2020 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved