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Paniyala Operation – When the police caught a gangster with a bounty - Kotputli-behrore News in Hindi

कोटपूतली-बहरोड़।राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ ज़िले की सर्द हवा उस शाम कुछ ज्यादा ही भारी थी। दिनांक 18 अक्टूबर 2025 — शाम का वक्त, जब सड़कों पर हल्की धुंध उतरने लगी थी। तभी पनियाला थाना और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) की संयुक्त कार्रवाई ने एक ऐसी गिरफ्तारी अंजाम दी, जिसने हरियाणा और राजस्थान दोनों राज्यों के अपराध जगत में खलबली मचा दी। ऑपरेशन की शुरुआत: एक सूचना, जिसने मोर्चा खुलवाया राजस्थान पुलिस मुख्यालय से निकले आदेश साफ़ थे — “संगठित अपराधों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस।” इसी विशेष अभियान के तहत कोटपूतली-बहरोड़ जिले की डीएसटी और पनियाला थाना पुलिस को निर्देश मिले कि वांछित अपराधियों की धरपकड़ तेज़ की जाए। देवेन्द्र सिंह बिश्नोई (IPS), पुलिस अधीक्षक, कोटपूतली-बहरोड़ ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और वृत्ताधिकारी राजेन्द्र बुरडक के सुपरविजन में एक संयुक्त टीम गठित की। ऑपरेशन का नेतृत्व थानाधिकारी रणवीर सिंह के हाथों में सौंपा गया। आदेश स्पष्ट था — “हर कीमत पर वांछित अपराधी संजय जाट को पकड़ना है।” खुफिया अलर्ट: ‘लॉरेंस बिश्नोई’ गैंग से जुड़ा नाम डीएसटी टीम के हेडकांस्टेबल विक्रम सिंह और सत्यपाल इलाके में वांछित अपराधियों की तलाश कर रहे थे, जब उन्हें एक अहम सूचना मिली। सूत्रों ने बताया — “लॉरेंस बिश्नोई और हरि बॉक्सर गैंग का गुर्गा संजय जाट इस वक्त कोटपूतली इलाके में छिपा है। उसके पास भारी मात्रा में अवैध हथियार हैं।” यह वही संजय जाट था, जो बानसूर थाना क्षेत्र के सुनिल उर्फ टुल्ली मर्डर केस में नामजद था और उस पर ₹25,000 का इनाम घोषित था। नाकाबंदी की रात: बिंजाहेड़ा रोड पर दहशत और इंतज़ार सूचना मिलते ही थानाधिकारी रणवीर सिंह अपनी टीम के साथ बिंजाहेड़ा रोड की ओर रवाना हुए। रात की ठंडी हवा में धुंध और सन्नाटा फैला था। हर कदम फूंक-फूंक कर रखा जा रहा था।
पुलिस ने इलाके की नाकाबंदी की — सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की हेडलाइटें बंद कर दी गईं। बस एक इंतज़ार — बोलेरो कैंपर के आने का। करीब आधे घंटे बाद धूल उड़ाती एक बिना नंबर प्लेट की बोलेरो कैंपर दिखी। जैसे ही वाहन नाकाबंदी पॉइंट के पास पहुंचा, विक्रम सिंह ने इशारा किया — “यही है, तैयार रहो!” कुछ ही सेकंड में वाहन को चारों ओर से घेर लिया गया। अंदर से उतरा एक युवक — घबराया हुआ, लेकिन निगाहों में गुस्सा और चुनौती। वही था संजय जाट, उम्र महज़ 24 साल, लेकिन हरियाणा और राजस्थान के पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज कई संगीन केसों का आरोपी। बरामदगी : हथियारों का ज़खीरा जैसे ही वाहन की तलाशी ली गई, पुलिस खुद चौंक गई। बोलेरो की सीटों के नीचे और डैशबोर्ड में छिपे थे। अवैध हथियारों का जखीरा — एक विदेशी ब्रेटा मेड इन इटली पिस्टल
06 ज़िंदा कारतूस
02 मैगज़ीन
07 देशी पिस्टल
03 कट्टे
01 पचफेरा05 कारतूस कट्टे के
09 कारतूस पिस्टल के कुल मिलाकर 12 हथियार और 20 ज़िंदा कारतूस बरामद हुए। बोलेरो कैंपर भी बिना नंबर की पाई गई — संभवतः अपराधों में इस्तेमाल होती रही थी। गिरफ्तारी: गैंग का कुख्यात चेहरा संजय जाट को मौके पर ही गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 और 7/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
प्रकरण संख्या: 303/2025, थाना पनियाला। थाने लाए जाने पर संजय की आंखों में अब वही पुराना तेवर नहीं था। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए सप्लाई और कनेक्शन का काम करता था। हरियाणा में हथियार सप्लाई कर चुका था और राजस्थान में कई मामलों में फरार चल रहा था। आपराधिक इतिहास: एक युवा, जो बन गया गैंगस्टर संजय का आपराधिक रिकॉर्ड किसी पेशेवर अपराधी से कम नहीं था। पिछले दो वर्षों में उस पर 8 मुकदमे दर्ज थे — हत्या के प्रयास (धारा 307), लूटपाट (धारा 394), अवैध हथियार (आर्म्स एक्ट), और गैंग कनेक्शन (धारा 120बी)। हरियाणा के नांगल चौधरी, निजामपुर और राजस्थान के बानसूर थानों में उसके खिलाफ केस दर्ज थे। पुलिस फाइलों में उसका नाम “सक्रिय हथियार सप्लायर” के रूप में दर्ज था। टीम जिसने अंजाम दिया यह ऑपरेशन इस पूरी कार्रवाई में जिन पुलिसकर्मियों ने जान जोखिम में डालकर काम किया, उनमें प्रमुख रहे — रणवीर सिंह, थानाधिकारी पनियाला सुरेन्द्र सिंह, हेडकांस्टेबल विक्रम सिंह (1016), डीएसटी टीम संजय धनखड़ (918), डीएसटी सत्यपाल (927), डीएसटी और अन्य सदस्यों में ईश्वर सिंह, धर्मेन्द्र, मनोज, प्रवीण, देशराज, सुरेश कुमार आदि शामिल थे। इनमें विशेष भूमिका रही विक्रम सिंह और संजय धनखड़ की, जिनकी सतर्कता ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया। एसपी बिश्नोई का बयान: “यह सिर्फ शुरुआत है” पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह बिश्नोई (IPS) ने बताया — “यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस के संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा है। इस तरह के अपराधी हमारे समाज की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी गैंगस्टर कानून के शिकंजे से बाहर न रहे।” आगे की कार्रवाई और जांच अब पुलिस यह जांच कर रही है कि बरामद हथियारों की सप्लाई कहां-कहां की गई थी और इनका संबंध किन अपराधों से है। हरियाणा के कई जिलों की पुलिस से संपर्क किया गया है।
संभावना जताई जा रही है कि यह जखीरा लॉरेंस बिश्नोई गैंग के हथियार नेटवर्क का हिस्सा था। एपिलॉग: अपराध और व्यवस्था का संघर्ष संजय जाट जैसे अपराधी शायद सोचते हैं कि सीमाएं उन्हें बचा लेंगी — एक राज्य से दूसरे राज्य में भागकर, पहचान बदलकर या पुलिस को गुमराह कर।
लेकिन 18 अक्टूबर की रात यह साबित कर दिया गया कि जब पुलिस रणनीति, खुफिया जानकारी और जज़्बे से काम करती है, तो कोई भी गैंगस्टर उसकी पकड़ से दूर नहीं रह सकता। यह कहानी सिर्फ एक गिरफ्तारी की नहीं, बल्कि उस जंग की है जो कानून व्यवस्था रोज़ अपराध के साए के खिलाफ लड़ती है।
पनियाला की टीम ने यह साबित किया कि वर्दी का मतलब सिर्फ शक्ति नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है — समाज को सुरक्षित रखने की।

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Web Title-Paniyala Operation – When the police caught a gangster with a bounty
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