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हरियाणा के युवाओं से एचपीएससी ने फिर धोखा किया: कुमारी सैलजा

Haryana Public Service Commission has betrayed the youth of Haryana again: Kumari Selja - Chandigarh News in Hindi

-आठ वर्ष बाद परिणाम, 1711 पदों पर केवल 39 चयन चंडीगढ़। सिरसा की सांसद, कांग्रेस की महासचिव व पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की भर्ती प्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि वर्ष 2019 में निकली स्नातकोत्तर शिक्षक (कंप्यूटर साइंस) के 1711 पदों की भर्ती का परिणाम 2026 में आना और उसमें भी सिर्फ 39 अभ्यर्थियों का चयन होना हरियाणा के युवाओं के साथ एक बहुत बड़ा धोखा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि आठ वर्षों तक हज़ारों युवाओं को उम्मीद में बाँधे रखना और अंत में उन्हें अयोग्य घोषित कर देना, उनकी मेहनत, आत्मसम्मान और भविष्य, तीनों पर सीधा हमला है। इस दौरान भर्ती के नियम बार-बार बदले गए, मानदंडों में फेरबदल किया गया और परीक्षा पद्धति में लगातार बदलाव किए गए, जिससे अभ्यर्थी भ्रम में रहे। इसी बीच सैकड़ों युवा आयु सीमा पार कर चुके हैं। उन्होंने सवाल किया इस नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि हाल में घोषित असिस्टेंट प्रोफेसर की मुख्य परीक्षा के नतीजे भी भर्ती व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करते हैं। सामान्य वर्ग में केवल 336 अभ्यर्थियों को पास किया गया, जबकि नियमों के अनुसार 2020 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था। आरक्षित वर्ग के साथ तो और भी बड़ा अन्याय हुआ जहाँ 1016 के स्थान पर मात्र 166 अभ्यर्थियों को ही पास किया गया। जिन अभ्यर्थियों को एसकेटी परीक्षा में पास किया गया उनमें से 80 प्रतिशत से भी अधिक अभ्यर्थी बाहर के यानी हरियाणा से दूसरे राज्यों के हैं। कई सब्जेक्ट में तो हरियाणा के मात्र 8 प्रतिशत छात्र ही पास किए गए हैं। यह हरियाणा के युवाओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। अंग्रेज़ी विषय में स्थिति अत्यंत चौंकाने वाली है। आरक्षित वर्ग के लिए 301 पद थे, लेकिन केवल 16 अभ्यर्थियों को पास किया गया और 285 पद खाली छोड़ दिए गए। अनुसूचित जाति की ओएससी व डीएससी श्रेणियों के लिए 120 पदों में से केवल 3 अभ्यर्थी पास हुए। कुल 613 अंग्रेज़ी पदों के विरुद्ध मात्र 151 अभ्यर्थी ही योग्य घोषित किए गए। सामान्य वर्ग में भी 502 पदों के सामने केवल 336 अभ्यर्थियों को पास किया गया, जबकि 1004 अभ्यर्थियों को बुलाया जाना चाहिए था।
कुमारी सैलजा ने कहा कि एएमओ और पीजीटी की भर्तियों में भी 35 प्रतिशत की कठोर सीमा लगाकर हजारों अभ्यर्थियों को साक्षात्कार से बाहर कर दिया गया, जिससे अधिकांश पद खाली रह गए। यह स्पष्ट करता है कि समस्या युवाओं की योग्यता में नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की खामियों और मनमानी में है। उन्होंने मांग की कि विषय ज्ञान परीक्षा में कुल पदों के कम से कम दो गुना अभ्यर्थियों को पास कर साक्षात्कार के लिए बुलाया जाए, सभी विज्ञापित पद भरे जाएँ और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। चयन मानदंड सार्वजनिक किए जाएँ और हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर हरियाणा के ही किसी योग्य व्यक्ति को नियुक्त किया जाए। कुमारी सैलजा ने कहा कि एक दिन पूर्व ही पीजीटी कंप्यूटर साइंस का सात साल बाद परिणाम जारी कर कुछ ही घंटों बाद उसी पद के लिए नई भर्ती का विज्ञापन निकाल देना, युवाओं की आँखों में धूल झोंकने के बराबर है। जब 1711 पदों में से केवल 39 ही योग्य माने गए, तो उसी दिन नई भर्ती निकालना यह साबित करता है कि दोष युवाओं में नहीं, बल्कि अस्पष्ट और त्रुटिपूर्ण चयन प्रणाली में है।

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Web Title-Haryana Public Service Commission has betrayed the youth of Haryana again: Kumari Selja
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