लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था रखने वाले किसी भी देश में सत्ता और विपक्ष दोनों ही एक गाड़ी के दो पहियों के समान माने जाते हैं। सत्ता का काम जहां देश के लिए नीतियां व योजनाएं बनाना होता है वहीँ विपक्ष का काम सत्ता की कारगुज़ारियों पर निगरानी रखना होता है। विपक्ष ज़रूरत पड़ने पर समय समय पर सत्ता की आलोचना भी करता रहता है। और सत्ता उन स्वस्थ आलोचनाओं का स्वागत करते हुए विपक्ष की आलोचना के अनुरूप अपनी नीतियों, व योजनाओं में परिवर्तन व संशोधन करने का भी प्रयास करती है। एक स्वस्थ लोकतांत्रिक देश में सत्ता और विपक्ष के रिश्ते प्रायः मधुर व सौहार्दपूर्ण ही रहते हैं।
हमारे देश में भी पंडित जवाहर लाल नेहरू व डॉ राम मनोहर लोहिया तथा राजीव गाँधी, सोनिया गांधी व अटल बिहारी वाजपेई जैसे अनेक शीर्ष नेताओं के ऐसे कई क़िस्से बड़े मशहूर हैं जो पक्ष विपक्ष के सौहार्द्रपूर्ण रिश्तों की गवाही देते हैं।
परन्तु वर्तमान दौर की राजनीति में तो गोया सत्ता द्वारा विपक्ष से दुश्मन की तरह व्यवहार किया जाने लगा है। साम दाम दंड भेद, छल कपट, झूठ, मक्कारी, सत्ता बल धनबल, बाहुबल, सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग कर, विधायकों की ख़रीद फ़रोख़्त कर निर्वाचित सरकार गिराकर, मीडिया को ग़ुलाम बनाकर गोया किसी भी तरह से यह कोशिश की जाने लगी है कि विपक्ष का नामो निशान ख़त्म कर दिया जाए और सत्ता पर हमेशा के लिए क़ब्ज़ा जमाये रखा जाए।
सत्ता के इस लोकतंत्र विरोधी कहे जाने वाले दुष्प्रयास का सबसे बड़ा निशाना लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गाँधी हैं।
पिछली लोकसभा में यह देखा गया कि किस तरह एक अदालती फ़ैसले की आड़ लेकर आनन फ़ानन में उनकी लोकसभा सदस्य्ता समाप्त कर दी गयी और सदस्य्ता समाप्त करने के साथ ही सांसद के रूप में आवंटित किया गया उनका बंगला भी ख़ाली करवा लिया गया। देश ने यह भी देखा कि किस तरह राहुल गांधी व उनकी मां सोनिया गाँधी को कई दिनों तक बार-बार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अपने कार्यालय में बुलाकर उनका मनोबल गिराने की कोशिश की गयी। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का बैंक खाता फ़्रीज़ कर दिया। गया। ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
पिछले दस वर्षों से राहुल गाँधी को पप्पू साबित करने के लिये करोड़ों रूपए पानी की तरह बहाये गए। मीडिया का सहारा लेकर राहुल को कटघरे में खड़ा करने की कोशिशें की गयीं। हद तो यह है कि संसद में स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा राहुल गांधी को बाल बुद्धि वाला कहकर सम्बोधित किया गया? समुदाय विशेष को 'जूते मारो सालों को' जैसा उत्तेजनात्मक नारा देने वाला एक परिवारवादी राजनीति का प्रतीक भाजपा नेता संसद में राहुल की जाति पर सवाल खड़ा करते दिखाई दिया।
और अब एक बार फिर राहुल की अमेरिका यात्रा में दिए गये उनके कुछ बयानों को लेकर उनको 'देशद्रोही' तक साबित करने की कोशिश की जा रही है। एक ऐसा केंद्रीय मंत्री जिसे जनता स्वयं एक 'मसख़रे ' के रूप में जानती है वह पूरे देश में राहुल गाँधी के विरुद्ध 'जूते मारो अभियान' शुरू करने की बात कह रहा है।
भाजपा के कई शीर्ष नेता न केवल राहुल गांधी को देशद्रोही बताने में लग गए हैं बल्कि दिल्ली के एक बीजेपी नेता व पूर्व विधायक ने तो सार्वजनिक रूप से यह तक कह दिया है कि “राहुल गांधी बाज़ आ जा, नहीं तो आने वाले टाइम में तेरा भी वही हाल होगा जो तेरी दादी का हुआ!” यानी सरे आम राहुल को हत्या की धमकी दी जाने लगी है। लगता है कि भाजपा द्वारा राहुल के विरुद्ध तमाम हथकंडे अपनाने के बावजूद उनकी बढ़ती लोकप्रियता और एक साथ दो दो जगहों से लोकसभा में भारी मतों से उनके निर्वाचन के बाद अब उन्हें हिंसा व हत्या के लिये डराना धमकाना ही आख़िरी हथियार रह गया है।
परन्तु इस बहस में कुछ बातें तो निरर्थक हैं। जैसे कि राहुल ने अमेरिका में क्या कहा या विदेशों में वे क्या कहते हैं।
इंटरनेट व आधुनिक संचार प्रणाली के इस दौर में आज इस बात के तो कोई मायने ही नहीं रह गये कि आप कौन सी बात कहाँ बोलते हैं। दुनिया के किसी भी कोने में बोली गयी कोई भी बात पलक झपकते ही पूरे विश्व में एक साथ प्रसारित हो जाती है। फिर क्या अमेरिका तो क्या भारत। दूसरी बात यह कि राहुल ने अमेरिका में ऐसा क्या नया कहा जो वे यहाँ नहीं कहते ? भारतीय लोकतंत्र पर मंडराते ख़तरों पर अकेले राहुल ही चिंता व्यक्त नहीं करते।
विपक्ष के और भी तमाम नेता, बुद्धिजीवी, नोबेल पुरस्कार विजेता, शिक्षाविद, लेखक व पत्रकार भारतीय लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति व लोकतंत्र पर मंडराते ख़तरों पर चिंता व्यक्त करते ही रहते हैं। और इन सबसे बड़ी बात यह कि जो लोग सत्ता के इशारे पर या 'किसी को ' ख़ुश करने के लिये राहुल गांधी को देशद्रोही साबित करना चाह रहे हैं उन्हें राहुल गाँधी की वह पारिवारिक पृष्ठभूमि भी देख लेनी चाहिए जिसमें राहुल के पिता राजीव गांधी व दादी इंदिरागांधी को देश की एकता व अखंडता को बचाये रखने के लिये अपनी जानों की क़ुर्बानी देनी पड़ी थी।
मोतीलाल नेहरू से लेकर जवाहर लाल नेहरू, कमला नेहरू आदि सभी स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने वाले इसी एक परिवार के सदस्य थे। ऐसे घराने से सम्बन्ध रखने वाले राहुल गांधी को वे लोग देशद्रोही साबित करना चाह रहे हैं जिनके अपने दल में महात्मा गांधी, भारतीय संविधान और तिरंगे का अपमान करने वालों की कमी नहीं? ऐसे लोग राहुल को देशद्रोही साबित करना चाह रहे हैं जिनके पूर्वजों का स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान तो दूर उनके आसपास के लोग भी उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि से वाक़िफ़ नहीं?
यह अगर ख़ुद कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती की पीडीपी से मिलकर सरकार बनाएं तो वह राष्ट्रवाद परन्तु यदि राहुल या कांग्रेस इनके साथ समझौता करें तो उन पर संदेह और तरह-तरह के सवाल? ख़ुद अगर प्रधानमंत्री मोदी एसपीजी के मना करने के बावजूद नवाज़ शरीफ़ की नातिन मेहरुन्निसा की शादी व नवाज़ शरीफ़ का जन्म दिन मनाने अचानक पाकिस्तान पहुँच जाएं या उनसे पगड़ी, साड़ी व शॉल के तोहफ़ों का आदान प्रदान करें तो यह उनका 'सद्भावना' भरा क़दम परन्तु यदि यही काम कोई विपक्षी नेता करे तो वह देशविरोधी या पाकिस्तान परस्त ?
दरअसल, राहुल के विरोध का कारण यह सब नहीं, जो बताया या प्रचारित किया जा रहा है। बल्कि राहुल के विरोध का कारण भारत सहित पूरे विश्व में उनकी बढ़ती स्वीकार्यता है। साथ ही राहुल भारतीय विपक्ष के अकेले ऐसे नेता हैं जो भाजपा व सत्ता पर ऐसी चोट करते हैं जिससे इनके नेता तिलमिला जाते हैं। उदाहरण के तौर पर अडानी व मोदी के रिश्ते पर उनके सवालों से भाजपा हमेशा असहज रहती है।
रोज़गार व मंहगाई पर राहुल के सवालों का इनके पास कोई जवाब नहीं। इसके अलावा राहुल ने अपनी राष्ट्रव्यापी भारत जोड़ो पद यात्रा में भी सत्ता के मंसूबों की पोल खोल कर रख दी थी। इसी यात्रा के बाद कांग्रेस का ग्राफ़ चढ़ना व भाजपा का ग्राफ़ नीचे जाना शुरू हो गया था। इसलिए राहुल पर देशद्रोह के इल्ज़ाम लगाना तो मात्र एक बहाना है हक़ीक़त में यह सत्ता की राहुल से नफ़रत की पराकाष्ठा के सिवाय और कुछ नहीं। सही मायने में तो सत्ता का यह दुष्प्रयास भी लोकतंत्र विरोधी ही है।
पीएम मोदी का व्यक्तित्व हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा : गायिका पूर्वा मंत्री
फुटबॉल प्रीमियर लीग: टॉटेनहम हॉटस्पर और लीड्स यूनाइटेड के बीच मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा
'आपसे बेहतर कोई नहीं', पलक तिवारी के लिए रैपर किंग जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी
टीम के प्रदर्शन से खुश हूं, उम्मीद है हम इसी लय को बरकरार रखेंगे: अक्षर पटेल
फ्रांस वेकेशन में ऋतिक रोशन और राकेश रोशन के साथ नजर आईं सबा आजाद
12 मई का पंचांग : ज्येष्ठ कृष्ण की दशमी तिथि पर अभिजीत के साथ विजय मुहूर्त, नोट कर लें भद्रा काल
मौनी रॉय और सूरज नांबियार के रिश्ते में आई दरार? पति का इंस्टाग्राम अकाउंट 'डिलीट'
खुद को कैसे फिट और फाइन रखते हैं अमिताभ बच्चन, प्रशंसकों को खुद बताया सीक्रेट
आज का राशिफल: दोपहर 02:55 बजे से पहले निपटा लें जरूरी काम, शनि-चंद्र की युति से कई राशियों पर बढ़ेगा दबाव
हिमेश की जिंदगी की 'धुन' सोनिया, सिंगर ने खास अंदाज में विश की शादी की सालगिरह
साप्ताहिक राशिफल: 11 मई से 17 मई 2026 तक – जानिए कैसा रहेगा आपका सप्ताह
लारा दत्ता ने पिता को पहली जयंती पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि, याद में लगाया खास पौधा
'विमल खन्ना' का ट्रेलर आउट, सर्वाइवल की इस जंग में कौन अपना और कौन पराया?
13 मई का पंचांग : नारायण को समर्पित अपरा एकादशी, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय
राष्ट्रीय रसायन और उर्वरक लिमिटेड में निकली आपरेटर ट्रेनी की भर्ती
राशिफल 11 मई 2026 : दोपहर 3:27 बजे से पहले बदल सकते हैं कई राशियों के हालात, सोच-समझकर लें फैसले
शाम के समय झाड़ू लगाना पड़ सकती है भारी, बढ़ सकती हैं आर्थिक और पारिवारिक परेशानियां
अस्थमा में राहत दिलाने में मददगार सूर्य मुद्रा, तनाव को कम कर दिमाग को करती है शांत
NEET-UG पेपर लीक : CBI ने दर्ज की FIR, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने जैसी धाराओं में शुरू की देशव्यापी जांच

NTA ने जारी किया अधिकृत प्रेसनोट : NEET-UG 2026 रद्द, अब CBI करेगी धांधली की जांच, दोबारा परीक्षा की तारीख जल्द घोषित होगी

नीट यूजी 2026 पेपर लीक पर परीक्षार्थियों में भारी आक्रोश, एनएसयूआई का प्रदर्शन
आज का राशिफल: दोपहर 02:55 बजे से पहले निपटा लें जरूरी काम, शनि-चंद्र की युति से कई राशियों पर बढ़ेगा दबाव
'आपसे बेहतर कोई नहीं', पलक तिवारी के लिए रैपर किंग जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी
चिरैया को मिल रही प्रतिक्रिया पर दिव्या दत्ता बोलीं—हर लड़की खुद को इस कहानी से जोड़ पा रही है
हिमेश की जिंदगी की 'धुन' सोनिया, सिंगर ने खास अंदाज में विश की शादी की सालगिरह
फ्रांस वेकेशन में ऋतिक रोशन और राकेश रोशन के साथ नजर आईं सबा आजाद
खुद को कैसे फिट और फाइन रखते हैं अमिताभ बच्चन, प्रशंसकों को खुद बताया सीक्रेट
विजय के सीएम बनते ही तृषा कृष्णन बोलीं-प्यार की गूंज हमेशा ज्यादा होती है
फ्लैशबैक : जब शम्मी कपूर ने धर्मेंद्र को कराया था 'अंडे और ब्रांडी' वाला नाश्ता
'मैं मां के सिर पर 24 घंटे सातों दिन सवार रहती हूं', अनन्या पांडे ने फोटो शेयर कर किया मजाक
'मेरा काम सिर्फ लोगों का मनोरंजन करना है', राजनीति में आने की चर्चाओं पर दिलजीत दोसांझ ने तोड़ी चुप्पी
एकता कपूर ने की धर्मेंद्र, जितेंद्र और अक्षय कुमार की तारीफ, कहा- इन्हीं कलाकारों ने जिंदा रखा फिल्म इंडस्ट्री का कारोबार
कुब्रा सैत ने गोल्डन टेंपल में टेका माथा, बोलीं — “समर्पण करने आई थी, लेकिन जिंदगी की सबसे बड़ी नेमत मिल गई”
सुकेश से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने जैकलीन फर्नांडीस के सरकारी गवाह बनने का किया विरोध
अभिनेत्री सुम्बुल तौकीर ने कहा-ज्यादा घंटे काम करने के बाद तरोताजा होने को आराम जरूरी
बिहार की मिट्टी में सम्मानित होना सबसे बड़ी खुशी: संजना पांडे
मां बनने के सफर को बनाए आसान, हर ट्राइमेस्टर में करें अलग योग
अकेलेपन में टूट गई थीं मालविका मोहनन, बोलीं- 'कमरे में लौटकर बात करने वाला कोई नहीं था'
एकाग्रता बढ़ाने और तनाव घटाने के लिए रामबाण है शांभवी मुद्रा
सुबह उठते ही जोड़ों में जकड़न और दर्द को न करें नजरअंदाज, शरीर दे रहा गंभीर बीमारी का संकेत
हरी सब्जियों के शौकीन लोग पहले जान लें खाने का सही तरीका, आयुर्वेद में बताए गए हैं नियम
कमर पर भारी पड़ सकती हैं भुजंगासन के दौरान की गई ये गलतियां, आयुष मंत्रालय से जानें अभ्यास का सही तरीका
गर्मी को हराना है तो शरीर को रखें हाइड्रेटेड, वरना बढ़ सकती हैं मुश्किलें
जोड़ों में दर्द से हैं परेशान तो लहसुन, अदरक और नींबू से बनाएं नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक
गर्मियों में शहद का सेवन हानिकारक या लाभदायक, जानें क्या कहता है आयुर्वेद
पेट की समस्याओं और तनाव से मुक्ति दिलाएगा यह योगासन
हर महिला के आहार में जरूर होनी चाहिए ये सात चीजें, सेहत में आएगा बड़ा बदलाव
जानें कब, कैसे और किन लोगों को नहीं करना चाहिए पनीर का सेवन
अश्वगंधा की पत्तियां नहीं, सिर्फ जड़ है सुरक्षित: आयुष मंत्रालय
हीट एग्जॉर्शन से हीट स्ट्रोक तक, आयुष मंत्रालय ने बताए गर्मी से बचाव के उपाय
तनाव से राहत और एकाग्रता में वृद्धि के लिए अपनाएं गरुड़ासन
अस्थमा में राहत दिलाने में मददगार सूर्य मुद्रा, तनाव को कम कर दिमाग को करती है शांत
गर्मियों के लिए अमृत समान है नारियल पानी, लेकिन ये गलतियां कर सकती हैं आपको बीमार
तनाव को कहें गुडबाय, गर्भावस्था में हर दिन करें प्राणायाम
गर्मियों में रात के समय लगती है बहुत ज्यादा प्यास, जानें क्या कहता है आयुर्वेद
गर्मी से राहत देता है ये प्राणायाम, मन को भी कर देता है शांत
आंखों को सुरक्षित रखने का आसान और प्रभावी तरीका, जानें 40 साल की उम्र के बाद नियमित आई टेस्ट क्यों है जरूरी?
कमजोर और सूखे नाखूनों से परेशान, जानिए कैसे वापस पा सकते हैं चमक
जिंक से प्रोटीन-फाइबर तक, पोषक तत्वों से भरपूर काला नमक चावल, सेहत के लिए अनगिनत फायदे
रक्त संचार बढ़ाने और थकान मिटाने का सबसे सरल योगासन, जाने 'हस्तोत्तानासन' के लाभ
घुटनों में दर्द, अकड़न और कमजोरी को दूर करने में कारगर 'नी मूवमेंट', आयुष मंत्रालय ने बताए फायदे
देखें आज 13/05/2026 का राशिफल
Romantic things you should do during your honeymoon
Rishabh Pant to donate match fee towards rescue operations in Uttarakhand
Telegram becomes most downloaded app on Google Play Store
WhatsApp working on new mention badge features for group chatsDaily Horoscope