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12 साल तक की बच्चियों से रेप पर दोषी को मृत्युदंड, ये हैं अध्यादेश के अहम प्रावधान

Death sentence to the guilty on rap by girls up to 12 years, these are important provisions of ordinance - Delhi News in Hindi

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों के लिए मृत्युदंड और 16 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले को आजीवन कारावास के प्रावधान वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आपराधिक कानून(संशोधन) अध्यादेश, 2018 को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य दुष्कर्म के विरुद्ध प्रभावी निवारण और देश की महिलाओं खासकर बच्चियों में सुरक्षा का भाव विकसित करना है। मंत्रिमंडल का यह फैसला जम्मू एवं कश्मीर के कठुआ में आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या किए जाने और सूरत में नौ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या किए जाने समेत देश के विभिन्न हिस्सों से इसी तरह की घटनाओं के बाद पूरे देश में उपजे विरोध और गुस्से के बाद लिया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने देश में दुष्कर्म की घटनाओं को गंभीरता से लिया और इस स्थिति से निपटने के लिए मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यादेश को मंजूरी दी। सरकार ने दुष्कर्म के मामले में त्वरित जांच और मुकदमे के लिए भी कई कदम उठाए हैं, जिसके अंतर्गत जांच के लिए दो महीने का समय और मुकदमा पूरा करने के लिए दो महीने का समय और छह महीने के अंतर्गत अपील के निपटान करने का प्रावधान है। 16 वर्ष से कम उम्र की लडक़ी के साथ दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अग्रिम जमानत का भी कोई प्रावधान नहीं है। मंत्रिमंडल ने त्वरित अदालतों के माध्यम से जांच और अभियोजन को मजबूत करने और यौन अपराधियों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के अलावा इसके लिए सभी राज्यों में विशेष फोरेंसिक लैब बनाने का भी निर्णय लिया गया है। जानें-अध्यादेश की बड़ी बातें
-इस अध्यादेश में बच्चियों और नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के लिए सख्त कानून के साथ पोक्सो अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव है।
-इसके अंतर्गत 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने पर कम से कम 20 वर्ष की सजा या आजीवन कारावास या मृत्यु तक कारावास का प्रावधान है।
-16 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म पर दोषी को पूरी जिंदगी जेल में गुजारनी होगी।
-12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की स्थिति में दोषियों को पूरी जिंदगी जेल की सजा या मृत्युदंड का प्रावधान है।
-महिलाओं के साथ दुष्कर्म करने पर सजा को सश्रम कारावास के साथ सात वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दिया गया है और जिसे बढ़ाकर आजीवन कारावास में बदला जा सकता है।
-अध्यादेश में 16 वर्ष की उम्र से कम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने पर न्यूनतम सजा को 10 वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष कर दिया गया है, जिसे बढ़ाकर आजीवन कारावास में बदला जा सकता है, जिसका मतलब है दोषी को जिंदगी भर जेल में रहना होगा।
-अध्यादेश के अनुसार, 16 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में जमानत याचिका पर निर्णय करने से पहले अभियोजन पक्ष और पीडि़ता के वकील को 15 दिन पहले नोटिस देना होगा।
-कानून को सख्त बनाने के साथ, राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और उच्च न्यायालय से संपर्क करके त्वरित अदालतों का निर्माण किया जाएगा।

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Web Title-Death sentence to the guilty on rap by girls up to 12 years, these are important provisions of ordinance
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