अनुसूचित जाति उप-योजना बजट में 100 प्रतिशत वृद्धि : वीरभद्र

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 19 जनवरी 2017, 3:50 PM (IST)

धर्मशाला। प्रदेश सरकार ने गत चार वर्षों के दौरान अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत बजट में 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति उप योजना के लिए इस वित्त वर्ष के दौरान 1949.15 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया हैए जबकि वर्ष 2012-13 में 914.64 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान था। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं भी कार्यन्वित की जा रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह जानकारी धर्मशाला में अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार का दायित्व बनता है कि वे प्रत्येक समुदाय विशेषकर अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण व उत्थान के लिए समान अवसर सृजित करें। किसी भी आधार पर भेदभाव बंद किया जाना चाहिए और सभी को आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। स्वतंत्रता तभी फलदायक है, जब समाज के सभी वर्ग मुख्य धारा में शामिल हो सके।
उन्होंने कहा कि आज समानता का युग है और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पक्षपात के विरूद्ध प्रतिबंध लगना चाहिए। समाज के सभी वर्गों को मिलजुल कर कार्य करना चाहिए ताकि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों को साकार किया जा सके। वीरभद्र सिंह ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि पुराने समय से चली आ रही जाति आधारित भेदभाव व पाबंदियों को समाज द्वारा नकारा गया है और आम लोगों ने जातिवाद की बेड़ियों को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक सरकार का संवैधानिक कर्तव्य बनता है कि वे समाज के समग्र प्रगति व विकास में सहायता करे। यह तभी संभव हो सकता हैए यदि सभी समुदाय एक साथ मिलकर चले और सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध हो। प्रदेश सरकार की प्रत्येक वर्ग के उत्थान के प्रति वचनबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक समुदाय की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कार्य कर रही है और सरकार द्वारा प्रत्यक समुदाय के कल्याण के लिए बोर्डों का गठन किया गया है ताकि वे अपनी आवाज को एक सही मंच पर उठा कर अपनी समस्याओं का निवारण पा सके।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग के 1649 उम्मीदवारों को कम्प्यूटर एप्लीकेशन तथा डेस्कटॉप एप्लीकेशन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा करवाने पर 218 लाख रुपये खर्च किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के लोगों को राहत प्रदान करते हुए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पैंशनों की क्रियान्वयन पर 357 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। डा. शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 10वीं पूर्व व 10वीं के बाद दी जाने वाली विभिन्न छात्रवृतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहायता व शिक्षा ऋण प्रदान किए जा रहे हैं। इस समुदाय के लोगों को हिण्प्रण् अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगमए सोलन द्वारा व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
बैठक में जाति शुद्धिकरण की प्रक्रिया को सरल करने के मामले को उठाया गयाए ताकि ऐसे मामलों का तेजी से निपटारा किया जा सके। बैठक में कांगड़ा ज़िला के फतेहपुर सम्पर्क मार्ग दत्तवार, देहरा, जडेरा, केहल, मंगल, बनोग, बागड़ा, सिलाघराट, अनुसूचित बस्तियों में सामुदायिक केन्द्र भवन के निर्माण, चम्बा ज़िला के सिलाघराट की शोरीनाली कोहा में शवदाह-गृह, शिमला ज़िला की ग्राम पंचायत दिसवानी, खारशाली और टिकरी की हरिजन बस्ती के प्राचीन भगवान विष्णु मंदिर की मुरम्मत, सिरमौर ज़िला के शभुंवाला में बनकला स्थित औषधालय का स्तरोन्नयन, नारीवाला बस अड्डे और सिरमौरी ताल के लिए सम्पर्क मार्ग, जंबुखाले में पुल का निर्माण, नारीवाला गांव और किशनकोट इत्यादि के लिए भूमिगत पाईप लाईन बिछाने आदि मामलों पर चर्चा हुई। मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार तथा नंदलाल, राज्य वित्त निगम के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, विधायक किशोरी लाल, यादविन्द्र गोमा तथा मोहन लाल बरागटा, अतिरिक्त मुख्य सचिव तरूण श्रीधर, डॉ. श्रीकांत बाल्दी तथा आरडी धीमान व अन्य वरिष्ठ व्यक्ति बैठक में उपस्थित थे।

[@ 25 वर्ष पूर्व हुए अन्याय की लडाई लड़ रहे चमेरा-3 के विस्थापित]