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जाफर ने बताया, किसने निकाला विदर्भ को कंफर्ट जोन से बाहर

नई दिल्ली। दो साल पहले तक विदर्भ की हार हैरानी की बात नहीं होती थी लेकिन जीत पर सभी को आश्चर्य होता था। आज हालात बदल चुके हैं। आलम यह है कि बीते दो साल में इस टीम ने जब भी मैदान पर कदम रखा जीत का स्वाद चखा और इस दौरान चार खिताबी जीत दर्ज की। विदर्भ की इन चार खिताबी जीत का हिस्सा रहे दिग्गज बल्लेबाज वसीम जाफर मानते हैं कि 2017-2018 में टीम के साथ जुडऩे वाले कोच चंद्रकांत पंडित ने विदर्भ की मनोदशा बदली और उसे कम्फर्ट जोन से बाहर निकालकर एक विजेता टीम में तब्दील किया है।

जाफर का मानना है कि पंडित के आने से टीम का नजरिया बदला क्योंकि कोच ने टीम के खिलाडिय़ों को हमेशा कड़ी मेहनत के लिए प्रेरित किया और इस दौरान वे हमेशा उनके साथ रहे। जाफर 2015 में टीम के साथ जुड़े थे, लेकिन बीते दो साल में विदर्भ में आए बदलाव के बारे में पूछने पर जाफर ने आईएएनएस से फोन पर कहा, इसकी सबसे पहली वजह नजरिए में बदलाव है। चंद्रकांत पंडित के कोच बनने से नजरिए में काफी बदलाव आया है।

टीम में जीत की भूख बढ़ी है। पहले उसकी कमी थी, हालांकि खिलाड़ी यही थे, लेकिन आज जो नजरिया है, वो पहले नहीं था। जाफर ने कहा कि पहले विदर्भ की हार आम बात थी, लेकिन अब नहीं। मुंबई के रहने वाले जाफर ने कहा, पहले विदर्भ हार जाती तो कोई बड़ी बात नहीं मानता था। जीत जाती थी तो वो हैरान करने वाली बात होती थी। बड़ी टीम के साथ खेलती थी और हार जाती थी तो आम बात मानी जाती थी।

हमसे हार की अपेक्षा की जाती थी, हमसे घर में जीत और घर से बाहर हारने की ही उम्मीद की जाती थी, लेकिन अब सोच में बदलाव आया। विदर्भ अब जब भी मैदान पर कदम रखती है वह जीतन चाहती है। यही सोच बड़ा बदलाव है। सभी खिलाडिय़ों को उनके कम्फर्ट जोन से बाहर निकाला गया गया और इसलिए टीम इस तरह का प्रदर्शन कर पा रही है। पंडित मुंबई के कोच भी रह चुके हैं और उन्होंने मुंबई को भी राणजी ट्रॉफी खिताब दिलाया है।

इसी दौरान जाफर भी मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते थे। पंडित को करीब से जानने वाले जाफर से जब उनकी कोचिंग शैली के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, वह पुरानी स्टाइल वाले कोच हैं। वह ज्यादा टैक्निकल नहीं हैं। वह खिलाडिय़ों को उसी तरह खेलने देते हैं, जैसे वो हैं। वह खिलाडिय़ों के अंदर ज्यादा बदलाव नहीं करते, लेकिन वह टीम को एकजुट रखना पसंद करते हैं। वह नहीं चाहते कि टीम के दो-तीन खिलाड़ी सुपर स्टार बनकर रहें। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, पंडित मानते हैं कि टीम एक इकाई की तरह रहे। वह चाहते हैं कि टीम के सभी खिलाड़ी एक साथ रहें।


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Web Title-Wasim Jaffer shares his experience with vidarbha coach Chandrakant Pandit
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