माल्या ने कोर्ट से कहा, पेशी को तैयार, पर हो नहीं सकता,क्योंकि...

www.khaskhabar.com | Published : शुक्रवार, 09 सितम्बर 2016, 2:09 PM (IST)

नई दिल्ली। बैंकों का लगभग 9000 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाने के मामले में भगोड़ा घोषित उद्योगपति विजय माल्या ने दिल्ली की एक अदालत को बताया है कि वह अदालत के सामने पेश होने को तैयार है, मगर इसलिए नहीं हो सकता, क्योंकि उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है। इसके चलते उनका यहां आना संभव नहीं हो पाया।

विजय माल्या के वकील ने पटियाला कोर्ट को बताया कि वह भारत आना चाहते हैं। लेकिन उनका पासपोर्ट भारत सरकार रद्द कर चुकी है, इसलिए इन हालातों में माल्या भारत नहीं आ सकते। माल्या के वकील ने कोर्ट में पेशी से छूट की अर्जी लगाई है, जिस पर कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है।


पटियाला कोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई 4 अक्टूबर को करेगा। पटियाला हाउस कोर्ट विजय माल्या के खिलाफ दो बार समन जारी कर पेश होने का आदेश दे चुका है। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ईडी की याचिका पर विदेशी विनिमय नियामक अधिनियम (फेरा) के उल्लंघन के मामले में शराब कारोबारी विजय माल्या को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने से मिली छूट रद्द कर दी थी। साथ ही कोर्ट ने माल्या को 9 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। वित्तीय अपराधों पर नजर रखने वाले प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि माल्या ने फॉर्मूला वन रेस में अपनी कंपनी किंगफिशर का प्रचार करने की खातिर विदेशी कंपनियों को किए भुगतान के लिए जरूरी स्वीकृतियां नहीं ली थीं। फॉर्मूला वन रेस में वह फोर्स इंडिया टीम के मालिक हैं।
पहले पेशी से थी छूट

माल्या को दिसंबर 2000 में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दायर एक शिकायत के मामले में निजी पेशी से छूट दी गई थी। एजेंसी ने उद्योगपति विजय माल्या को सम्मन 1996, 1997 और 1998 में लंदन और कुछ यूरोपीय देशों में फार्मूला वन वल्र्ड चैंपियनशिप में किंगफिशर का लोगो लगाने के लिए ब्रिटिश कंपनी को 2,00,000 डॉलर के कथित भुगतान के सिलसिले में जारी किया था। एजेंसी ने दावा किया था कि पैसे का भुगतान आरबीआई की इजाजत लिए बिना फेरा नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया था।

विदेश मंत्रालय ने रद्द किया पासपोर्ट

गौरतलब हो कि विजय माल्या बैंकों का बकाया 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चुकाए बिना विदेश जा चुके हैं। विजय माल्या 2 मार्च को देश छोड़ चुके हैं और फिलहाल लंदन में जिंदगी बिता रहे हैं। विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा दिए गए लगभग एक अरब अमेरिकी डॉलर के कर्ज को नहीं चुकाने के आरोप में विजय माल्या को ‘इरादतन डिफाल्ट करनेवाला’ घोषित किया जा चुका है। मार्च में वह लंदन चले गए थे, और वापस आने से यह कहकर इनकार कर दिया था कि उन्हें उम्मीद है कि उनके मामले में निष्पक्ष सुनवाई होगी। राज्यसभा सदस्य की हैसियत से उनके पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट (राजनयिक पासपोर्ट) था, जिसे सरकार ने अप्रैल में रद्द कर दिया था। 60 वर्षीय उद्योगपति माल्या संसद से इस्तीफा दे चुके हैं। इसके बाद मुंबई की एक अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कर दिया था।