जियो ऑफर का सबसे बडा लाभ-गांवों का डिजिटलीकरण...

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 01 सितम्बर 2016, 8:37 PM (IST)

नई दिल्ली। रिलायंस जियो द्वारा गुरूवार को की गई डेटा टैरिफ की घोषणा वर्तमान ऑपरेटरों के लिए विघटनकारी है लेकिन ग्रामीण भारत के डिजिटलीकरण के लिए यह एक साहसिक कदम है। ऎसा कर जियो ने अपने प्रतिद्वंद्वियों के लिए काफी कठिन चुनौती पेश की है और डेटा ही कमाई का आधार है। विशेषज्ञों ने ये बातें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी द्वारा कंपनी के मुंबई में हुए 39 में सालाना आमसभा में रिलायंस जियो के टैरिफ प्लान की घोषणा की प्रतिक्रिया में यह बातें कही, जिसमें अंबानी ने कहा था कि अब डेटा से कमाई ही कंपनी का भविष्य है।

काउंटरप्वाइंट रिसर्च के वरिष्ठ विश्लेषक (मोबाइल डिवायस एंड इकोसिस्टम) तरूण पाठक ने कहा,हमारे देश में डिजिटल क्रांति को सफल बनाने के लिए खासतौर से ग्रामीण भारत के लाखों लोगों के लिए डेटा माइनिंग ही भविष्य है। मुझे लगता है कि जियो का लक्ष्य 45 करोड फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता हैं, जो निकट भविष्य में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले हैं। उन्होंने कहा,अपने विघटनकारी मूल्य निर्धारण और आकर्षक पेशकश के साथ जियो अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड कर ग्राहकों की पहली पसंद बनना चाहती है।

वैश्विक परामर्श कंपनी एनालिसिस मैसन का कहना है कि दरें घटाने से कंपनियों को कोई घाटा नहीं होगा क्योंकि भारत में मोबाइल फोन की दरें अन्य विकासशील देशों के मुकाबले काफी महंगी है और इसमें 75 फीसदी कमी की गुंजाइश है, ताकि इसके इस्तेमाल को बढावा मिले। परामर्श कंपनी ने कहा कि 57 रूपये प्रति जीबी की दर से औसतन 10.2 जीबी डेटा का इस्तेमाल होगा जिसमें10 फीसदी हिस्सा वॉयस कॉल का होगा।

इस तरह के प्रत्येक उपभोक्ता से मासिक औसतन 645 रूपये का राजस्व वसूला जाएगा। लेकिन जियो के मामले में वॉयस काल को मुफ्त रखा गया है इसलिए इसकी कमाई 10 फीसदी कम होगी। हालांकि रिलायंस जियो जो मुफ्त वॉयस कॉल दे रही है वह पारंपरिक 2जी या 3जी वॉयस कॉल नहीं है। बल्कि यह इंटरनेट से किए जानेवाले कॉल हैं। इसके साथ ही जियो का जोर सामग्री और डिजिटल सेवाओं के मुहैया कराने पर है जिसकी वर्तमान कीमत 15 हजार रूपये सालाना है।

इस बारे में अर्नेस्ट एंड यंग के ग्लोबल टेलीकम्यूनिकेशन लीडर प्रशांत सिंहल का कहना है,दूरसंचार क्षेत्र में वित्तीय तनाव का दौर है। कर्ज अधिक है और राजस्व कम है। इससे आगे अगर दरों में कमी की गई तो मुनाफे का मुद्दा है। इसी प्रकार से इंडिया रेटिंग एंड रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्टर तनु शर्मा का कहना है,रिलायंस जियो के आने से वर्तमान ऑपरेटरों की कमाई को झटका लगेगा। इससे बाजार हिस्सेदारी का एक बार फिर बंटवारा होगा जो वित्त वर्ष 2016-17 तक केवल तीन सेवाप्रदाताओं में बंटा था।

काउंटरप्वाइंट रिसर्च के वरिष्ठ विश्लेषक (मोबाइल डिवायस और इकोसिस्टम) तरूण पाठक का कहना है,जियो स्टार्टअप मुनाफे के लिए न्यूनतम पांच सालों का लक्ष्य रखा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को जोडा जा सके और कंपनी अपना इकोसिस्टम तैयार कर सके। रिलायंस जियो ने जियो प्रीव्यू ऑफर के लिए कई सारे स्मार्टफोन ब्रांड के साथ हाथ मिलाया है जो कि 90 दिनों की अवधि के लिए मुफ्त उपलब्ध है।

जियो ने किए हैं ये ऑफर...
जियो की 4जी एलटीई सेवा में असीमित एचजी वॉयस कॉल और वीडियो कॉल, असीमित एसएमएस, असीमित हाइस्पीड डेटा और जियो के कई प्रीमियम एप्लीकेशन उपलब्ध हैं, जिनमें जियो प्ले, जियो ऑन डिमांड, जियो बीट्स, जियो मैग्स, जियो एक्सप्रेस न्यूज, जियो ड्राईव, जियो सिक्यूरिटी और जियो मनी प्रमुख है। (आईएएनएस)