देश में फैली हिंसा के बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने सौंपा इस्तीफा

www.khaskhabar.com | Published : सोमवार, 09 मई 2022, 4:35 PM (IST)

नई दिल्ली । कोलंबो में हिंसक झड़पों और अशांति के बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति और अपने छोटे भाई गोटाबाया राजपक्षे को सौंपा।

राजपक्षे समर्थकों और सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प के बाद महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफा सौंपा है। हिंसा में अब तक 100 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। हिंसा तब शुरू हुई जब सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया, जिन्होंने लगभग एक महीने से सरकार से इस्तीफा देने की मांग करते हुए राष्ट्रपति कार्यालय और प्रधानमंत्री के आवास के प्रवेश द्वार पर कब्जा कर रखा था।

राजपक्षे के समर्थकों ने सुबह महिंदा राजपक्षे से मुलाकात की और उनसे पद न छोड़ने का आग्रह किया। बाद में उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया जो पहले पीएम के घर के सामने थे। उन्होंने पास में ही बनी झोपड़ियों (हट्स) को भी जला दिया। बाद में, उन्होंने राष्ट्रपति भवन के पास मुख्य सरकार विरोधी प्रदर्शन स्थल तक मार्च किया और वहां भी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया।

घटनास्थल का दौरा करने वाले मुख्य विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा पर भी राजपक्षे समर्थकों ने हमला किया था।

हालांकि जब हमलावर बसों में सवार होकर वापस जा रहे थे, तो विभिन्न स्थानों पर लोगों ने उन पर हमला कर दिया। चूंकि हिंसा जारी थी, इसलिए पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया गया।

इसके तुरंत बाद, श्रीलंका में अमेरिकी राजदूत जूली जे. चुंग ने एक ट्वीट में कोलंबो में हुई हिंसा की निंदा की।

राजदूत ने कहा, हम आज शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की निंदा करते हैं और सरकार से हिंसा भड़काने वाले किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी और मुकदमा चलाने सहित पूरी जांच करने का आह्वान करते हैं। हमारी सहानुभूति घायल लोगों के साथ है और हम पूरे द्वीप में शांति और संयम का आग्रह करते हैं।

राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और पीएम महिंदा राजपक्षे ने भी बाद में ट्वीट कर हिंसा की निंदा की।

हमले की निंदा करते हुए सभी सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर मंगलवार को काम से दूरी बनाए रखेंगे।

भोजन, दवा, ईंधन और रसोई गैस सहित कई आवश्यक चीजों की भारी कमी के साथ, लोग महीनों से सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को निजी और सरकारी दोनों ट्रेड यूनियनों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री राजपक्षे दोनों के इस्तीफे की मांग करते हुए एक बड़ी हड़ताल शुरू की थी। ट्रेड यूनियनों ने बुधवार से पहले सरकार को इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया था।

इस बीच मुख्य विपक्ष ने राष्ट्रपति और पीएम को हटाने के लिए दो अविश्वास प्रस्ताव दायर किए हैं।

--आईएएनएस

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