वेबसीरीज रिव्यू : 3रे सीजन में भी थ्रिल को बरकरार रखती है ‘अभय’, नायक पर भारी हैं खलनायक

www.khaskhabar.com | Published : शनिवार, 09 अप्रैल 2022, 12:18 PM (IST)

—राजेश कुमार भगताणी

ओटीटी प्लेटफार्म की नींव वेब सीरीजों पर टिकी हुई है। कमोबेश सभी ओटीटी प्लेटफार्म अपने यहाँ पर वेब सीरीजों का निर्माण और प्रदर्शन कर रहे हैं। हर प्लेटफार्म पर वर्ष में एक-दो बार ऐसी सीरीज का प्रसारण होता है जिन्हें दर्शक पसन्द करता है। कुणाल खेमू अभिनीत ‘अभय’ ऐसी ही एक सीरीज है जिसका दर्शकों को इंतजार रहता है। इस सीरीज के पिछले दो सीजन दर्शकों को बहुत पसन्द आए। इस सफलता के बाद ही जी5 से इस सीरीज का 3रा सीजन हाल ही में प्रसारित किया है। इसका पहला सीजन 7 फरवरी, 2019 और दूसरा सीजन 2020 में आया था। दोनों सीजन्स को लोगों ने काफी पसंद किया था और अब सीजन 3 को देखने के बाद निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि इसे अभी और आगे बढ़ाया जा सकता है। वेब सीरीजों की दुनिया में यह कमाल का थ्रिलर है। हालांकि कहीं-कहीं पर 3रा सीजन अभी धीमी गति की वजह से कुछ उबाऊपन लाता है, इसके बावजूद यह अपनी रोचकता को बरकरार रखने में सफल रहा है। कुणाल खेमू के अलावा इस सीरीज में तनुज विरवानी, दिव्या अग्रवाल, विजय राज और राहुल देव जैसे एक्टर्स भी हैं। इन्होंने शो में खलनायक के तौर पर प्रवेश किया है।
इस बार भी पिछले सीजन्स की तरह एसपी अभय श्रीवास्तव (कुणाल खेमू) मर्डर मिस्ट्री सुलझाते हुए नजर आ रहे हैं। पहला केस वो हाइवे का हल करते हैं। इसके बाद वो उस सीरियल किलर की तलाश में लग जाते हैं जो मानसिक तौर पर विक्षिप्त है और एक राक्षस की तरह हत्याएँ कर रहा है। केस में कुछ सुपरनेचुरल एक्टिविटी भी दिखाई गई हैं। इन केस को अभय कैसे सॉल्व करता है। ये सीरीज इसी बारे में हैं।
अपने पहले सीजन से ही इस सीरीज ने अपने खलनायकों के चलते लोकप्रियता हासिल की है। पिछले सीजन में रामकपूर ने अपने खलनायकी तेवरों से दर्शकों को रोमांचित किया था और इस सीजन में दिव्या अग्रवाल और विजय राज ने अपनी गहरी छाप दर्शकों पर छोड़ी है। वहीं तनुज विरवानी और निधी सिंह का कैरेक्टर भी आपका ध्यान खींचेगा। कुणाल खेमू धीर गम्भीर एसपी अभय श्रीवास्तव की भूमिका में स्वयं को अच्छा प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्हें संवाद कम जरूर मिले हैं लेकिन उन्होंने अपने चेहरे की भावाभिव्यक्ति से अपने किरदार को जबरदस्त प्रभावी बनाया है। दर्शक एक तरफ जहाँ खलपात्रों के अभिनय का दीवाना बन रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह कुणाल खेमू का भी मुरीद बन जाता है।
सीरीज दर्शकों को अपनी कसावट के चलते अपने साथ जोडऩे में पूरी तरह से कामयाब है। हर एपिसोड अब क्या होगा का प्रश्न दर्शक के दिमाग में पैदा करता है। यह कथा-पटकथा लेखकों की जीत है, जो दर्शकों की जिज्ञासा को बरकरार रखने में सफल हुए हैं।

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