RRR को सोलो रिलीज मिलना मुश्किल, कमाई में होगी कटौती, वितरक भी देंगे कम पैसा!

www.khaskhabar.com | Published : बुधवार, 05 जनवरी 2022, 4:12 PM (IST)

एसएस राजामौली की फिल्म RRR का प्रदर्शन टलना न सिर्फ वितरकों के लिए नुकसानदायक साबित हुआ है अपितु इस निर्णय से इसके निर्माताओं को भी लगभग 150-200 करोड़ के मध्य नुकसान होगा। गौरतलब है कि इस फिल्म के वितरण और दूसरे अधिकारों 890 करोड़ रुपये में बेचा गया है। यह रकम तब मिलना तय मानी जाती जब फिल्म अपने सही समय में प्रदर्शित हो जाती, लेकिन अब जब फिल्म आगे सरक गई है तो निर्माताओं को 890 करोड़ की राशि में नेगोसिएशन करना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त राजामौली ने 7 जनवरी की प्रदर्शन तिथि को देखते हुए इसके प्रमोशन में ही कम से कम 20 करोड़ का खर्च कर दिया था। जो पूरी तरह बेकार चला गया है। यदि यह फिल्म अप्रैल या फिर सितम्बर (जिसकी सम्भावना ज्यादा नजर आती है) में प्रदर्शित होती है तो उन्हें अपनी फिल्म का बज बनाने के लिए दोबारा से प्रमोशन करना पड़ेगा जिस पर उम्मीद है कि वे 20 करोड़ से ज्यादा ही खर्च करेंगे। फिल्म की रिलीज में जितनी देर होगी उतना ही ब्याज का खर्च भी बढ़ता जाएगा। अब नए सिरे से रिलीज के वक्त कुछ डील्स रीनेगोशिएट होंगी। 7 जनवरी को इस फिल्म को सोलो रिलीज का फायदा मिल रहा था लेकिन, नए सिरे से रिलीज के वक्त यह फायदा नहीं मिला तो कमाई में और कमी हो सकती है। फिल्म की ओवरसीज में लगभग 10 करोड़ की एडवांस बुकिंग हो चुकी थी जिसका रिफंड देना होगा। यह 10 करोड़ सीधे-सीधे वितरकों को नुकसान है। इसकी वजह से अब भविष्य में ओवरसीज डील में भी रेट निगोशिएट हो सकते हैं। पुन: जब फिल्म प्रदर्शित होती है तब दर्शकों का क्या मानस बैठता है इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। वैसे भी बार-बार अपनी प्रदर्शन तिथि को आगे सरकाने से इस फिल्म के प्रति दर्शकों का रुझान कम हो गया है। इसके अतिरिक्त एक और बात जो इन दिनों तो ज्यादा सुर्खियाँ नहीं पा रही है वह है फिल्म का सिनेमाघरों में प्रदर्शन के ठीक 4 सप्ताह बाद ओटीटी प्लेटफार्म पर आना। दर्शकों का कुछ प्रतिशत हिस्सा ऐसा हो गया जो अब सिनेमाघरों के स्थान पर फिल्म को ओटीटी प्लेटफार्म पर देखना ज्यादा पसन्द करता है। इसका कारण यह है कि यहाँ पर टिकट का अतिरिक्त पैसा नहीं देना पड़ रहा है।

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आरआरआर के लिये सारी तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री एसएस राजमौली के साथ खड़ी थी। दूसरे मेकर्स ने अपनी रिलीज डेटस आगे बढ़ा ली थीं। हिंदी में ‘गंगुबाई काठियावाड़ी’ ने अपनी रिलीज डेट आगे बढ़ाई थी। अब ‘आरआरआर’ जब भी रिलीज होगी तब तेलुगु और हिंदी में ऐसी सोलो रिलीज का फायदा मिलने की संभावना बहुत कम है। इससे भी फिल्म की कमाई पर असर होगा।
आंध्रप्रदेश में वितरकों से मिलेंगे 115 करोड़
आंध्र प्रदेश में फिल्म मेकर्स और प्रदेश सरकार के बीच टिकट रेट को लेकर मसला चल रहा है। यहाँ सरकार ने टिकट रेट की सीमा तय कर दी है। आरआरआर के मेकर्स ने पहले भी प्रदेश सरकार से अपील की थी कि उनकी फिल्म बड़े बजट की फिल्म है, जिसकी लागत निकालने के लिए सरकार टिकट के दाम बढ़ाने की अनुमति दे। आरआरआर के आंध्र रिलीज के राइट्स 165 करोड़ रुपए में बेचे गए थे, लेकिन कम टिकट दर की वजह से वितरकों ने ओरिजिनल डील में भी कटौती की मांग की थी। निर्माताओं और वितरकों के बीच 30 प्रतिशत की कटौती पर सहमति बनी है। इसका मतलब आरआरआर को इस प्रदेश से वितरकों की तरफ से करीब 50 करोड़ रुपए कम मिलेंगे।
एक अनुमान है कि अब ‘आरआरआर’ अप्रैल 2022 में रिलीज हो सकती है। अगर उस वक्त तक देश में स्थिति सामान्य नहीं होगी तो यह फिल्म सितंबर 2022 तक भी खिंच सकती है। मतलब, इस फिल्म में निवेश पर ब्याज का बोझ इतने समय तक बढ़ता रहेगा। फिल्म के 450 से 500 करोड़ तक के बजट के हिसाब से यह रकम बहुत बड़ी हो सकती है।
विभिन्न अधिकारों से मिली आरआरआर की कमाई पर एक नजर—
हिन्दी वितरण से मिले—140 करोड़ (जयंतीलाल गढ़ा)
तेलंगाना वितरण से मिले—75 करोड़
आंध्रप्रदेश वितरण से मिले—165 करोड़ (अब मिलेंगे 115 करोड़),
कर्नाटक-केरल वितरण से मिले—60 करोड़ (अब उम्मीद 50 करोड़ की),
ओवरसीज वितरण से मिले—70 करोड़ (यहाँ से अब उम्मीद 50 करोड़ की है)
डिजिटल राइट्स से मिले—170 करोड़,
सैटेलाइट राइट्स से मिले—130 करोड़ (बताया जा रहा है कि अब इन दोनों माध्यमों से भी पैसा कम मिलेगा)
संगीत अधिकार—20 करोड़ ।
अभी तक निर्माताओं की ओर से कम मिलने वाली रकम को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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