फिल्म समीक्षा स्पाइडरमैन: नो वे होम

www.khaskhabar.com | Published : शुक्रवार, 17 दिसम्बर 2021, 4:35 PM (IST)

फिल्म समीक्षा
स्पाइडरमैन: नो वे होम
सितारे—टॉम हॉलैंड, जेंडया, जैकब बटालोन और बेनेडिक्ट कंबरबैच
निर्देशक—जॉन वॉट्स
स्टार—5/3
हॉलीवुड की कोरोना की दूसरी लहर के बाद बहुप्रतीक्षित और बहुचर्चित फिल्म स्पाइडरमैन: नो वे होम का भारत में प्रदर्शन हो चुका है। भारत में यह फिल्म एक दिन पहले प्रदर्शित हुई है। स्पाइडर मैन:नो वे होम एक बेहतरीन सुपरहीरो फिल्म है। ये फिल्म बीती दो स्पाइडर मैन फिल्मों से बेहतर है लेकिन पुरानी फिल्मों से अभी भी पीछे रह जाती है। पुरानी फिल्मों से हमारा मतलब 2002 में आई पहली स्पाइडरमैन, साल 2004 में रिलीज हुई फिल्म स्पाइडरमैन 2 और हाल ही में रिलीज हुई एनिमिनेटेड फिल्म स्पाइडरमैन: इनटू द स्पाइडर यूनिवर्स, है।

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फिल्म वहीं से शुरू होती है जहां पर पिछली फिल्म खत्म हुई थी। चीजें केवल पीटर पार्कर (टॉम हॉलैंड) के लिए ही नहीं बल्कि उसके बेस्ट फ्रेंड नेड (जैकब बटालोन), एमजे (जेंडया) और आंट मे (मरिसा टोमेई) के लिए भी एकदम से बदल जाती हैं। इन सब परेशानियों से निजात पाने के लिए पीटर डॉक्टर स्ट्रेंज (बेनेटिक्ट कंबरबैच) की शरण में जाता है। (पिछली स्पाइडरमैन फिल्मों में डॉक्टर स्ट्रेंज की जगह पर आयरन मैन थे) वो चाहता है कि चीजें पहले की तरह ही सही हो जाएं। हालांकि उसका ये कदम गलत साबित होता है। बाहर की दुनिया के कई और खलनायकों से स्पाइडरमैन का सामना होता है।

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स्पाइडर मैन सीरीज की पिछली दो फिल्में स्पाइडर मैन: होमकमिंग और स्पाइडर मैन: फार फ्रॉम होम कुछ कमजोर फिल्में थी। स्पाइडर मैन: नो वे होम उन दोनों से कई गुना बेहतर फिल्म है। लेकिन पुरानी फिल्मों से अभी भी पीछे रह जाती है। पुरानी फिल्मों से हमारा मतलब 2002 में आई पहली स्पाइडरमैन, साल 2004 में रिलीज हुई फिल्म स्पाइडरमैन 2 और हाल ही में रिलीज हुई एनिमिनेटेड फिल्म स्पाइडरमैन: इनटू द स्पाइडर यूनिवर्स, है। फिल्म में स्पाइडर मैन फ्रेंचाइजी की लीगेसी को आगे बढ़ाया गया है। शानदार एक्शन सीन्स और इमोशंस आपका दिल जीत लेते हैं। फिल्म देखते हुए सबसे शानदार अनुभव तब होता है जब सभी पुराने दुश्मन एक साथ मिलकर स्पाइडर मैन को हराने के लिए आगे आते हैं। ये आपको नॉस्टेल्जिया में ले जाता है। तकनीकी तौर पर फिल्म सशक्त है। सितारों का अभिनय, वीएफएक्स, प्रोडक्शन डिजाइन, बैकग्राउंड स्कोर समेत सभी में यह अव्वल नजर आती है।

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फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि यह काफी प्रेडिक्टेबल है। दर्शक आने वाले दृश्यों की कल्पना पहले से ही कर लेता है। इसके अतिरिक्त अभिनेता जेंडया की अदाकारी भी फिल्म की एक कमजोर कड़ी है। हालांकि फिल्म के दूसरे कलाकारों ने अपने अभिनय से फिल्म की इस कमजोरी को पूरी तरह से दर्शकों को नजरअंदाज करने पर मजबूर कर दिया है।
भारत हॉलीवुड फिल्म स्टूडियो मार्वल के लिए बहुत बड़ा बाजार है। यहाँ पर फिल्म को मिली सफलता इस बात का सबूत होता है कि फिल्म पूरे विश्व में बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने में कामयाब होगी। मार्वल की पिछली फिल्मों की सफलता से यही साबित हुआ है।

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