आभूषणों की हॉलमार्किंग योजना के समर्थन में उतरा आरएसएस से जुड़ा संगठन

www.khaskhabar.com | Published : बुधवार, 25 अगस्त 2021, 4:44 PM (IST)

नई दिल्ली। सर्राफा व्यपारियों के विरोध के बीच केंद्र सरकार की ओर से स्वर्ण आभूषणों की हॉलमार्किंग अनिवार्य किए जाने का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठन ने स्वागत किया है। आरएसएस से जुड़कर उपभोक्ता अधिकारों के क्षेत्र में कार्य करने वाले अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने सरकार से सर्राफा कारोबारियों के दबाव में न आने की अपील करते हुए इस योजना को लागू रखने की अपील की है। 23 अगस्त को हॉलमार्किंग योजना के विरोध में देश में सर्राफा कारोबारी हड़ताल कर चुके हैं। इस बीच संघ से जुड़े संगठन की प्रतिक्रिया के काफी मायने हैं।

आरएसएस से जुड़े अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रदीप बंसल ने आईएएनएस से कहा, गोल्ड बेचने के नाम पर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी होती है। सरकार की ओर से स्वर्ण आभूषणों को हॉलमार्क प्रमाणित कराकर बेचना अनिवार्य किए जाने से ग्राहकों को शुद्ध सोना मिलेगा। हर आभूषण पर यूनिक नंबर दर्ज होने से फर्जी हॉलमार्किं ग नहीं हो सकेगी। उत्पाद की शुद्धता में कमी आने पर ग्राहक हर्जाने की मांग कर सकेंगे। व्यापारियों की ओर से अनुचित रूप से विरोध किया जा रहा है।

उधर, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायण भाई साह ने कहा, भारत सरकार ने 16 जून 2021 से देश के 256 जिलों में स्वर्ण आभूषण को हॉलमार्क प्रमाणित कराकर बेचना अनिवार्य किया है, जिससे ग्राहक को शुद्धता की पूरी गारंटी मिलेगी। इसकी मांग अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने ही की थी। सरकार से अपील की है कि सर्राफा व्यापारियों के किसी भी दवाब में आये बिना इसे लागू रखा जाए। सर्राफा व्यापारियों की हड़ताल अनुचित है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायण भाई साह के मुताबिक, हॉलमार्किं ग योजना के तहत प्रत्येक स्वर्ण आभूषण की अलग पहचान के लिए 6 अंकों की विशेष संख्या(एचयूआईडी) प्रत्येक पीस पर हॉलमार्क चिह्न् के साथ अंकित होगी। शुद्धता का भी ब्यौरा हर पीस पर होगा। इससे पता चलेगा कि आभूषण की किस सर्राफा व्यापारी ने हॉलमार्किं ग कराई है। इसकी जानकारी किसी भी ग्राहक को आसानी से उपलब्ध हो जायेगी। ग्राहक स्वर्ण आभूषण में शुद्धता की कमी पाये जाने पर सर्राफ व हॉलमार्क केंद्र पर हर्जाने के लिए आसानी से दावा कर सकेगा। एचयूआईडी के लगने से हॉलमार्क की विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा ग्राहक को भी इसका विशेष लाभ होगा। साथ ही सर्राफा व्यापारियों को भी इससे कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि पारदर्शिता बढ़ने से व्यापार में वृद्धि होगी। पूरी प्रक्रिया आटोमैटिक होगी और फर्जी एचयूआईडी लगाने की आशंका भी नहीं रहेगी।

मंत्रालय ने योजना को सफल बताया

उपभोक्ता कार्य मंत्रालय ने अपने एक बायन में हॉलमार्किं ग योजना को सफल बताया है। अब तक एक करोड़ से अधिक आभूषणों पर हॉलमार्क अंकित होने का आंकड़ा है। 90,000 से अधिक आभूषण-निर्माता पहले से ही पंजीकृत हैं। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्डस (बीआईएस) के महानिदेशक के मुताबिक, हॉलमार्किं ग योजना को बड़ी सफलता मिल रही है और अल्प अवधि में ही 1 करोड़ से अधिक आभूषणों पर हॉलमार्क अंकित करने का कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी अवधि के दौरान, 90,000 से अधिक आभूषण-निर्माताओं ने पंजीकरण भी कराया है।

1 जुलाई, 2021 से 20 अगस्त तक हॉलमार्क के लिए प्राप्त एवं हॉलमार्क अंकित किए गए आभूषणों की संख्या क्रमश: एक करोड़ सत्रह लाख और एक करोड़ दो लाख हो गयी है। हॉलमार्क के लिए अपने आभूषण भेजने वाले आभूषण-निर्माताओं की संख्या 1 जुलाई से 15 जुलाई के दौरान 5,145 से बढ़कर 1 अगस्त से 15 अगस्त, 2021 के दौरान 14,349 हो गई है और 861 एएचसी ने एचयूआईडी- आधारित प्रणाली के तहत हॉलमार्क अंकित करने का कार्य शुरू कर दिया है।

--आईएएनएस

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