यूपी के पिछड़े जिलों पर जमी निवेशकों की निगाह, इलाकों की बदलेगी तस्वीर

www.khaskhabar.com | Published : शनिवार, 03 अप्रैल 2021, 3:54 PM (IST)

लखनऊ। कोरोना वायरस की महामारी जहां अर्थव्यवस्था पर असर डाल रही है, वहीं सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से राज्य के छोटे और पिछड़े जिलो में निवेशकों ने निवेश करने में रूचि दिखाई है। इसके चलते बाराबंकी, गोरखपुर, हरदोई, कानपुर, हमीरपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, जालौन, बदायूं, अमरोहा और गाजियाबाद में कई कंपनियों ने निवेश करने की पहल की है। सूबे के उक्त जिलों में से हरदोई, गोरखपुर, हमीरपुर और बाराबंकी में चार बड़ी कंपनियां 1583 करोड़ रुपए का निवेश कर रही हैं। वही अन्य जिलों में रेडीमेड वस्त्र बनाने वाली कंपनियां 940 करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं। इस निवेश से औद्योगिक विकास के लिहाज से यूपी के पिछड़े उक्त जिलों का न सिर्फ माहौल बदलेगा , बल्कि इन जिलों में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन भी होगा।

औद्योगिक विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में औद्योगिक विकास के लिहाज से पिछड़े हरदोई, गोरखपुर, हमीरपुर और बाराबंकी में चार निवेशक कंपनियां 1583 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। इनके जरिये 1564 लोगों को रोजगार मिलेगा। इन कंपनियों के निवेश संबंधी प्रस्तावों को बीते दिनों सरकार से सहमति मिली है। जिन बड़ी कंपनियों के निवेश प्रस्ताव को सरकार से मंजूरी मिली है, उनमें से ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज बाराबंकी में इंडस्ट्रीज अपना उत्पादन 31 जनवरी 2023 तक शुरू कर देगी। कंपनी 340 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और इससे एक हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार हमीरपुर में जेकेसेम सेंट्रल अगले साल 28 मार्च तक उत्पादन शुरू करेगी। इसमें 381़22 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा, साथ ही 204 लोगों को रोजगार मिलेगा। जबकि हरदोई में बर्जर पेंट्स कंपनी 150 लोगों को रोजगार देगी। कंपनी संडीला हरदोई में 725 करोड़ से ज्यादा का निवेश करेगी। इसके अलावा गोरखपुर में गैलेंट इंडस्ट्रीज अगले साल एक अप्रैल से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करेगी। इसमें 134़74 करोड़ का निवेश होगा। इस परियोजना में 250 लोगों को रोजगार मिलेगा।

इसी प्रकार राज्य के गोरखपुर, कानपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, जालौन, बदायूं, अमरोहा, गाजियाबाद में रेडीमेड वस्त्र बनाने वाली बड़ी कंपनियां फैक्ट्रियां लगाने के लिए आगे आयी हैं। रेडीमेड वस्त्र बनाने वाली ये कंपनियां 940 करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं। इन कंपनियों की फैक्ट्री में साल भर के अंदर प्रदेश के करीब 99 हजार युवाओं को रोजगार मिल जाएगा। इन युवाओं को वस्त्रोद्योग की निवेश व रोजगार योजना के तहत काम मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार नोएडा में रेडीमेड गार्मेट, गोरखपुर में सैनेटरी नैपकीन, कानपुर में फैब्रिक एवं पालीबैग और होजरी क्लाथ, बुलंदशहर में टैक्सटाइल, गाजियाबाद में वीविंग प्रोसेसिंग, मेरठ में धागा इकाई, जालौन में स्पिनिंग, बदायूं में लेस फैब्रिक्स, अमरोहा में गार्मेट तथा गाजियाबाद में इनर गार्मेट की टैक्सटाइल यूनिट लग रही है। हथकरघा व वस्त्रोद्योग विभाग अधिकारियों के अनुसार, नए वित्तीय वर्ष के बजट में करीब 25 हजार लोगों को रोजगार दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा भी 50 हजार से ज्यादा लोगों को विभिन्न योजनाओं में रोजगार दिलाया जाएगा। उक्त जिलों में इन टैक्सटाइल यूनिट की स्थापना होने से वहां कारोबारी माहौल बनेगा और रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।

अधिकारियों का यह भी कहना है कि सूबे में सात नए टेक्सटाइल पार्क और केंद्र सरकार के सहयोग से बनने वाले दो मेगा टेक्सटाइल पार्क के अलावा नोएडा का परिधान पार्क भी लाखों लोगों को रोजगार का मौका देंगे। इसके अलावा आगरा, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ ,झांसी शहरों में टेक्सटाइल पार्क बनाने की योजना तैयार हो गई है। इससे संबंधित प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट में भेजा जाएगा।

--आईएएनएस

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