बदायूं दुष्कर्म कांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 50 हजार रुपये का घोषित था इनाम

www.khaskhabar.com | Published : शुक्रवार, 08 जनवरी 2021, 11:38 AM (IST)

बदायूं । उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सत्य नारायण को पुलिस ने गुरुवार रात गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि बदायूं के उघैती में सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या के मामले में फरार मुख्य आरोपी 50 हजार रुपये के इनामी पुजारी को गुरुवार की रात गांव वालों की मदद से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

रविवार की शाम को उघैती क्षेत्र की 45 वर्षीय महिला की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी पुजारी फरार था। उसकी तलाश में जोन की पुलिस लगी हुई थी। बदायूं पुलिस ने पूरे उघैती इलाके की नाकेबंदी कर रखी थी।

गुरुवार की रात करीब 10 बजे मेवली गांव के लोगों को एक महिला के घर में किसी व्यक्ति के छिपे होने की जानकारी मिली। गांव वालों ने जब घर में जाकर महिला से पूछा तो उसने मना कर दिया। शक होने पर कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

एडीजी की स्पेशल टीम भी गांव में पहुंच गई। एसएसपी बदायूं उघैती थाने की पुलिस भी वहां आ गई। इसी दौरान लोग महिला के घर में घुस गए। भीड़ को देखकर पुजारी ने भागने की कोशिश की। इसी दौरान ग्रामीणों और पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें उत्तराखंड, बरेली, चंदौसी, कासगंज में दबिश देती रही थीं, जबकि वह उसी गांव में छिपा रहा। गुरुवार रात पुलिस को पता चला कि वह किसी चेले के घर में छिपा है। रात करीब 11 बजे दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसे शरण देने वाले युवक को भी पुलिस थाने लेकर आई है।

महिला से सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के मामले में लापरवाही पाए जाने पर तत्कालीन एसओ राघवेंद्र प्रताप सिंह व हल्का दारोगा अमरजीत पर गुरुवार देर रात मुकदमा दर्ज करा दिया गया। दोनों पुलिसकर्मी सूचना के बावजूद रविवार को मौके पर नहीं पहुंचे थे।

शासन से सख्ती होने के बाद गुरुवार देर रात एसएसपी के निर्देश पर दोनों के खिलाफ धारा 166 ए (महिला अपराध की सूचना के बावजूद तत्परता न बरतना, सही धाराओं में तुरंत रिपोर्ट दर्ज नहीं करना।) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। एडीजी अविनाश चंद्र ने बताया कि जांच के लिए जोन स्तर पर भी चार सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। तत्कालीन एसओ और एक दारोगा पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। दोनों ने सूचना के बावजूद लापरवाही बरती।

ज्ञात हो कि रविवार को उघैती क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली आंगनबाड़ी सहायिका धर्मस्थल में पूजा करने गई थीं। वहीं महंत सत्य नारायण, उसके साथी वेदराम व जसपाल ने दुष्कर्म किया। महिला के निजी अंगों को क्षतिग्रस्त किया गया था। अधिक रक्तस्राव होने से उनकी मौत हो गई थी।

मंगलवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ और बुधवार को वेदराम व जसपाल को गिरफ्तार कर लिया गया।

--आईएएनएस

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