बिहार : लालू की जेल से कथित फोनवार्ता ने तूल पकड़ा, मामला दर्ज

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 26 नवम्बर 2020, 9:21 PM (IST)

पटना। चर्चित चारा घोटाले के मामले में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के जेल से कथित तौर एक भाजपा विधायक को फोन करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। विधायक ने मामला दर्ज कराया है। भाजपा के विधायक ललन पासवान ने लालू प्रसाद के खिलाफ पटना के निगरानी थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि लालू प्रसाद ने उनसे मंत्री पद का लालच देकर भ्रष्ट आचरण कराने का प्रयास किया है।
इसकी पुष्टि भाजपा के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी की है। पूर्व उपमुख्यमंत्री मोदी ने गुरुवार को अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा, "ललन पासवान ने जेल से फोन करने मंत्री पद की पेशकश करने के लिए भ्रष्टाचार अधिनियम रोकथाम कानून के तहत लालू प्रसाद यादव के खिलाफ पटना के विजिलेंस (निगरानी) थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने एक लोक सेवक को मंत्री पद के रूप में रिश्वत देने का आरोप लगाया है।"
परपौंती क्षेत्र से भाजपा के विधायक ललन पासवान ने थाना प्रभारी को दिए अपने आवेदन में आरोप लगाया है, "24 नंवबर की शाम मोबाइल नंबर 9771710340 पर 8051216302 से एक टेलीफोन आया। फोन उठाने पर दूसरी तरफ से बताया गया कि मैं लालू प्रसाद यादव बोल रहा हूं। उन्होंने कहा कि वे मुझे आगे बढ़ाएंगे और मुझे मंत्री पद दिलवाएंगे, इसीलिए 25 नवंबर को बिहार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में मैं अनुपस्थित होकर अपना वोट नहीं दूं। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह वो 25 तारीख को राजग की सरकार गिरा देंगे।"
थाने में दिए गए आवेदन में आगे लिखा गया है, "लालू प्रसाद यादव जो कि राजद अध्यक्ष हैं एवं रांची में चारा घोटाला केस में सजायाफ्ता हैं, उन्होंने जानबूझकर सोची-समझी साजिश के तहत मुझे राजनीति में आगे बढ़ाने एवं मंत्री बनाने का लालच देकर एक जनसेवक (पब्लिक सर्वेट) का वोट खरीदने एवं राजग की सरकार को गिराने के लिए जेल के अंदर से फोन लगाकर मुझसे मोबाइल फोन पर संपर्क किया और मेरा वोट अपने एवं अपनी पार्टी के महागठबंधन के पक्ष में लेने की कोशिश की और मुझसे भ्रष्ट आचरण कराने का प्रयास किया।"
विधायक पासवान ने आगे कहा है कि लालू प्रसाद यादव के विरुद्ध भारतीय दंड विधान एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
--आईएएनएस

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे