राजस्थान के भीलवाड़ा और भरतपुर में नये मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ

www.khaskhabar.com | Published : बुधवार, 26 अगस्त 2020, 3:53 PM (IST)

जयपुर /नई दिल्ली । राजस्थान के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है। आज इस राज्य में दो नये मेडिकल कॉलेज और तीन मेडिकल कॉलेजों में नये सुपरस्पेशिलिटी ब्लॉक जनता को समर्पित किए गए। इन पर 828 करोड़ रुपये की लागत आई है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इनका उद्घाटन किया। इस अवसर पर डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि 2003 में लालकिला के प्राचीर से तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने देश में नई दिल्ली के एम्स जैसे केन्द्र खोलने और मेडिकल कॉलेजों में सुपरस्पेशिलिटी ब्लॉक बनाए जाने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस काम को आगे बढ़ाया और 6 साल में देश में 23 नये मेडिकल कॉलेज बने। इसी तरह देश में 22 और एम्स भी बनाए गए। डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि भाजपा की वरिष्ठ नेता स्वर्गीय राजमाता विजयराजे सिंधिया की स्मृति में भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज का नामकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि इन दोनों मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर 150-150 करोड़ रुपये की राशि खर्च आई है। इन दोनों कॉलेजों में 150-150 अंडर ग्रेजुएट मेडिकल सीट होंगी। भरतपुर मेडिकल कॉलेज में 525 बिस्तर की सुविधा होगी, जिनमें से 34 आईसीयू बिस्तर होंगे। इसी तरह भीलवाड़ा में 458 बिस्तर की सुविधा होगी, जिनमें से 12 आईसीयू बिस्तर होंगे। उन्होंने कहा कि ये दोनों मेडिकल कॉलेज खुलने से राज्य में उत्तम उपचार की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने कहा कि देश में 75 नये मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की प्रधानमंत्री ने स्वीकृति दी थी, जिनमें से सबसे अधिक 15 राजस्थान के लिए मंजूर किए गए थे। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि राजस्थान में बड़ी संख्या में नये मेडिकल कॉलेज बने हैं। ये सभी नये मेडिकल कॉलेज आकांक्षी जिलों में बनाए गए हैं, ताकि अब तक उत्तम स्वास्थ्य से वंचित रहे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि कोविड-19 की चुनौती के बीच नये मेडिकल कॉलेजों का निर्माण जनहित में किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में कोरोना के खिलाफ जंग में हम निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं। भारत अन्य विकसित और संपन्न देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में हैं। हमारी रिकवरी दर सबसे अधिक 76.30 प्रतिशत है और मृत्यु दर न्यूनतम 1.84 प्रतिशत है। मामले दोगुना होने की दर 35 दिन है। अब तक 3.78 करोड़ कुल जांच की गई हैं। कल ही 8 लाख से अधिक जांच की गई। जनवरी, 2020 में हमारे पास एक प्रयोगशाला थी, जब कि यह संख्या बढ़कर आज 1540 हो गई है।

केन्द्रीय मंत्री ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से अपील की कि वे 2025 तक टीबी के उन्मूलन, मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और 5 वर्ष के कम आयु के शिशुओं की मृत्यु दर को न्यूनतम से न्यूनतम बनाने में सहयोग दें। डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि किसी भी महिला के लिए गर्भवती होना वरदान है। हम इसे अभिशाप नहीं बनने देंगे और पूरा प्रयास करेंगे कि किसी भी गर्भवती महिला की मृत्यु न हो। उन्होंने नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन और टेली कंसलटेशन सुविधा-ई-संजीवनी का भी उल्लेख किया। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री से कहा कि वे अपने राज्य में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आरोग्य केन्द्र स्थापित करने में सहयोग दें, ताकि सभी के लिए स्वास्थ्य का लक्ष्य हासिल किया जा सके।


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