प्रतिभागियों ने रिदम, बैलेंस, को-ऑर्डिनेशन एवं कोरियोग्राफी सीखी,कैसे, यहां पढ़ें

www.khaskhabar.com | Published : शनिवार, 06 जून 2020, 8:09 PM (IST)

जयपुर। जवाहर कला केंद्र (जेकेके) के 'ऑनलाइन लर्निंग - चिल्ड्रन्स समर फेस्टिवल' के तहत, 3 दिवसीय 'फोक डांस' सेशन का नृत्यांगना अनिता प्रधान ने शनिवार को समापन किया। सेशन में प्रतिभागियों ने राजस्थान के लोक नृत्यों की विभिन्न शैलियों को समझा। इस सेशन के दौरान, कलाकार ने प्रतिभागियों को राजस्थान के प्रमुख लोक नृत्यों में से एक 'घूमर' नृत्य की स्टेप-बाय-स्टेप कोरियोग्राफी सिखाई। प्रतिभागियों को नृत्य प्रस्तुति से पूर्व आवश्यक हाथ, पैर, गर्दन और कमर की वॉर्म-अप एक्सरसाइज सीखने का भी मौका मिला।

सेशन के समापन के दिन, प्रतिभागियों को गत दो दिनों के लेसन को रिवाइज कराया गया। इसके बाद, उन्हें 'ए जी म्हारी रूणक झुणक पायल बाजे' लोक गीत पर 'घूमर' की सम्पूर्ण कोरियोग्राफी सिखाई गई। सेशन में आगे 'चरी नृत्य' की कोरियोग्राफी भी सिखाई गई, जिसमें छोटी चरी को सिर पर रखकर बैलेंस करना होता है। यह नृत्य किशनगढ़ से है और यह महिला समूह नृत्य है जो पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध है। कोरियोग्राफी के दौरान, कलाकार ने हाथ और पैरों के मूवमेंट, बैलेंस, को-ऑर्डिनेशन के साथ ही चरी परफॉर्मेंस के साथ बजने वाले वाद्ययंत्र के बारे में भी बताया। इसके अलावा, प्रतिभागियों ने राजस्थान लोक नृत्य ‘तेरह ताली’ की बारीकियां भी सीखीं। जिसमें महिलाएं फर्श पर बैठ कर नृत्य प्रस्तुत करती हैं।

सेशन के पहले और दूसरे दिन, कलाकार ने राजस्थानी नृत्य में प्रमुख विभिन्न हैंड मूवमेंट्स के बारे में सिखाया था। उन्होंने समझाया कि नृत्य के दौरान, जितने लचीले आपके हाथ होते हैं, उतना ही आपके नृत्य में आकर्षण आएगा। इसके अलावा, यह सेशन बॉडी बैलेंसिंग और सिटिंग एक्ससाइज सिखाने पर भी केंद्रित रहा। लय बनाए रखने के दौरान पैरों के मूवमेंट, हाथ एवं पैरों का तालमेल, नृत्य के दौरान हावभाव, काउंटिंग बनाए रखने पर भी चर्चा की गई। लोक नृत्य का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है 'घूंघट'। कलाकार ने यह भी प्रदर्शित करके बताया कि नृत्य के दौरान घूंघट को किस तरह पकड़ना चाहिए, कब तक घूंघट धारण करना चाहिए और इसे कैसे उठाना चाहिए।

इसी तरह, कलाकार ने लोक नृत्य से संबंधित शब्द जैसे 'ताल', 'तिहाई' और 'सम' के बारे में भी समझाया। उन्होंने कहा कि नृत्य प्रस्तुति के दौरान नायक-नायिका, चेहरे और आंखों के भाव समान रूप से महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कलाकार ने समझाया कि डांस परफॉर्मेंस शुरू करने से पहले डांसर के लिए आमतौर पर 'तिहाई' बजाई जाती है, वहीं 'घूमर' के दौरान 'नगाड़ा' बजाया जाता है।

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