हाईकोर्ट में सरकार ने रखा पक्ष, कहा- जहरीले बोल पर अभी एक्शन का माहौल नहीं, अगली सुनवाई 13 अप्रेल को

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 27 फ़रवरी 2020, 08:24 AM (IST)

नई दिल्ली। दिल्ली हिंसा मामले में आज हाईकोर्ट में फिर से सुनवाई हुई । आज सुनवाई में भड़काऊ बयानों को लेकर एफआईआर दर्ज करने से जुड़ी याचिका पर सरकार ने जवाब दिया। दिल्ली हिंसा के मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अगुवाई वाली बेंच ने की। कोर्ट ने 13 अप्रेल को अगली सुनवाई की तारीख देते हुए चार हफ्ते में केन्द्र सरकार को हिंसा की कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट साैंपने के लिए कहा है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार यानी गृह मंत्रालय को दिल्ली हिंसा मामले में पक्षकार बनाए जाने की दलील को मंजूरी दे दी है।

इससे पहले कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। केंद्र और दिल्ली पुलिस के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि कल कोर्ट ने आदेश जारी कर जवाब मांगा था कि जो भड़काऊ बयान दिए गए थे उनपर करवाई की जाए, जबकि ये बयान 1-2 महीने पहले दी गई। याचिकाकर्ता केवल तीन भड़काऊ बयानों को चुनकर कार्रवाई की मांग नहीं कर सकता।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हमारे पास इन तीन हेट स्पीच के अलावा कई और हेट स्पीच है, जिसको लेकर शिकायत दर्ज कराई। याचिकाकर्ता ने चुनिंदा सिर्फ तीन वीडियो का हवाला दिया है, एक जनहित याचिका में ऐसा नहीं होता है। केंद्र को पक्षकार बनाया जाए या नहीं ये कोर्ट को तय करना है, याचिकाकर्ता को नहीं। हम हिंसा को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

तुषार मेहता ने बताया कि मौजूदा माहौल इस बात के लिए उपयुक्त नहीं है कि हम चुनिंदा तरीके से उन्हीं तीन वीडियो ( बीजेपी नेताओं कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा की स्पीच) को देखे, हमारे पास और भी ऑडियो और वीडियो क्लिप्स हैं। अथॉरिटी वीडियो को देख रही है, इसके बाद सही वक्त पर पुलिस कार्रवाई करेगी। फिलहाल सभी हितधारक हालात को काबू करने में जुटे हुए हैं।



इससे पहले नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुई हिंसा पर बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हिंसा पर काबू पाने में नाकाम रही पुलिस को कोर्ट ने जमकर फटकारा। कोर्ट ने पुलिस को नोटिस जारी कर गुरुवार को सवा दो बजे कोर्ट में जवाब देने के निर्देश दिए। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक को भी भड़काऊ भाषण के वीडियो देखने के बाद कोर्ट में जवाब देने का निर्देश दिए हैं। इसके बाद गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।


दिल्ली हिंसा की सुनवाई करने वाले जस्टिस एस. मुरलीधर का तबादला...


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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबड़े के साथ बातचीत करने के बाद जस्टिस एस. मुरलीधर का तबादला दिल्ली हाई कोर्ट से पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में किया है। इसके साथ ही उन्हें अपने कार्यालय का प्रभार संभालने का निर्देश भी दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 12 फरवरी को हुई अपनी बैठक में दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस एस. मुरलीधर को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की सिफारिश की थी।