पुलवामा हमले का एक साल : बम धमाके में शहीद हुए जवानों को CRPF देगी श्रद्धांजलि

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 13 फ़रवरी 2020, 8:23 PM (IST)

श्रीनगर। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शुक्रवार को पिछले साल जम्मू एवं कश्मीर बम धमाके में यहां शहीद हुए अपने जवानों को श्रद्धांजलि देगी। पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को हुए जैश-ए-मुहम्मद (जैश) के आत्मघाती हमलावर ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था। इस आतंकी हमले में 40 जवान मारे गए थे।

सीआरपीएफ के विशेष महानिदेशक जुल्फिकार हसन, महानिरीक्षक कश्मीर क्षेत्र राजेश कुमार और वरिष्ठ अधिकारी व अन्य बल के जवान लेटपोरा स्थित सीआरपीएफ प्रशिक्षण केंद्र में पुलवामा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। जुल्फिकार हसन ने आईएएनएस से कहा कि यह एक सम्मान समारोह होगा। एक शहीद स्तंभ का अनावरण पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के नाम के साथ किया जाएगा।

इस अवसर पर एक रक्तदान शिविर भी लेटपोरा में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मौके पर शहीदों के परिजनों को आमंत्रित नहीं किया गया है। हसन ने कहा, उनके घरों में भी निजी समारोह (बरसी) का कार्यक्रम होगा। इसके चलते यह निर्णय लिया गया।

श्रीनगर मस्जिद में पूर्व आतंकवादी कमांडर की हत्या

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श्रीनगर। श्रीनगर की एक मस्जिद में पूर्व आतंकवादी कमांडर व जाने-माने मौलवी की हत्या कर दी गई। उनकी पहचान 80 वर्षीय अब्दुल गनी डार उर्फ अब्दुल्ला गजाली के रूप में की गई है। वे प्रमुख अहले हदीस मौलवी थे और आतंकवादी संगठन तहरीक-उल-मुजाहिद्दीन के संस्थापक सदस्यों में एक थे। पुलिस ने कहा कि उन पर मस्जिद के भीतर किसी कुंद वस्तु से हमला किया गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

जम्मू-कश्मीर पुलिस मस्जिद के भीतर व बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। श्रीनगर के एसएसपी हसीब मुगल ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, हम सभी साक्ष्यों को जुटा रहे हैं। डार, जमीयत अहले हदीस के प्रमुख मौलाना शौकत की हत्या में सह अभियुक्त थे, जिनकी हत्या 2011 में विस्फोट के दौरान हुई। इस मामले में उन्हें 2015 में जमानत मिली।