...तो क्या दिल्ली में BJP को अपनों का ही नहीं मिला साथ! केंद्रीय मंत्री ने बताया यह कारण

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 13 फ़रवरी 2020, 5:24 PM (IST)

नई दिल्ली। पूरी ताकत झोंकने के बावजूद भाजपा को दिल्ली विधानसभा चुनाव में सफलता नहीं मिली। उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। आम आदमी पार्टी (आप) को जहां 62 सीटें मिलीं, वहीं भाजपा को 8 सीट से ही संतोष करना पड़ा। भाजपा के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि उसे पिछले साल मई में हुए लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटों पर जीत मिली थी।

इस बीच बेगुसराय (बिहार) में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दावा किया कि दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता अति उत्साह में थे, जिसकी वजह से वे बूथ पर वोट डालने ही नहीं गए और ये ही भाजपा की हार का कारण बन गया। हालांकि गिरिराज ने ये भी कहा कि दिल्ली में हार के कारण नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के मसले पर कोई बदलाव नहीं होगा।

जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं, वे एक तरह से संसद का ही विरोध कर रहे हैं। दिल्ली के नतीजों का बिहार के चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लोकसभा चुनाव की जैसे विधानसभा चुनाव में भी एनडीए की जीत होगी। उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर इस प्रकार का दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में बीजेपी के 62 लाख कार्यकर्ता हैं, जबकि उसे सिर्फ 35 लाख ही वोट मिले।

दिल्ली में क्यों हुई हार, कल 8 घंटे तक मैराथन समीक्षा करेगी भाजपा

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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय पर मैराथन समीक्षा बैठक होगी। यह बैठक सुबह दस बजे से शुरू होकर शाम छह बजे तक चलेगी। भाजपा मुख्यालय पर गुरुवार दोपहर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मीटिंग के बाद प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बताया, शुक्रवार को कई चरणों में समीक्षा बैठक होगी। इसमें पार्टी पदाधिकारियों, चुनाव कमेटी, प्रत्याशियों से लेकर चुनाव कैंपेनिंग से जुड़े लोग शामिल होंगे।

अलग-अलग स्तर के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग चरण में मीटिंग होगी। इस समीक्षा बैठक में विधानसभा चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, सह प्रभारी नित्यानंद राय, दिल्ली प्रभारी श्याम जाजू, प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, संगठन मंत्री सिद्धार्थ खासतौर से मौजूद रहेंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव की अहम जि़म्मेदारी संभालने वाले इन नेताओं के निर्देशन में ही समीक्षा बैठक होगी।