विश्वकर्मा जयंती पर राशि के अनुसार करें पूजा, व्यापार में सफलता और बिगड़े काम बनेंगे

www.khaskhabar.com | Published : मंगलवार, 17 सितम्बर 2019, 1:29 PM (IST)

देवताओं के शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती 17 सितंबर को है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को संसार का पहला वास्तुकार एवं इंजीनियर कहा जाता है। ब्रह्माजी के आदेश से भगवान विश्वकर्मा ने सभी पौराणिक नगरी और उनकी राजधानियां जैसे इन्द्रपुरी, द्वारिका, हस्तिनापुर, स्वर्ग लोक, लंका आदि का निर्माण किया था। भगवान विश्वकर्मा को यंत्रों का देवता माना जाता है। विश्वकर्मा पूजा का कारोबारियों के लिए विशेष महत्व रखता है। हर साल कन्या संक्रांति के दिन विश्वकर्मा पूजा की जाती है। इसी दिन भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था।

शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि विश्वकर्मा जयंती पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से कारोबार में वृद्धि होती है। धन-धान्य और सुख-समृद्धि के लिए भगवान विश्वकर्मा की पूजा करना आवश्यक और मंगलदायी है।

भगवान विश्वकर्मा के बारे में बताया गया है कि यह देवताओं के अस्त्र-शस्त्र, महल और आभूषण आदि बनाने का काम करते हैं। भगवान विश्वकर्मा की पूजा के दिन फेक्ट्रियों, ऑफिस और उद्योगों में लगी हुई मशीनों की पूजा की जाती है। सबसे पहले अक्षत अर्थात चावल, फूल, मिठाई, फल रोली, सुपारी, धूप, दीप, रक्षा सूत्र, मेज, दही और भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर इत्यादि की व्यवस्था कर लें। इसके बाद अष्टदल की बनी रंगोली पर सतनजा बनाएं।

ऐसा मान्यता है कि विश्वकर्मा जयंती के दिन उनकी पूजा सभी लोगों को करनी चाहिए क्योंकि इस सृष्टि में जो भी सृजन और निर्माण हो रहा है, उसके मूल में भगवान विश्वकर्मा ही हैं। उनकी पूजा करने से बिगड़े काम भी बनेंगे, कार्य नियत समय पर बिना विघ्न-बाधा के पूरे हो जाएंगे।

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मेष : आपके राशि का स्वामी मंगल उच्च का है जिसके कारण पूजा आपके लिए विशेष शुभप्रद कही जाएगी। विश्वकर्मा पूजा के दिन को और शुभकारी बनाने हेतु केसरिया रंग का वस्त्र धारण करें।

वृष : विश्वकर्मा पूजा के दिन पूजन कराते समय यह सुनिचित करें कि भगवान विश्वकर्मा के जप पाठ के बाद श्री कुबेर जी की 11 माला जप अवश्य हो। इससे आपकी चल रही ढैय्या की नकारात्मकता कम हो जाएगी।

मिथुन : विश्वकर्मा पूजा के दिन कलश स्थापना के लिए जो रंगोली बनाएं उसमें हरे रंग की अधिकता रखें। भगवान गणपति के शतनाम के पाठ के बाद विश्वकर्मा पूजन कराएं।

कर्क : आपके लिए कल्याणकारी परिणाम प्रदान करने वाला साबित होगा। भगवान शिव का आशीर्वाद विश्वकर्मा पूजन में प्राप्त करने हेतु गरीबो में सफेद अन्न का वितरण करें।

सिंह : विश्वकर्मा पूजा के दिन स्नान करने के बाद भगवान सूर्य को जल अवश्य दें। जल में रोली, लाल फूल, व गुड़ डालना न भूलें। निश्चित तौर पर भगवान विश्वकर्माजी की पूजा मंगलकारी सिद्ध होगी।

कन्या :
चंद्रमा जो आप के लाभ का स्वामी है, सुख स्थान पर रहेगा। जिसके कारण पूजा से आपके सभी मनोरथ सिद्ध होंगे और काम-काज में वृद्धि होगी। नया रोजगार प्रारंभ होगा।

तुला : राशि से पराक्रम भाव का शनि आप के सभी अवरोध को स्वतः समाप्त करने वाला कहा जायेगा। राशि से चतुर्थ मंगल यांत्रिक कार्यो, निर्माण यंत्र से विशेष लाभ देने वाला कहा जायेगा। विश्वकर्मा पूजन से आपको विशेष लाभ प्राप्त होगा।

वृश्चिक : आपके लिए यह विश्वकर्मा पूजा दिवस कार्यक्षेत्र में सफलता देने के साथ-साथ विदेश से संबंधित व्यवसाय में नए रास्ते खोलेगी। पूजा के समय कलश स्थापना लाल रंग की रंगोली पर करें और साबुत लाल मसूर गाय को खिलाएं।

धनु : भगवान विश्वकर्मा की पूजा का विशेष लाभ पाने के लिए श्री गणेश, महादेव व गौरी को वस्त्र अर्पित करें।

मकर : कठिनाइयों और संघर्ष से मुक्ति पाने के लिए विधिवत विश्वकर्मा पूजा करें। साथ ही साथ यह भी सुनिश्चित करें कि पवित्र गायत्री मंत्र के साथ कारखाने व सभी उपकरण की शुद्धि हो जाये।

कुंभ : पारिजात के फूल को भगवान विश्वकर्मा को अवश्य अर्पित करें। इस प्रयोग से सभी नकारात्मक शक्तियां समाप्त हो जाएंगी।

मीन : विश्वकर्मा पूजा साधना-आराधना कर भगवान विश्वकर्मा के साथ-साथ श्री नारायण का आशीर्वाद अवश्य ग्रहण करें। बाधाएं दूर होंगी और शुभ परिणाम निकलेंगे।

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