गरीबो के जीवन में खुशहाली के लिए अनेक योजनाएं संचालित: सरवीन चौधरी

www.khaskhabar.com | Published : बुधवार, 11 सितम्बर 2019, 6:26 PM (IST)

धर्मशाला। शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीन चौधरी ने कहा कि कांगड़ा जिला में इस वित्तिय वर्ष में 6068 नए पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में लाया गया है। इस तरह जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों की संख्या 1,11,591 हो गई है।

सरवीन चौधरी आज बुधवार को धर्मशाला में डीआडीए सभागार में आयोजित जिला कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रही थीं।

शहरी विकास मंत्री ने कहा कि गरीब आदमी का कल्याण प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में समर्पित प्रयास करते हुए गरीबों, वंचितों के जीवन में खुशहाली के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चत बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि जरूरी है कि अधिकारी फील्ड में जाएं और सही तरीके से पात्र लोगों की पहचान हो ताकि समाज में अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

जिला कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक पेंशन योजना के अन्तर्गत 01 अप्रैल, 2019 से 30 सितम्बर, 2019 तक 1,11,591 पात्र व्यक्तियों को लगभग 70 करोड़ रुपये वितरित किये गये है। जिले में पेंशन के कुल मामलों में 70 साल से अधिक आयु के लाभार्थियों की संख्या 53096 है।

कांगड़ा जिले में वर्ष 2019-20 में गरीबों-वंचितों के कल्याण पर 76.23 करोड़ रुपए व्यय किये जाएंगे। ये धनराशि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, वृद्धों और दिव्यांगों के आर्थिक और सामाजिक उत्थान पर खर्च की जाएगी।

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बैठक में कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत बजट का अनुमोदन किया गया। गौरतलब है कि मौजूदा प्रदेश सरकार ने पेंशन दरों में बढ़ोतरी की है। 750 रुपए की जगह 850 रुपए और 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगों और 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को 1300 रुपए के स्थान पर 1500 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।

जिला में गृह अनुदान योजना के तहत 316 घरों का निर्माण किया जाएगा। योजना के तहत गृह निर्माण के लिए 1 लाख 30 हजार रुपए और मुरम्मत कार्य के लिए 25 हजार रुपए का प्रावधान है। इसके अलावा अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना के तहत साढ़े 49 लाख रुपए व्यय किये जाएंगे अनुवर्ती कार्यक्रम के तहत आजीविका कमाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। दिव्यांग छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने की योजना में आय सीमा की शर्त को समाप्त कर दिया गया हैं तथा छात्रवृत्ति की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। दिव्यांग विवाह अनुदान योजना के तहत 40 से 74 प्रतिशत तक के दिव्यांगों के मामलों में 25 हजार और 75 से 100 प्रतिशत के मामलों में 50 हजार की अनुदान राशि दी जा रही है। इस योजना के तहत जिला में इस वर्ष 7 लाख रूपये व्यय किए जाएंगे।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को कम्पयूटर प्रशिक्षण और दक्षता के लिए मासिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। योजना के तहत जिला में इस वर्ष 1604 युवाओं को सहायता प्रदान की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, मदर टेरेसा मातृ सम्बल योजना के तहत वर्तमान वित्त वर्ष में भी 1.42 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि महिला स्वयं रोजगार योजना के तहत वर्तमान वित्त वर्ष में 1 लाख 40 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत गत वर्ष कुल 445 लाभार्थियों को 1 करोड़ 78 लाख रुपयेे की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई है और वर्तमान वित्त वर्ष में भी 1 करोड़ 24 लाख 60 हजार रुपये बजट का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि बेटी है अनमोल योजना के तहत गत वर्ष 2 करोड़ 64 लाख रुपये व्यय किये गये थे तथा वर्तमान वित्त वर्ष में भी 2 करोड़ 82 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।



कांगड़ा में अनुसूचित जाति उप योजना में खर्च होंगे 166 करोड़

शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीन चौधरी ने जिलास्तरीय अनुसूचित जाति उप योजना की समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कांगड़ा जिला में वर्तमान वित्त वर्ष में 166 करोड़ रुपये व्यय किये जाएंगे। यह धनराशि अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण पर खर्च की जाएगी। बैठक में अनुसूचित जाति उप-योजना 2019-20 के प्रथम तिमाही की समीक्षा के अलावा 2018-19 की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
शहरी विकास मंत्री ने अधिकारियों को अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के उत्थान लिए तैयार योजनाओं का पूरा लाभ धरातल पर पहुंचाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वंचित, पिछड़े तबकों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 में इस उप योजना के तहत कांगड़ा जिला में अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण पर 143 करोड़ 23 लाख 14 हजार रुपये व्यय किये गये। इसमें राज्य योजना के तहत जिले में 140.15 करोड़ रुपये तथा विशेष केंद्रीय सहायता के अंतर्गत 1.22 करोड़ रुपए खर्चे जा रहे हैं। इसके साथ साथ जिले में कंेंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत 3.39 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं। विशेष सहायता के सही उपयोग एवं योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित बनाएं कि योजनाओं के लाभ केवल चुनिंदा लोगों तक ही सीमित न रहें। उन्होंने अधिकारियों को अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए चलाई गई सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए समर्पित प्रयास करने को कहा। उन्होंने कहा कि विभाग सुनिश्चित करें कि केवल कुछ एक लोगों तक ही बार-बार सरकार की योजनाओं का लाभ न मिले।