हाईकोर्ट के जज चितंबरेश बोले, पूर्व जन्मों के आधार पर ब्राह्मणों का जन्म होता है दो बार

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 25 जुलाई 2019, 11:25 AM (IST)

कोच्चि। केरल हाई कोर्ट के जज वी चितंबरेश (High Court Judge V. Chitambares ) ने एक बयान पर विवाद पैदा हो गया है। उच्च न्यायालय के जज वी. चितंबरेश ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ब्राह्मणों का दो बार जन्म होता है। पूर्व जन्मों के कर्मों के आधार पर ब्राह्मणों का जन्म दो बार होता है और ब्राह्मणों में तमाम सद्गुण रहते हैं। उनका यह बयान काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। संस्कृति और कानून मंत्री ए के बालन (Law minister A.K. Balan) ने कहा है कि कोच्चि में सार्वजनिक समारोह में केरल उच्च न्यायालय के जज चिदंबरेश द्वारा की गई टिप्पणी "अनुचित" है। बालन ने कहा कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर रहते हुए व्यक्तिगत राय व्यक्त नहीं की जानी चाहिए थी।

यह बयान जज वी चितंबरेश ने केरल ब्राह्मण सभा की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। जज वी चितंबरेश ने ब्राह्मणों के लिए आर्थिक आधार आरक्षण की वकालत कर नई बहस भी छेड़ने का प्रयास किया।

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जस्टिस चितंबरेश ने कहा कि ब्राह्मणों को जाति या धर्म पर आधारित आरक्षण व्यवस्था का विरोध करते हुए इसे आर्थिक आधार पर देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यही समय है कि आप सभी ब्राह्मण आरक्षण के आधार पर सवाल उठाएं। एक संवैधानिक पद पर रहते हुए मेरे लिए यह सही नहीं होगा कि मैं इस मुद्दे पर अपनी राय रखूं, लेकिन मैं आपको बस ये याद दिला रहा हूं कि ऐसे मंच मौजूद हैं, जहां पर आप अपनी आवाज उठा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने 10 पर्सेंट आरक्षण का इंतजाम किया गया है। उन्होंने आगे समझाते हुए कहा कि ब्राह्मण कुक का बेटा नॉन क्रीमी लेयर में आता है तो भी उसे आरक्षण व्यवस्था का लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन एक लकड़ी के व्यापारी का बेटा जो कि पिछड़े वर्ग का है, उसे आरक्षण के फायदे जरूर मिलेगा। ऐसे में यही समय है कि आप सब आगे आएं और इस बारे में अपनी आवाज जरूर उठाएं।