Super 30 Review : गरीबों के हुनर को सलाम करती है ‘सुपर 30’

www.khaskhabar.com | Published : शुक्रवार, 12 जुलाई 2019, 3:32 PM (IST)

कलाकाल : ऋतिक रोशन, मृणाल ठाकुर, पंकज त्रिपाठी, नंदीश सिंह, आदित्य श्रीवास्तव, अमित साध और वीरेंद्र सक्सेना।
डायरेक्टर : विकास बहल।

इस शुक्रवार को बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन की फिल्म ‘सुपर 30’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म की कहानी ऋतिक रोशन (आनंद कुमार) आज के समय के महान गणितज्ञ है। यह एक बायोपिक ड्रामा फिल्म है। फिल्म को विकास बहल डायरेक्ट कर रहे है।

ऋतिक रोशन की लंबे समय से कोई फिल्म नहीं आई है, वे लंबे समय से इस फिल्म की तैयारी में लगे रहे। सुपर 30 भी पहले 2018 में आने वाली थी, लेकिन कई कारणों के चलते अब यह फिल्म आज रिलीज हुई है।

कहानी...

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कहानी : फिल्म ‘सुपर 30’ कहानी है बिहार के महान गणितज्ञ आनंद कुमार (ऋतिक रोशन) की जिन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता और सोच के दम पर कई सारे गरीब और जरूरतमंद बच्चों का भविष्य संवारा। बिहार के पटना से ताल्लुक रखने वाले आनंद कुमार के पिता पोस्टल डिपार्टमेंट में बाबू की नौकरी करते थे।

इसी बीच पिता के देहांत के चलते घर का बोझ उसपर है और वो कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में अपने पढ़ाई-लिखाई के सपने को पीछे छोडक़र पापड़ बेचने लगता है। इसके अलावा वो छोटे मोटे काम करके अपने परिवार का गुजारा करता है। इसके अलावा आर्थिक तंगी के चलते आगे की शिक्षा नहीं हासिल कर पाता है। इस दौरान उसकी मुलाकात आदित्य श्रीवास्तव के किरदार से होती है जो उसे अपनी कोचिंग में पढ़ाने के लिए तैयार करता है। इसके चलते आनंद की आर्थिक तंगी और वहीं आदित्य श्रीवास्तव की कोचिंग सेंटर, दोनों में ही सकारात्मक सुधार देखने को मिलता है। इसके बाद कहानी में नया मोड आता है।

आनंद कुमार को एहसास होता है कि कोचिंग में पढ़ाकर वो सिर्फ ऊंचे वर्ग के बच्चों का विकास कर रहे हैं। गरीब और हुनर रखने वाले बच्चे अब भी इससे वंचित हैं। ऐसे में आनंद कुमार अपनी नई कोचिंग सेंटर सुपर 30 की शुरुआत करते हैं। जहां वो गरीब बच्चों को आईआईटी की तैयारी मुफ्त में करवाने लगे। बहुत गरीबी से निकले, गली-मोहल्ले में घूम कर पापड़ तक बेच चुके आनंद कुमार के इंस्टिट्यूट के सारे 30 बच्चों ने पहली ही बार में आई आई टी एंट्रेंस निकाल लिया था। ये बात सिर्फ भारत को ही नहीं, बल्कि दुनिया भर को पता है।

अभिनय...

अभिनय : ऋतिक रोशन इस फिल्म की जान हैं। फिल्म में ऋतिक रोशन (आनंद कुमार) मुख्य भूमिका में हैं। ये फिल्म अमीरी और गरीबी को नहीं बल्कि हुनर को सलाम करती है। फिल्म की कहानी पटना में सेट की गई है।

ऐसे में ऋतिक देसी अंदाज में पूरी तरह से ढले हुए नजर आ रहे हैं। दिक्कत एक ही है कि उनकी बोली, बिहारी अंदाज से जरा कम ही मिलती है। ऋतिक के आनंद कुमार के किरदार में उनका हुनर साफ झलकता है। ऋतिक रोशन की एक्टिंग ने उनकी झोली में सराहना डाली है। वह आनंद कुमार के किरदार में पूरी तरह बस गए हैं।

वहीं मृणाल ठाकुर उनकी प्रेमिका के रोल में हैं। विरेंद्र सक्सेना ऋतिक के पिता के रोल में हैं तो वहीं नंदीश सिंह उनके भाई की भूमिका में हैं। फिल्म में पंकज त्रिपाठी राजनेता की भूमिका में हैं। फिल्म में नंदीश सिंह का अभिनय भी सराहनीय है।

निर्देशन...

निर्देशन : निर्देशक विकास बहल ने सुपर 30 फिल्म को बेहद खूबसूरत अंदाज में पर्दे पर उतार दिया है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह से पिछड़े वर्ग से आए आनंद कुमार के पास हुनर होने के बावजूद उन्हें अपनी आर्थिक तंगी के चलते हार का सामना करना पड़ता है।

‘सुपर 30’ में सबसे स्पेशल काम सारे बच्चों का है। बच्चे जब सीन्स में नज़र आते हैं तो आपको इमोशनल भी करते हैं और इम्प्रेस भी। सेकंड हाफ में फिल्म एक बहुत टिपिकल स्टाइल में चली जाती है। बहुत सारी घटनाएं रिलेट करने लायक नहीं लगतीं। और ये कमज़ोरी फिल्म को ऑडियंस से ज़रा दूर रख सकती है।