सांसद कनकमल कटारा ने सदन में उठाया मामला, केंद्रीय जनजाति विश्वविद्यालय बनाने की मांग

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 11 जुलाई 2019, 4:43 PM (IST)

जयपुर/नई दिल्ली। बांसवाड़ा - डूंगरपुर के सांसद कनकमल कटारा ने जनजाति अंचल बांसवाड़ा जिले में केंद्रीय जनजाति विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग की है। लोकसभा में नियम 377 के तहत यह मामला उठाते हुए कटारा ने कहा कि स्वाधीनता के सात दशक बीत जाने पर इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं शोध के अवसर उपलब्ध करवाने वाले संसाधन बहुत कम है। राजस्थान के दक्षिणांचल में स्थित यह परिक्षेत्र राजस्थान गुजरात व मध्यप्रदेश से जुड़ा हुआ है तथा यहां रहने वाले सभी वर्ग के लोग उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान की दृष्टि से काफी उपेक्षित है।

इस अंचल में जनजाति के साथ साथ बड़ी संख्या में सामान्य, ओबीसी एव अन्य वर्ग के लोग निवास करते है। यहां की सांस्कृतिक परम्परा, भाषा, साहित्य, कला और विधिया और इतिहास विशिष्ट है, जिनका अध्ययन आजादी के बाद से उपेक्षित रहा है। उन्होंने बताया कि बाँसवाड़ा जिला भौगोलिक दृष्टि से राजस्थान, गुजरात व मध्यप्रदेश के जनजाति बाहुल्य क्षेत्र का केंद्रीय स्थान है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में हमारा देश आजादी की 75 वी वर्षगांठ मनाने जा रहा है। इस कड़ी में इस जनजाति अंचल में केन्द्रीय जनजाति विश्व विद्यालय खुलने से उच्च शिक्षा के स्वर्णिम अवसर उपलब्ध हो सकेगें। साथ ही क्षेत्र में निवास करने वाले सर्व समाज को भी शिक्षा का समुचित लाभ मिल सकेगा।

उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की मांग की
कटारा ने उदयपुर के सांसद अर्जुनलाल मीणा द्वारा उदयपुर संभाग मुख्यालय पर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग का समर्थन करते हुए केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर से भेंट कर आग्रह किया कि बाँसवाड़ा - डूंगरपुर संसदीय क्षेत्र जोधपुर हाईकोर्ट से बहुत दूर स्थित है क्षेत्र के लोगो को उच्च न्यायालय पहुचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। जनजाति वागड़ क्षेत्र में निवासरत लोग आर्थिक रूप से इतने सक्षम नही है कि इतनी दूरी तक जाकर आर्थिक बोझ को सहन कर सकें।

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