शिक्षा मंत्री डोटासरा पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर लगा रहे तथ्यहीन आरोप: देवनानी

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 13 जून 2019, 9:36 PM (IST)

अजमेर। पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने वर्तमान शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर यह आरोप लगाया है कि वे पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर गत भाजपा सरकार पर तथ्यहीन व झूठे आरोप लगा रहे है।

पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि शिक्षा राज्य मंत्री डोटासरा ने भाजपा पर प्रदेश में पुस्तकालयों के नाम महात्मा गांधी से बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर किये जाने का जो मामला उठाया है वह बिल्कुल झूठा व निराधार है।

उन्होंन बताया कि गत भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश में भाषा विभाग द्वारा संचालित राजकीय पुस्तकालयों का नामकरण पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर किया गया था तथा महात्मा गांधी का नाम बदलने जैसा कोई विषय ही नहीं था क्योंकि उन पुस्तकालयों के नाम महात्मा गांधी के नाम पर कभी थे ही नहीं।

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देवनानी के कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा पहले प्रतिभा खोज परीक्षा से पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटाया गया तथा अब भाषा विभाग के 35 राजकीय सार्वजनिक पुस्तकालयों के नाम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटाना यह दर्शाता है कि कांग्रेस वंशवाद से बाहर आना ही नहीं चाहती है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद, अंत्योदय विचार, असामान्य गुण व भारतीय सामाजिक, राजनीतिक जीवन में उनका योगदान इतिहास में रेखांकित है तथा उनका देशप्रेम व समर्पण उच्च कोटि का था, परन्तु कांग्रेस एक परिवार के अलावा किसी ओर महापुरूष को महान नहीं मानती।

बिना जानकारी के अन्य विभाग के उठा रहे मामले

देवनानी ने शिक्षा राज्य मंत्री डोटासरा पर आरोप लगाया कि वे पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर बिना किसी जानकारी के अन्य विभागों के मामले उठा रहे है। उन्होंने कहा कि जिन पुस्तकालयों के नाम बदलने का झूठा मामला डोटासरा द्वारा उठाया गया है वे पुस्तकालय शिक्षा विभाग के ना होकर भाषा विभाग के है तथा भाषा विभाग डोटासरा जी के पास है ही नहीं।