बेकार पड़ी चीजों से बनाया ऐसा गार्डन, दुनिया भर में छाया

www.khaskhabar.com | Published : मंगलवार, 14 मई 2019, 2:03 PM (IST)

चंडीगढ़। आपने दुनिया भर में बहुत से गार्डन के बारे में सुना और देखा भी होगा। लेकिन आज हम आपको भारत के ऐसे गार्डन के बारे में बताएंगे जिसके बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे। ये गार्डन भारत में पंजाब के चंडीगढ़ शहर में स्थित है।

चंडीगढ़ की पहचान और चंडीगढ़ की शान यहां का रॉक गार्डन दुनिया के सबसे ज्यादा फेमस गार्डन्स में शुमार है। भारत के मशहूर रॉक आर्टिस्ट नेकचंद ने वेस्ट मटीरियल से करीब 40 एकड़ में इस गार्डन को तैयार किया था। चंडीगढ़ में सुखना झील के निकट स्थापित रॉक गार्डन टूरिस्टों के बीच बेहद प्रसिद्ध है। इसके बनने के पीछे की कहानी भी उतनी ही खास है।

आइए इसके बारे में जानते हैं। चंडीगढ़ में स्थित रॉक गार्डन एक सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह मूल रुप से एक स्कल्पचर गार्डन है। इसकी स्थापना नेक चांद सैनी के द्वारा की गई थी। इसलिए इसे नेक चांद रॉक गार्डन भी कहा जाता है।

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वर्तमान में ये गार्डन 40 एकड़ एरिया में फैला हुआ है। इस गार्डन के संस्थापक नेक चांद का निधन 90 वर्ष की आयु में हो गया था। इस गार्डन की खासियत ये है कि यह गार्डन कूड़े, कर्कट, सिरैमिक, प्लास्टिक बोतलों, पुरानी चूडिय़ों शीशों और पुराने टाइल्स इतियादि की मदद से बनाया गया है।

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एक प्रकार से यह वेस्ट मैनेजमेंट (कूड़ा प्रबंधन) का एक बड़ा उदाहरण है। चंडीगढ़ का रॉक गार्डन आज इतना फेमस हो गया है कि यहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आ चुके हैं।

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साल 2016 में पीएम मोदी यहां पर आए थे इस दौरान उनके साथ अतिथि के तौर पर भारत आए फ्रांस के प्रेसीडेंट फ्रांस्वा ओलांद भी आए थे। यहां पर हर रोज बड़ी संख्या में टूरिस्ट घूमने के लिए आते हैं। यह भारत देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी लोकप्रिय है।

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इसकी स्थापना किए हुए 40 साल से भी ज्यादा समय बीत चुका है। 1958 में नेक चांद ने इस गार्डन की स्थापना की थी।

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इस गार्डन के निर्माण की खासियत ये है कि नेकचंद एक कर्मचारी थे और वे दिन भर साइकिल पर बेकार पड़ी ट्यूब लाइट्स, टूटी हुई चूडिय़ां, चीनी मिट्टी के बर्तन, तार, ऑटो पाट्र्स, चीनी के कप, फ्लश की सीट, बोतल के ढक्कन और बेकार फेकी हुई चीजों को बीनते रहते थे। उनमें रचनात्मक कूट-कूट कर भरी हुई थी।

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अपनी इसी कलात्मकता को उन्होंने इश कलाकृति के रुप में ढालने का मन बनाया। वे इन सभी कूड़े वाले सामानों को एक जगह पर जमा करते रहते और जब भी उन्हें अपनी नौकरी से कुछ समय मिलता वे इन चीजों से बेहतरीन और उत्कृष्ट मूर्तियां और खूबसूरत कलाकृतियां बनाने बैठ जाते थे।

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इनकी बनाई हुई कलाकृतियों को देखकर सभी लोग दंग रह जाते थे। अंत में इन्होंने इन सभी चीजों को एक जगह इक्कठा करके इन्हें एक गार्डन का रुप दे दिया।

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