अधिवक्तागण के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ

www.khaskhabar.com | Published : शनिवार, 11 मई 2019, 10:20 PM (IST)

जयपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, दौसा, जयपुर जिला, जयपुर महानगर, झुन्झुनूं, करौली, सीकर एवं टोंक के 103 पैनल अधिवक्तागण के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ शनिवार को जयपुर के एचसीएम (रीपा) में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंम्भ एमएस सिंघवी, महाधिवक्ता, राजस्थान बार काउन्सिल, जोधपुर की अध्यक्षता में किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न सत्रों में अलग अलग वक्ताओं द्वारा कानूनी एवं विधिक जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विधिक जागरूकता को बढ़ावा देना, पैनल अधिवक्तागण की नियुक्ति के बाद उनको विधिक सेवा कार्यक्रमों, केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं से अवगत कराना है ताकि वे आम जनता को सामान्य कानून व योजनाओं की जानकारी प्रदान कर सकें।

एमएस सिंघवी, महाधिवक्ता, राजस्थान बार काउन्सिल, जोधपुर ने बताया कि वकीलों के लिए यह कार्यक्रम बहुत लाभदायक है। उन्होंने बार काउन्सिल ऑफ राजस्थान में अधिवक्तागण का प्रशिक्षण कार्यक्रम वर्ष 2003 से शुरू किया था जो वर्तमान में भी चल रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवा अधिवक्तागण के लिए बहुत लाभदायक होता है। उन्होंने ऎसे बिन्दुओं की ओर ध्यान आकर्षित किया जिनका पालन करने से एक अधिवक्ता किस तरह प्रभावशाली विधिक सहायता दे सकता है।

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न्यायाधिपति बनवारी लाल शर्मा एवं डीसी सोमानी, सेवानिवृत्त न्यायाधिपतिगण, राजस्थान उच्च न्यायालय ने अपने-अपने उद्बोधन में बताया कि न्यायिक कार्य, वकालत के साथ विधिक सेवा एक ऎसी सेवा हैै जो गरीबों, असहाय, महिला एवं निर्बल व्यक्तियों को सेवा प्रदान करती है।

अशोक कुमार जैन, सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया व बताया कि युवा अधिवक्ता जितनी अधिक कठोर मेहनत करेगा उतना ही बड़ा वकील बनेगा। रालसा ने इस बार विधिक सहायता के पैनल में जो अधिवक्तागण लिए हैं, वे ऎसे हैं जिनकी सात साल की वकालत है जिसके परिणाम भी अच्छे आ रहे हैं। हमने संख्या की बजाय क्वालिटी पर ध्यान दिया है। विधिक सहायता लेने वाले व्यक्ति को हम पर तभी विश्वास होगा जब हम एक अच्छा वकील उसको प्रदान करेंगे। इसलिए रालसा वरिष्ठ/सीनियर अधिवक्तागण की सेवाएं भी विधिक सहायता के रूप में ले रहा है। राजस्थान में 650 अधिवक्तागण ऎसे हैं जो निःशुल्क विधिक सहायता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इस अवसर पर मदन गोपाल व्यास, जिला एवं सेशन न्यायाधीश, जयपुर जिला, जयपुर, अनिल कुमार उपमन, अध्यक्ष, राजस्थान उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन, जयपुर, श्रीमती अर्चना मिश्रा, निदेशक, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर, निहाल चन्द, विशेष सचिव (मीडिएशन एवं आर्बिटे्रशन), राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर, न्यायिक अधिकारीगण, प्रदेश के विभिन्न जिलों से पधारे अधिवक्तागण, रालसा के पदाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण मौजूद थे।