जेकेके स्थापना दिवस समारोह में भाग लेंगे राजस्थान के प्रख्यात थिएटर निर्देशक

www.khaskhabar.com | Published : शुक्रवार, 05 अप्रैल 2019, 6:05 PM (IST)

जयपुर। जवाहर कला केंद्र (जेकेके) के स्थापना दिवस समारोह में राजस्थान के प्रख्यात थिएटर निर्देशक, साहित्यकार एवं कलाकार भाग लेंगे। 2-दिवसीय इस फेस्टिवल ‘निरंत...‘ में जहां एक ओर बच्चों एवं वन्यजीव प्रेमियों के लिये विशेष फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा, वहीं नाट्य प्रेमियों के लिये राजस्थान के प्रसिद्ध थिएटर निर्देशक, भानु भारती के नाटक ‘‘और तमाशा ना हुआ‘‘ का मंचन होगा। इसी प्रकार जयपुर घराने से प्रसिद्ध कथक गुरू पं. राजकुमार जंवड़ा अपने पुत्रों एवं शिष्यों के साथ प्रस्तुति देंगे। जेकेके के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी), फुरकान खान ने यह जानकारी दी।

कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगी पिता पुत्र की जोड़ी
समारोह के तहत सोमवार, 8 अप्रैल को जयपुर कथक घराने के वरिष्ठ नृत्य गुरु, पंडित राजकुमार जवड़ा’ के निर्देशन में मध्यवर्ती में सायं 7 से 9 बजे के मध्य कथक प्रस्तुत होगी। इस कार्यक्रम में राजकुमार जवड़ा के साथ उनके दोनों पुत्र चेतन कुमार जवड़ा एवं भवदीप जवड़ा प्रस्तुति करेंगे। यह एक अनोखा अवसर होगा जबकि जयपुर घराने में पिता पुत्र की जोड़ी एक मंच पर नृत्य करेंगे। इस प्रस्तुति से पूर्व ध्रुवपद गायन एवं तिगुलबंदी वादन के कार्यक्रम भी होंगे।

भानु भारती द्वारा निर्देशित नाटक ‘‘और तमाशा ना हुआ‘‘ का होगा मंचन
राजस्थान के प्रसिद्ध थिएटर निर्देशक भानु भारती द्वारा निर्देशित एवं लिखित नाटक ‘‘और तमाशा ना हुआ‘‘ का मंचन 9 अप्रैल को रंगायन में होगा। 80 मिनिट की अवधि का यह नाटक सायं 7 बजे आरम्भ होगा। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के छात्र रह चुके भानु भारती अपने नवाचारों और रचनात्मकता के लिए भारतीय रंगमंच में विशेष स्थान रखते हैं। इस नाटक की पृष्ठभूमि एक अन्य नाटक के मंचन पर आधारित है, जिसमें रबीन्द्रनाथ टैगोर की 150वीं जन्म जयंती मनाने के लिए एक थिएटर ग्रुप उनके प्रसिद्ध नाटक ‘मुक्तधारा‘ के मंचन की रिहर्सल कर रहा होता है। रिहर्सल के दौरान नाटक के कलाकारों के मध्य वर्तमान समय में इस नाटक के मंचन की प्रासंंिगकता को लेकर बहस छिड जाती है।

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‘संचार माध्यम, समाज और साहित्य‘ पर साहित्यिक परिचर्चा
मंगलवार, 9 अप्रैल को जेकेके के रीडिंग लाउंज में सायं 4 बजे से 6 बजे ‘संचार माध्यम, समाज और साहित्य‘ विषय पर साहित्यिक परिचर्चा का आयोजन किया जायेगा। इस पैनल डिस्कशन में राजस्थान के प्रख्यात साहित्यकार, कवि एवं लेखक शामिल होंगे। परिचर्चा में हरि राम मीणा, राजेन्द्र बोरा एवं फाल्गुनी बंसल जैसे वक्ता शामिल होंगे। राजस्थानी लेखक, नंद भारद्वाज इस परिचर्चा का समन्वयन करेंगे।

डूडल वॉलः

फेस्टिवल के दौरान दोनों दिन जेकेके के डोम पर प्रातः 10.30 से सायं 5 बजे डूडल वॉल एक्टिविटी होगी। इसमें बच्चे एवं विजिटर्स ड्राइंग अथवा कविता के माध्यम से जेकेके के प्रति अपने रचनात्मक उद्गार अभिव्यक्त कर सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि ‘निरंत...‘ फेस्टिवल का उद्घाटन 8 अप्रैल को प्रातः 10.30 बजे मुख्य अतिथि के तौर पर राजस्थान सरकार की कला, संस्कृति, साहित्य, पुरातत्व एवं पर्यटन विभाग की प्रमुख शासन सचिव, श्रेया गुहा करेंगी। ‘निरंत...‘ फेस्टिवल के तहत बच्चों एवं बड़ों के लिए अनेक गतिविधियां आयोजित की जाएगी, जिनमें चिल्ड्रन फिल्मस्, डॉक्यूमेंटरी फिल्म ‘इन सर्च ऑफ गोडावण‘ की स्क्रीनिंग, लोक नृत्य, ध्रुवपद गायन, तिगुलबंदी वादन और क्यूरेटोरियल वॉक थ्रू, पोट्रेट एवं लाईन ड्राइंग वर्कशॉप, आदि शामिल है।