डीग और कुम्हेर की जनता ने विश्वेन्द्र सिंह का किया भव्य स्वागत

www.khaskhabar.com | Published : रविवार, 13 जनवरी 2019, 3:00 PM (IST)

भरतपुर। पर्यटन और देवस्थान मंत्री विश्वेन्द्र सिंह का शनिवार को कुम्हेर और डीग की जनता ने भव्य स्वागत किया। सिंह ने भरोसा दिलाया कि अब आम जनता की सरकार है। आपको सरकारी काम करवाने के लिए जयपुर नहीं जाना पडेगा, सरकार खुद गांव-गांव आकर आपकी समस्या का समाधान करेगी।

सिंह ने बताया कि चम्बल परियोजना का कार्य 6 माह में पूर्ण करवाना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गत सरकार की ढिलाई के कारण आम जन को समय पर इसका लाभ नहीं मिल पाया। गुड़गांव कैनाल के दूसरे फेज का कार्य शुरू करवाने का पूरा प्रयास कर रहा हूं, जिससे सिंचाई का रकबा बढे और किसान खुशहाल हो। जल संसाधन मंत्री बी डी कल्ला से इस सम्बन्ध में बात हो गई है।

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उन्होंने कहा कि जब फतेहपुर सीकरी में हर साल करोडों देशी-विदेशी पर्यटक आ सकते हैं तो कामां के मन्दिर, डीग का जल महल, वैर का सफेद महल , बयाना का किला और भरतपुर के महाराजाओं की छतरियां देखने करोडों पर्यटक क्यों नहीं आ सकते। आप साथ देकर, ट्यूरिज्म फ्रेंडली माहौल बनाओ। इन स्थानों को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करेंगे, बढिया मार्केटिंग करेंगे। इसके लिए सरकार टूर एण्ड ट्रेवल्स, गाइड, होटल मालिकों के साथ मिलकर साझा प्रयास करेगी। नई पर्यटन नीति से राज्य विशेषकर पूर्वी राजस्थान में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।

सिंह ने बताया कि चुनाव घोषणा पत्र का पालन करते हुये राज्य सरकार ने किसानों का कर्जा माफ किया लेकिन विपक्ष को यह पच नहीं रहा है। विपक्ष किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि सहकारी समितियों से लिया हुआ ऋण ही माफ किया गया है। राष्ट्रीयकृत बैंको से लिया हुआ वही ऋण माफ हुआ है जो डिफाल्ट हो गया था। यह सब भ्रम फैलाना विपक्ष की हताशा दर्शाता है। हम सभी किसानों को इस योजना का लाभ देने का प्रयास कर रहे हैं और इस सम्बन्ध में मंत्रीमण्डल समिति कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अब सुस्ती छोड कर चुस्ती से कार्य करें। आमजन की समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिये।

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बोर्ड बदले-डीग में जल महल के निरीक्षण के बाद सिंह ने हनुमान मन्दिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने पर्यटन विभाग के अधिकारी को निर्देश दिये कि मन्दिर के बारे में जानकारी देने वाला नया बोर्ड लगाये। उल्लेखनीय है कि यह मन्दिर महाराजा सवाई बृजेन्द्र सिंह ने 1942 में बनवाया था। इससे पूर्व भरतपुर से कुम्हेर तथा डीग जाने के समय जगह-जगह सिंह का भव्य स्वागत किया गया।

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