गोकुल ग्राम पर खर्च किए जाएंगे 12.5 करोड़ रुपए

www.khaskhabar.com | Published : मंगलवार, 04 दिसम्बर 2018, 8:44 PM (IST)

चंडीगढ़ । दूध और दूध पदार्थों का सीधा मंडीकरण और विशेषकर घरों तक पहुँचाना दूध उत्पादकों के लिए न केवल आमदन बढ़ाने के लिए लाभप्रद है बल्कि इससे बिचौलियों की मार से भी बचा जा सकता है। यह बात पंजाब के पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने ऐग्रोटैक-2018 के दौरान ‘सभ्य डेयरी फार्मिंग’ के विषय पर करवाए गए सेमीनार को संबोधित करते हुए कही ।
बलबीर सिद्धू ने कहा कि दूध के पेशों के साथ जुड़े किसानों की आमदन बढ़ाने के लिए अब बिचौलियों को दूध बेचने के पुराने और परंपरागत ढंग को बदलने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि सीधे मंडीकरण को उत्साहित करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा डेयरी किसानों, दूध उत्पादक कंपनियों, सेल्फ हेल्प ग्रुपों जिनके पास 50 दुधारू पशु हैं और 500 लीटर दूध का रोज़मर्रा का उत्पादन किया जाता है, को ऑटोमैटिक दूध दुहने का यूनिट स्थापित करने के लिए 4 लाख रुपए की सब्सिडी दी जा रही है।
इस संबंधी और जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि बीड़ दुसांझ, नाभा में देसी गायों को पालने और बचाने हेतु 12.5 करोड़ रुपए की लागत के साथ 75 एकड़ के क्षेत्रफल में एक गोकुल ग्राम भी बनवाया जा रहा है और देसी गायों की एक हरी-भरी सफारी भी स्थापित की जायेगी। इस सफारी में 600 प्रकार की देसी गायों जैसे साहिवाल, गिर, थारपरकर और रैडसिंधी आदि रखी जाएंगी। उन्होंने बताया कि गोकुल ग्राम में अब 200 गाएँ रखी गई हैं और इन अच्छी नस्ल की गायों को भविष्य में ब्रीडिंग के लिए सांड पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया जायेगा।

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