पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर बोली मायावती-कांग्रेस की राह पर है भाजपा

www.khaskhabar.com | Published : मंगलवार, 11 सितम्बर 2018, 4:20 PM (IST)

लखनऊ। देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि केंद्र की मौजूदा सरकार पूर्व की यूपीए सरकार की तरह वही फैसले ले रही है जिसके लिए पिछली सरकार की आलोचना हुई थी।

मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में बसपा प्रमुख ने कहा कि 2004 से 2009 के बीच यूपीए-वन के समय तो पेट्रोल को सरकार नियंत्रण से बाहर करने का फैसला कांग्रेस इसलिए नहीं ले पाई क्योंकि तब सहयोगी पार्टियों का दबाव था, लेकिन यूपीए-2 के समय जून 2010 में कांग्रेस ने इसे सरकारी नियंत्रण से बाहर कर दिया।

अब भाजपा भी इसी राह पर चल रही है जिसके चलते कीमतें आसमान छू रही हैं। केंद्र की वर्तमान सरकार अपने उद्योगपति दोस्तों को नाराज नहीं करना चाहती इसलिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम नहीं करना चाहती।

जनता सिखाएगी सबक...

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जनता सिखाएगी सबक...
मायावती ने कहा कि महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार पेट्रो पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण नहीं कर सकती क्योंकि इसके लिए अन्तर्राष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। बसपा केंद्र के इस जवाब पर सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र अगर चाहे तो महंगाई पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने भारत की जनता को लाचार बना दिया है। खासकर गरीबों को महंगाई के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। आने वाले चुनाव में जनता भाजपा को सबक सिखाएगी।

मायावती ने कहा कि यूपीए 2 की गलत नीतियों का खामियाजा उसे भुगतना पड़ा था, जनता ने उसे सत्ता से निकाल बाहर किया था। अब उसी राह पर केंद्र की मोदी सरकार भी है, जनता आने वाले चुनावों में इन्हें भी सबक सिखाएगी। उन्होंने आगे कहा कि अपनी देशविरोधी नीतियों के चलते बीजेपी सत्ता खो देगी।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत को लेकर कांग्रेस द्वारा बुलाए गए भारत बंद से दूरी पर मायावती ने कहा, ‘हमारी पार्टी गरीबों, दलितों, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों के हितों की लड़ाई लड़ती है। उसके विरोध का तरीका भी अलग होता है। भारत बंद के दौरान कुछ राज्यों में हिंसा हुई। जिसका हमारी पार्टी समर्थन नहीं करती।

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