आगरा के इस गांव में चाय और दूध के लिए तरस जाएंगे आप! जानिए क्या है मामला...

www.khaskhabar.com | Published : मंगलवार, 11 सितम्बर 2018, 2:12 PM (IST)

आगरा। उत्तरप्रदेश के आगरा में दुनिया का सातवां सबसे अजूबा ताजमहल है। जिसकी खूबसूरती को देखने के लिए दुनिया में सभी जगहों से लोग यहां इस ईमारत को देखने के लिए आते है।

आगरा शहर में एक चीज और सबसे खास है जिसके बारे में बहुत कम लोगों को ही पता है। दरअसल, आगरा शहर के निकट ही एक छोटा सा गांव है, जो काफी चर्चाओं में है।

आगरा से महज 2 किमी की दूरी पर है गांव...

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आगरा से महज 2 किमी की दूरी पर है गांव...
इस गांव के चर्चाओं में होने की वजह है वो सबसे अजीबोगरीब है। दरअसल, यहां पर एक भी चाय की दुकान नहीं है। जी हां, वैसे तो आज के समय में अपने देश के हर चौराहे या गली के नुक्कड़ पर चाय की दुकान आसानी से मिल जाती है।

लेकिन इस गांव की खासियत यह है की यहां पर चाय की एक दुकान तक नहीं है। इस गांव का नाम ‘कुआं खेड़ा’ है, और यह आगरा से महज 2 किमी की दूरी पर है।

चाय की एक भी दुकान नहीं...

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चाय की एक भी दुकान नहीं...
गांव में चाय की दूकान न होने के बाद एक और तथ्य है जो इस गांव को भारत के अन्य स्थानों से अलग करता है। असल में इस गांव में दूध को बेचना भी पाप माना जाता है।

गांव के स्थानीय लोगों की मान्यता है की यदि गांव में किसी ने दूध को पैसा लेकर किसी को बेचा तो गांव पर मुसीबतें आ जाएंगी। इस मान्यता के चलते ही इस गांव में दशकों से दूध को नहीं बेचा जाता है। हालांकि यहां आपको बहुत घरों में गाय या भैंसे बंधी मिलेंगी।

दूध का उत्पादन होता मिलेगा लेकिन दूध का व्यवसायीकरण आपको इस गांव में नहीं मिलेगा।

अनहोनी की वजह से लोग नहीं बेचते दूध...

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अनहोनी की वजह से लोग नहीं बेचते दूध...
इस गांव के लोगो के घर जो भी दूध होता है। उसका उपयोग ये लोग अपने ही घर में कर लेते हैं। यदि किसी वजह से दूध बच जाता है तो बिना पैसे लिए किसी अन्य व्यक्ति को दे देते हैं।

इस गांव के प्रधान का कहना है की ‘हमारे गांव में यह प्रथा दशकों से चल रही है। यदि कोई इस मान्यता को तोड़ता है तो उसके साथ अनहोनी घट जाती है।’

इस बात को अन्धविश्वास से भले ही जोड़ लें लेकिन गांव के लोगों के लिए यही विश्वास है। खैर दूध न बेचने के चलते गांव में कोई भी चाय की दुकान नहीं है।

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