सघन बागवानी वैज्ञानिक प्रबंधन: न्यूज़ीलैंड के विशेषज्ञ फिर हिमाचल दौरे पर

www.khaskhabar.com | Published : शनिवार, 08 सितम्बर 2018, 3:57 PM (IST)

शिमला। न्यूज़ीलैण्ड विशेषज्ञ इस माह से एक बार फिर हिमाचल के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वो सघन बागवानी के वैज्ञानिक प्रबंधन के अपने तीसरे चरण की जानकारी राज्य के बागवानी विभाग के तकनीकी अधिकारियों के साथ साझा करेंगे।

गौरतलब है की विश्व बैंक पोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजनाके तहत हाई टेक बागवानी को बढ़ावा देने के मकसद से न्यूज़ीलैण्ड के साथ पहले ही करार किया जा चुका है।इससे पहले भी न्यूज़ीलैण्ड के विदेशी विशेषज्ञों का ये दल हिमाचल प्रदेश के विभिन इलाको का दौरा कर चुका है।

इसी कड़ी में 29 सितम्बर, 2018 के दौरान विदेशी विशेषज्ञों के तीन विभिन्न दल बागवानी विभाग के तकनीकी अधिकारियों को प्रशिक्षित कर “मास्टर ट्रेनर” तैयार करने का काम करेंगे.बाद मेंपरियोजना के तहत किसानो को भी इसी तरह के विकसित वैज्ञानिक प्रबंधन के ट्रेनिंग दी जानी है।

पहला दल डॉएग्बरतो सोतों(Dr Egberto Soto) की अगुआई में प्रदेश के सब ट्रॉपिकल इलाको में आम, लीची और अमरुद से जुडी जानकारियों को साझा करेगा. डॉ फ्रैंक मास (DrFrank Mass) की अगुआई वाला दूसरा दल विभिन फलो की नर्सरी उत्पादन की बारीकियो पर अपनी जानकारी देगा. सेब और समशीतोषण फल से जुड़े तीसरे दल में फल पौध प्रबंधन के विशेषज्ञडॉ जैक हयूस और डॉ केन ब्रीन हैं। इन तीनो दलों को कीट और पोषण प्रबंधन सेजुड़ेडॉ. जिम लेकर (Dr. Jim Wlaker), डॉ माइक नेल्सन (Dr Mike Nelson), डॉ डेविड मैंकटेलो (Dr David Manktelow), डॉ. इयान होर्नेर(डॉ. Ian Horner) और डॉ रश्मि (Dr Rashmi)भी तकनीकी प्रशिक्षण देंगे.

सेबऔरसमशीतोषण फ्रूटबागबानी केफल पौध प्रबंधन (canopy management ) की जानकारियों को लेकर न्यूज़ीलैण्ड विशेषज्ञडॉ जैकहयूस(Jack Hughes) चार सितम्बर से चंबाके पांगी से अपना दौरा शुरू कर 6 और 7 सितम्बर कोचंबा विभाग के तकनीकी अधिकारियों और किसानो को फील्ड और क्लास रूम टैनिंग दे रहे है। इसके बाद वो शिमला में अपने 6 अन्य विभिन विषय विशेषज्ञों के साथ मिलकर एकीकृत कीट, एकीकृतपोषण और फल पौध प्रबंधन का ट्रेनिंग मैन्युअल प्रदेश के बागवानी और परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ चर्चा कर तैयार करेंगे. 18 और 19 को ये दल दो विभिन टीमो में बंटकर रामपुर और कुल्लू में तकनीकी अधिकारियों को क्लास रूम और फील्ड ट्रेनिंग देने के लिए जायेगा।

सब ट्रॉपिकल इलाको में डॉ.एग्बरतो सोतो का दौरा 7 सितम्बर से हमीरपुर से शुरू होगा जो वहां 10 सितम्बर तक ट्रेनिंग देने के बाद 11 से 14 सितम्बर तक नूरपुर के जाछ के बाद 15 सितम्बर से तीन दिनों के लिए मंडी और फिर 19 से 24 तक सिरमौर जिले के धौला कुआं और नाहन में मास्टर ट्रेनर को क्लास रूम और फील्ड ट्रेनिंग देने का काम करेंगे। वो 20 सितम्बर को मंडी के धर्मपुर तहसील सरकाघाट में अधिकारियों एवं किसानों के साथ एक दिन की कार्यशाला भी करेंगे।

तीसरे दल के रूप में डॉ फ्रैंक मास शिमला में 6 सितम्बर से अपना दौरा शुरू कर 9 सितम्बर को कुल्लू केपीसीडीओ किग्स और 10 सितम्बर को पीसीडीओ बजौरा के बाद 12 सितम्बर को पालमपुर पीसीडीओ में नर्सरी प्रबंधन, आयातित पौधों के संगरोध, बड वुड बैंक और मदर स्टूल से जुडी जानकारियों को वहां के तकनीकी अधिकारियों के साथ बांटेंगे. इसके बाद 13 को दाडलाघाट, 14 को अणु फ़ार्म और रोहडू और 15 सितम्बर को खदराला और दत्तनगर के पीसीडीओ का दौरा करेंगे।




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नर्सरी विशेषज्ञ फ्रैंक मॉस 16 सितम्बर को दत्तनगर और सराहन  के बाद वो 17 को शिमला और 18 को नौणी विश्वविद्यालय जायेंगे, जिसके बाद सोलन जिले के पीसीडीओ गौरा का भी दौरा करेंगे। 19 सितम्बर को बागथन और कवाग धार के बाद 20 को वो सोलन के उप निदेशक बागवानी के कार्यालय में तकनीकी अधिकारियों को जानकारी देने के बाद शिमला लौटेंगे, जहाँ इन दौरे के बाद वो अन्य विशेषज्ञों के तरह नर्सरी से जुडी पैकेज ऑफ़ प्रैक्टिस तैयार करने  के प्रारूप को बागवानी विभाग और परियोजना से जुड़े उच्च अधिकारियों के साथ की गई। चर्चा के बाद प्रदेश में अमलीजामा पहनाने की शुरूआती तैयारी करेंगे।

परियोजना के तहत न्यूज़ीलैण्ड के ये विशेषज्ञ नौनी विश्व विद्यालय के वैज्ञानिकों के साथ मिल कर सघन बागवानी से जुडी फलपौध प्रबंधन की पैकेज ऑफ़ प्रैक्टिस तैयार करने की दिशा में भी काम करेंगे जिससे प्रदेश के बागवान अंततः लाभान्वित हो सके।


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