हर नोट को छपने में लगते है इतने रुपए, जाने कहां-कहां छपते हैं नोट...

www.khaskhabar.com | Published : शुक्रवार, 07 सितम्बर 2018, 3:52 PM (IST)

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का ऐलान कर दिया था। इसके साथ ही 500 और 2000 रुपए का नया नोट भी लॉन्च किया था। नोटबंदी के बाद से बाजार में नए-नए नोट आ रहे हैं।

एक ओर जहां भारत सरकार ने नए नोटों का रंग-रूप बदला है तो वहीं दूसरी ओर पुरानी करेंसी की फौज में एक नए नोट की भी एंट्री हो गई है।

जो हर मायने में सभी नोटों के माई-बाप जैसा है। खैर यह बात तो आप सब बहुत अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि हर तरह की भारतीय करेंसी के छपने पर कितना खर्च आता है। आज हम आपको भारतीय करेंसी के छपने वाले नोटों के खर्च के बारे में बताने जा रहे है। आइए जानते हैं।

नोट छपाई पर खर्च...

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नोट छपाई पर खर्च...
आरटीआई के जवाब में सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 1 रुपए कीमत वाले इस नोट को छापने की असली कीमत 1 रुपए 14 पैसे पड़ती है।
5 रुपए का नोट छापने में 50 पैसे का खर्च आता है।
10 रुपए के 1000 नोट में 1010 रुपए का खर्चा आता है यानी एक नोट का खर्च 1.01 रुपए है।
20 रुपए के 1000 नोट में 1000 रुपए यानी एक नोट का खर्च 1 रुपए है।
50 रुपए के 1000 नोट में 1010 रुपए यानी एक नोट में 1.01 रुपए का खर्च आता है।
100 रुपए के 1000 नोट 1510 रुपए में छपते हैं। यानी एक नोट की की कीमत 1.51 रुपए है।
500 रुपए के 1000 नोट छापने में 2570 का खर्च आता है, यानी एक नोट का खर्चा 2.57 रुपए है।
2000 रुपए के 1000 नोट 4180 रुपए में छपते हैं और एक नोट की कीमत 4.18 रुपए है।
पुराने 500 के नोट में 1000 नोट में 3090 रुपए यानी एक नोट में 3.09 रुपए का खर्च आता था। जबकि पुराने 1000 रुपए का नोट 3.54 रुपए में छपता था।

भारत में इन जगहों पर छपते है नोट...

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भारत में इन जगहों पर छपते है नोट...
भारतीय करेंसी सिर्फ भारत सरकार के प्रिंटिंग प्रेस में ही छापे जा रहे हैं। भारतीय करेंसी के नोट भारत सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा छापे जाते हैं और यह सिर्फ सरकारी प्रिंटिंग प्रेस में ही छापे जाते हैं।

देशभर में चार प्रिंटिंग प्रेस हैं, जहां नोट छापे जाते हैं और सिक्के भी चार मिंट में बनाए जाते हैं। भारत में नोट छापने के उद्देश्य से साल 1926 में सरकार ने महाराष्ट्र के नासिक में एक प्रिंटिंग प्रेस शुरू की। जिसमें 100, 1000 और 10 हजार के नोट छापने का काम किया जा रहा था। हालांकि कुछ नोट इंग्लैंड से मंगाए जा रहे थे।

भारत में चार नोट छापने की प्रेस...

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भारत में चार नोट छापने की प्रेस...
साल 1947 में भारत के आजाद होने तक नोट छापने का जरिया नासिक प्रेस ही थी। उसके बाद साल 1975 में भारत की दूसरी प्रेस मध्यप्रदेश के देवास में शुरू की गई। उसके बाद साल 1997 तक इन दो प्रेस से नोट छापे जा रहे थे।

उसके बाद 1999 में मैसुर और 2000 में सलबोनी (पश्चिम बंगाल) में प्रेस शुरू की गई है। अब भारत में चार नोट छापने की प्रेस है। इसमें देवास की बैंक नोट प्रेस और नासिक की करेंसी नोट प्रेस वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाली सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में काम करते हैं।

वहीं मैसूर और सलबोनी के प्रेस भारतीय रिजर्व बैंक की सब्सिडियरी कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड के अधीन काम करते हैं। वहीं इंडियन गॉवर्मेंट मिंट (मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, नोएडा) में सिक्के, सरकारी मेडल और अवार्ड आदि बनाए जाते हैं।

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