विश्व कप के स्टार एमबाप्पे ने की यह गलती, 3 मैच का प्रतिबंध

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 06 सितम्बर 2018, 5:13 PM (IST)

पेरिस। पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) के फॉरवर्ड कीलियन एमबाप्पे पर एक मैच के दौरान प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को धक्का देने के लिए तीन मैच का प्रतिबंध लगाया गया है। एमबाप्पे पर यह प्रतिबंध फ्रेंच प्रोफेशनल फुटबॉल लीग (एलएफपी) ने लगाया है। एमबाप्पे ने फ्रांस को इस साल रूस में आयोजित फीफा विश्व कप जिताने में खास भूमिका निभाई थी।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, निमेस के खिलाफ पिछले सप्ताहांत खेले गए लीग-1 मैच में 19 वर्षीय एमबाप्पे को तेजी सवानिएर को धक्का देने के लिए लाल कार्ड दिखाया गया। इस मैच में अपने फाउल के लिए तेजी को भी लाल कार्ड दिखाकर मैदान से वापस भेज दिया गया था। एम्बाप्पे ने उनके फाउल पर पलटकर उन्हें धक्का दिया था।

इस घटना के बारे में एमबाप्पे ने कहा कि वे दोबारा ऐसा करने से नहीं घबराएंगे। इस प्रतिबंध के कारण वे सेंट-एटिएने, रेनेस और रीम्स के खिलाफ खेले जाने वाले घरेलू मैचों में पीएसजी क्लब के साथ नहीं खेल पाएंगे। इसकी घोषणा बुधवार को की गई।

‘चोट के बाद पैर गंवा बैठने का एहसास हुआ’


ये भी पढ़ें - अपने राज्य - शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

मैनचेस्टर। इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर युनाइटेड के डिफेंडर लूक शॉ ने कहा कि वर्ष 2015 में दाएं पैर में लगी चोट के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उन्होंने अपना पैर गंवा दिया है। चैम्पियंस लीग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में 23 वर्षीय शॉ को चोट लगी थी जिसके बाद वे पूरे सीजन नहीं खेल पाए थे। उन्हें स्पेन और स्विट्जरलैंड के खिलाफ होने वाले आगामी दोस्ताना मुकाबले के लिए इंग्लैंड की टीम में शामिल किया गया है।

शॉ ने कहा, मैं झूठ बोलूंगा अगर मैं यह कहूं कि मैंने फुटबॉल छोडऩे के बारे में नहीं सोचा। मुझे पैर में बहुत तकलीफ हुई और वह मेरे करियर का सबसे मुश्किल समय था। कोई नहीं जानता लेकिन मैं पैर गंवाने के बहुत करीब था। मुझे छह महीने बाद चिकित्सकों ने बताया कि मैं ठीक हूं। शॉ ने कहा, मैं अब पुराने समय के बारे में सोचना नहीं चाहता। अब मेरा पैर उसी तरह मजबूत है जैसे वो चोट लगने से पहले था। वे वर्ष 2014 में साउथम्पटन से मैनचेस्टर युनाइटेड में शामिल हुए थे।

ये भी पढ़ें - शनाका ने गेंदबाजी नहीं बल्लेबाजी में किया कमाल, श्रीलंका जीता