‘मुझे अपने रिफ्लेक्स और फुर्ती पर काम करने की जरूरत है’

www.khaskhabar.com | Published : बुधवार, 05 सितम्बर 2018, 6:48 PM (IST)

कोलकाता। एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली पहली महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी बनीं मनिका बत्रा का कहना है कि युगल स्पर्धाओं के लिए भारतीय खिलाड़ी अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन एकल स्पर्धाओं में जीत के लिए अधिक मेहनत करनी है। मनिका ने कहा कि उन्हें निजी तौर पर अपने रिफ्लेक्स और फुर्ती पर काम करने की जरूरत है।

भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका ने इंडोनेशिया में आयोजित हुए 18वें एशियाई खेलों में मिश्रित युगल वर्ग में भारत के अंचता शरथ कमल के साथ कांस्य पदक हासिल किया। हालांकि, वे महिला एकल वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में चीन की वांग मान्यु से हार गईं। आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में मनिका ने कहा कि एक टीम के तौर पर हम अच्छी फॉर्म में हैं।

एकल स्पर्धाओं में हमें काफी सुधार करने की जरूरत है। खासकर अपने एशियाई प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ मैचों में। उनके रिफ्लेक्स काफी अच्छे हैं। निजी तौर पर मुझे अपने रिफ्लेक्स और फुर्ती पर काम करने की जरूरत है, ताकि मैं उनकी क्षमता को टक्कर दे सकूं। मनिका ने कहा कि अपने खेल में सुधार कर उन्हें टोक्यो ओलम्पिक खेलों में चीन और अपनी अन्य एशियाई प्रतिद्वंद्वियों के प्रदर्शन के करीब पहुंचना है।

उन्होंने कहा कि वांग के खिलाफ मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था लेकिन मुझे एहसास हुआ कि उन्हें हराने के लिए मुझे काफी सुधार की जरूरत है। मैं आगामी टूर्नामेंटों के लिए अच्छी तैयारी करूंगी। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली टेबल टेनिस खिलाड़ी बनीं मनिका ने कहा कि वे अपने रिफ्लेक्स और फुर्ती पर ओलम्पिक खेलों की शुरुआत से पहले तक काम करती रहेंगी।

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भारत की 23 वर्षीया खिलाड़ी ने राष्ट्रमंडल खेलों में चार पदक जीते थे। अपने खेल के अलावा उनका लक्ष्य टेबल टेनिस की विश्व रैंकिंग में शीर्ष-40 खिलाडिय़ों में अपनी जगह बनाना है। वर्तमान में दिल्ली की निवासी मनिका 56वें स्थान पर हैं। मनिका ने कहा कि मेरा निजी लक्ष्य विश्व रैंकिंग में शीर्ष-30 या 40 खिलाडिय़ों में शामिल होना है। अभी मैं 56वें स्थान पर हूं और इसलिए मुझे सुधार की जरूरत है।

अपनी रैंकिंग में सुधार के लिए मुझे विदेशी जमीं पर कई टूर्नामेंट खेलने हैं और मैं उसके लिए भी तैयारी कर रही हूं। एशियाई खेलों के समापन के बाद मनिका अब 23 सितम्बर से शुरू होने वाले बेल्जियम ओपन में हिस्सा लेंगी। इसके बाद वे 15 नवम्बर को स्वीडिश ओपन में भी प्रतिस्पर्धा करेंगी। उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया है कि उनकी अगले साल यूरोपीय क्लबों में खेलने की भी योजना है लेकिन अभी इस बारे में बात करना जल्दबाजी होगी।

मनिका ने कहा कि वे जकार्ता से खाली हाथ वापस नहीं लौटना चाहती थीं। उन्हें इस बात का एहसास था कि एशियाई खेलों में प्रतिस्पर्धा राष्ट्रमंडल खेलों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होगी। ऐसे में जकार्ता पहुंचने पर उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें कुछ करना है और उन्हें किसी न किसी को हराना है।

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