CBSE छात्रों के लिए जरूरी खबर, परीक्षा देने वालो के लिए बदला नियम

www.khaskhabar.com | Published : रविवार, 19 अगस्त 2018, 09:57 AM (IST)

नई दिल्ली। क्या आप अगले साल (2019) में सीबीएसई बोर्ड में परीक्षा देने वाले है तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। दरअसल, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) आगामी 2019 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है। सीबीएसई बोर्ड ने देर से आने वाले छात्रों के लिए सख्ती बरतते हुए नया नियम लागू किया है। अब अगर कोई भी छात्र परीक्षा हॉल में देरी से पहुंचेगा तो उसे एंट्री नहीं मिलेगी।

भले आप ट्रैफिक में फंसे हुए हों, या कोई भी कारण हो। ज्वाइंट एंट्रेस एग्जाम (जेईई), एनईईटी, सीएटी जैसे एग्जाम की तरह सीबीएसई के क्लास 10 और 12वीं के एग्जाम में देर से एंट्री पूरी तरह से बैन होगी। सुत्रों के मुताबिक, अगर कोई परीक्षा 10.30 मिनट पर शुरू होती है तो परीक्षार्थी को 10.15 मिनट पर ही पहुंचना होगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि, एन्क्रिप्टेड प्रश्नपत्र और इस तरह के कदमों का उद्देश्य इस परीक्षा को और सुरक्षित करना है।

अब तक होता था ऐसा...

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अब तक होता था ऐसा...
अभी तक परीक्षा सेंटर 9.30 पर खुल जाता था। 10.15 तक पेपर छात्रों को बांट दिया जाता था। 15 मिनट उन्हें पेपर पढऩे के लिए मिल जाते थे। परीक्षा 10.30 से शुरू होती थी। मार्च अप्रैल 2018 तक 11 बजे तक लेट एंट्री की अनुमति थी। 11.15 तक इमरजेंसी एंट्री मिल जाती थी।

CAT और NEET जैसी परीक्षाओं में होता है
यही ...
सीएटी, जेईई और एनईईटी जैसे एग्जाम में वक्त की सबसे बड़ी पाबंदी होती है। इसमें तय समय के बाद एंट्री नहीं मिलती है। इसी तरह अब सीबीएसई भी अपनी परीक्षाओं में तय समय के बाद एंट्री नहीं देगा। पेपर लीक और दूसरी घटनाओं के बाद ये कदम उठाया गया है। मंत्रालय के अनसुार, सीबीएसई ने इसके लिए बाकायदा सर्कुलर जारी कर दिया है।

इनक्रिप्टेड प्रश्न पत्र की भी होगी शुरुआत...

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इनक्रिप्टेड प्रश्न पत्र की भी होगी शुरुआत...
सीबीएसई 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के लिए अगले साल से इनक्रिप्टेड प्रश्न-पत्रों का इस्तेमाल करेगा और इन प्रश्न-पत्रों की छपाई की जिम्मेदारी स्कूलों पर होगी।

इनक्रिप्टेड प्रश्न-पत्रों का मतलब यह है कि उन्हें भेजने वाले (सीबीएसई) और उन्हें प्राप्त करने वाले (परीक्षा केंद्र) के बीच इन प्रश्न पत्रों को कोई देख नहीं पाएगा।

बोर्ड के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने बताया, ‘हम पूरक परीक्षाओं के दौरान पायलट आधार पर इसका परीक्षण कर रहे हैं जिसमें परीक्षा से 30 मिनट पहले ईमेल के जरिए प्रश्न-पत्र दिए जाएंगे। पासवर्ड केंद्र के अधीक्षक को अलग से भेजे जाएंगे और केंद्रों में ही प्रश्न-पत्रों की छपाई और फोटो कॉपी होगी।

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