MSU, उदयपुर में प्रोफेसर पद पर हुई भर्ती की जाँच करेंगें लोकायुक्त, गर्वनर ने दिए आदेश

www.khaskhabar.com | Published : शुक्रवार, 10 अगस्त 2018, 8:07 PM (IST)

उदयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में हुई भर्ती में धांधली की जांच के बाद अब राज्यपाल कल्याण सिंह ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर में बायोटेक्नोलोजी विभाग में प्रोफेसर के पद पर हुई भर्ती की जाँच लोकायुक्त को सौंप दी है। राज्य के विश्वविद्यालयो के किसी भी मामले में लोकायुक्त से जाँच करवाने का कदाचित यह पहला मामला है।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय में अभी हाल ही में बायोटेक्नोलोजी विभाग में प्रोफेसर के पद पर डॉ. राजेश कुमार दुबे की नियुक्ति की गई है। इस नियुक्ति के सम्बन्ध में शिकायते थी कि दूबे का ए.पी.आई. स्कोर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित मापदण्ड़ों से कम है साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा ‘आउटस्टेण्डिंग केटेगरी‘ में नियुक्ति हेतु भी कोई मापदण्ड स्थापित नहीं थे। इनकी नियुक्ति की प्रक्रियाओं में तमाम अनियमित्ताओं की शिकायत थी। पूर्व में दूबे जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर में स्थापित एचआरडीसी में निदेशक पद पर कार्यरत थे जहां से इनको अनापत्ति प्रमाणपत्र के अभाव, बिना इस्तीफे व रीलीव हुए बगैर सुखाडिया विश्वविद्यालय में कार्यग्रहण भी करवा लिया गया था।

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भर्ती में हुई तमाम अनियमित्ताओं के संबंध में सुखाडिया विश्वविद्यालय के कुलपति से भी स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया परन्तु समस्त परिस्थितियों में प्रकरण को राज्यपाल ने अत्यन्त गंभीर प्रकृति का मानते हुए मामले कि जाँच लोकायुक्त से करवाने का निर्णय लिया ।राज्यपाल ने लोकायुक्त से अपेक्षा कि है वे इस नियुक्ति प्रक्रिया में हुई अनियमित्तताओं की विस्तार से जाँच करें तथा नियुक्ति के संबंध में यूजीसी के नियमों के तहत व विश्वविद्यालय के अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानों को गहराई से देखें।


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