भरपूर एक्शन और आतंकवादियों का खात्मा ‘विश्वरुपम-2’

www.khaskhabar.com | Published : शुक्रवार, 10 अगस्त 2018, 7:08 PM (IST)

फिल्म : विश्वरुपम-2
निर्माता : कमल हासन
निदे्रशक : कमल हासन
कलाकार : कमल हासन, पूजा कुमार, राहुल बोस, शेखर कपूरए एंड्रिया जरमिया


कमल हासन की फिल्म ‘विश्वरूपम-2’ आज रिलीज हो गई है। इस फिल्म का साल 2013 में विश्वरुप के नाम से प्रीक्वल आया था। इस फिल्म की खासियत यह है यह तमिल के साथ-साथ हिंदी में भी शूट हुई है। किसी तरह की डबिंग का इस्तेमाल नहीं किया गया है! उम्मीद के मुताबिक कमल हासन ने एक निर्माता-निर्देशक के तौर पर एक भव्य फिल्म का निर्माण किया है। किसी तरह की कोई कसर निर्माण के दौरान नहीं छोड़ी सिवाय कहानी के।

फिल्म के सभी किरदार विश्वरूपम से मिलते-जुलते हैं, जिसमें विशाम अहमद कश्मीरी (कमल हासन) को कई आतंकियों के बीच दिखा गया है। विश्वरूपम-2 में यह बहुत कम और एक फ्लैशबैक में जाकर देखने को मिलता है। 2013 में जब इस फिल्म का पहला पार्ट आया था तो जमकर विवाद हुए थे। इस बार फिल्म में ऐसा कोई विवादस्पद पहलू नजर नहीं आता।

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कहानी :-
फिल्म कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां विश्वरुपम-1 पर खत्म हुई थी। रॉ एजेंट मेजर विशाम अहमद कश्मीरी (कमल हासन) अपनी पत्नी निरूपमा (पूजा कुमार) और अपनी सहयोगी अस्मिता (ऐंड्रिया जेरेमिया) के साथ अलकायदा के मिशन को पूरा करके लौट रहा है। अब उस पर नई जिम्मेदारियां हैं। इस बार भी उसका लक्ष्य कुरैशी (राहुल बोस) द्वारा फैलाए गए आतंकवाद को समाप्त करना होता है। इस मिशन में उसके साथ उसकी पत्नी और सहयोगी के अलावा कर्नल जगन्नाथ (शेखर कपूर) भी हैं। मिशन में उनकी मुलाकात अलग-अलग तरह के लोगों और घटनाओं से होती है, जिसका सामना करते हुए विशाम को काफी परेशानियों को झेलना पडाता है।

आतंकवाद के नासूर को रोकने की उसकी इस लड़ाई में उसे जान से मारने की कोशिश भी की जाती है और उसकी सहयोगी अस्मिता अपनी जान से हाथ धो बैठती है, मगर इन चुनौतियों से उसके हौसले पस्त नहीं होते। उसे देश में होने वाले 66 बम धमाकों के खौफनाक कारनामे को रोकना है। उसकी हिम्मत को तोडऩे के लिए अल्जाइमर से पीडि़त उसकी मां (वहीदा रहमान) को भी मोहरा बनाया जाता है। सलीम (जयदीप अहलावत) कुरैशी की आतंकी विरासत को आगे बढ़ाता है। क्या विशाम देश को आतंक की आंधी से तहस-नहस होने से बचा पाएगा। इसके लिए आपको सिनेमाघरों की रुख करना पडेगा।

अभिनय :-
अभिनय की बात करें तो निश्चित तौर पर कमल हासन ने अच्छा काम किया है। निरुपमा बनी पूजा कुमार भले ही अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा में नाम करके आई हों मगर इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस फिल्म को नीचे की ओर ले जाती है। अस्मिता सुब्रमण्यम बनी एंड्रिया ने अपना किरदार बहुत ही सहजता से निभाया। शेखर कपूर एक माने हुए निर्देशक हैं मगर एक अभिनेता के तौर पर पूरी फिल्म में ऊर्जाहीन नजर आए। वहीदा रहमान जैसी लेजेंडरी एक्ट्रेस फिल्म में जरूर हैं और उन्होंने एक समर्थ कलाकार होने के नाते शानदार परफॉर्मेंस भी दी।