तृणमूल प्रतिनिधि मंडल को सिलचर हवाईअड्डे पर रोका गया

www.khaskhabar.com | Published : गुरुवार, 02 अगस्त 2018, 8:32 PM (IST)

गुवाहाटी। असम के सिलचर में कुमभिरग्राम हवाईअड्डे पर उस वक्त तनाव फैल गया, जब तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को यहां जिला प्रशासन ने हवाईअड्डे से बाहर निकलने और लोगों से मिलने से रोक दिया।

छह सांसदों और दो विधायकों वाले इस प्रतिनिधिमंडल को अधिकारियों ने पूरे कछार जिले में धारा 144 लागू होने के कारण हवाईअड्डे पर एक कमरे में रखा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल तृणमूल के एक सदस्य ने कहा कि हम लोग सिलचर में कुछ लोगों से बात करने वाले थे।

जब हम विमान से उतरे, जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने हमें हवाईअड्डे से बाहर निकलने से रोका और बाद में हमें एक कमरे में रखा। असम पुलिस ने गुरुवार को तृणमूल के प्रतिनिधिमंडल के यहां आने के मद्देनजर बराक घाटी के जिलों खासकर सिलचर शहर में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी।

तृणमूल के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से कहा कि वे लोग दो सदस्यों वाले चार अलग-अगल समूहों में बाहर जाएंगे जिससे धारा 144 का उल्लंघन नहीं होगा। जिला प्रशासन ने इस आग्रह को खारिज कर दिया। तृणमूल टीम में शामिल महिलाओं समेत कुछ लोग हवाईअड्डे पर प्रतिनिधिमंडल और पुलिस के बीच झड़प में चोटिल भी हो गए।

असम सरकार ने 30 जुलाई को नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) मसौदे को प्रकाशित किया जिसमें 2.89 करोड़ लोगों के नाम शामिल हैं जबकि कुछ कमियों के चलते मसौदे से 40 लाख लोगों को बाहर रखा गया। तृणमूल, खासकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी असम एनआरसी अपडेट प्रक्रिया की मुखर विरोधी रही है।

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उन्होंने असम से बंगालियों और मुस्लिमों को बाहर निकालने के लिए दिल्ली और असम में सरकार पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। बनर्जी ने यह भी कहा था कि एनआरसी से असम में गृहयुद्ध की स्थिति पैदा हो जाएगी।

उन्होंने सरकार से इसे तत्काल रोकने की अपील की। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एनआरसी के संबंध में भडक़ाने वाले बयान देने पर चेतावनी दी है और कहा कि एनआरसी के बारे में बाहरी लोगों द्वारा दिए जा रहे बयान को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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